बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा जहानाबाद के गांधी मैदान में खादी मेला सह उद्यमी बाजार का उद्घाटन जिला पदाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडेय ने किया। यह मेला 24 मार्च से 04 अप्रैल 2025 तक चलेगा।
Khadi Fair cum Entrepreneurial Market Inaugurated in Jehanabad
खादी वस्त्र और बिहार निर्मित उत्पादों के स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र
बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड, पटना द्वारा जहानाबाद के गांधी मैदान में आयोजित खादी मेला सह उद्यमी बाजार का शुभारंभ आज 26 मार्च 2025 को हुआ। जिला पदाधिकारी अलंकृता पांडेय ने इस मेले का उद्घाटन किया। यह मेला 24 मार्च से 04 अप्रैल 2025 तक चलेगा।
उद्घाटन समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति:
- पुलिस अधीक्षक श्अरविंद प्रताप सिंह
- संतोष श्रीवास्तव, सचिव, खेल संघ जहानाबाद
- ज़िला खादी ग्रामोद्योग पदाधिकारी अभय सिंह
- खादी बोर्ड के कर्मचारी
खादी और स्थानीय उत्पादों का विशाल प्रदर्शन
जिला पदाधिकारी ने खादी और ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के लिए इस मेले की सराहना की और इसे रोजगार सृजन एवं स्थानीय उत्पादों के प्रचार-प्रसार का बेहतरीन माध्यम बताया।
मेला के मुख्य आकर्षण:
- 140 स्टॉल, जिनमें बिहार निर्मित खादी वस्त्र, हस्तशिल्प एवं स्थानीय उत्पाद उपलब्ध हैं।
- 30% तक की छूट खादी उत्पादों पर।
- मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना से जुड़े स्वरोजगार उत्पाद जैसे पापड़, अचार, तीसी के लड्डू, सत्तू।
- मिथिला पेंटिंग, तसर सिल्क, सूजनी कढ़ाई, सिल्क जैकेट एवं बंडी जैसी पारंपरिक कला का प्रदर्शन।
खादी उद्योग और बिहार का आर्थिक विकास
बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी श्री निखिल धनराज निप्पणीकर ने बताया कि इस मेले में गोपालगंज, मधुबनी, भागलपुर, सिवान, गया सहित कई जिलों के उत्पाद प्रदर्शित किए गए।











वित्तीय वर्ष 2024-25 में बिहार में खादी उद्योग की प्रगति:
- 9 जिलों में खादी मेले का आयोजन किया गया, जिससे कुल 90.89 करोड़ रुपये की बिक्री हुई।
- मुख्यमंत्री खादी एवं ग्रामोद्योग योजना के तहत 650 आधुनिक चरखा, 150 करघा वितरित किए गए।
- 28 खादी संस्थाओं को कार्यशील पूंजी के रूप में 3.25 करोड़ रुपये का वितरण।
- रिबेट योजना के तहत 3.60 करोड़ रुपये की छूट प्रदान की गई।
- 52 जिलों में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की योजना।
स्थानीय रोजगार और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक कदम
यह खादी मेला सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों के लिए एक बड़ा मंच है। सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर स्थानीय उत्पादों को डिजिटल और राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
निष्कर्ष
बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा आयोजित खादी मेला सह उद्यमी बाजार न केवल स्थानीय उत्पादों को बाजार प्रदान करता है, बल्कि स्वरोजगार को बढ़ावा देने और खादी वस्त्रों की लोकप्रियता को भी पुनर्जीवित करता है।
“स्थानीय उत्पाद, आत्मनिर्भर भारत की ओर एक मजबूत कदम।”
खादी मेला 2025, जहानाबाद खादी मेला, बिहार ग्रामोद्योग, उद्यमी बाजार, खादी उद्योग, स्थानीय उत्पाद, बिहार हस्तशिल्प, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, डिजिटल बिहार, खादी वस्त्र, स्वदेशी उत्पाद
Author: AK
! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !












