जहानाबाद में बाल एवं किशोर श्रम के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिला धावा दल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बाल श्रमिक को मुक्त कराया है। यह कार्रवाई राजाबाजार स्थित एक मिठाई दुकान में की गई। प्रशासन ने बाल श्रम कराने वाले नियोजकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि कानून का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय के निर्देश पर श्रम अधीक्षक जहानाबाद द्वारा गठित जिला धावा दल लगातार बाल एवं किशोर श्रम के खिलाफ सघन जांच अभियान चला रहा है। इसी क्रम में राजाबाजार स्थित “स्वागतम स्वीट्स” में छापेमारी कर एक बाल श्रमिक को मुक्त कराया गया। जानकारी के अनुसार यह प्रतिष्ठान सुनील कुमार गुप्ता द्वारा संचालित किया जा रहा था। जांच के दौरान वहां कार्यरत एक बाल श्रमिक पाया गया, जो पटना जिले का रहने वाला है। धावा दल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बाल श्रमिक को मुक्त कराया और उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर बाल गृह भेज दिया।

श्रम अधीक्षक मृत्यंजय कुमार झा ने बताया कि बाल श्रम एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के तहत नियोजक के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी दुकान, होटल या प्रतिष्ठान में बाल श्रमिकों से काम कराना पूरी तरह गैर-कानूनी है। ऐसे मामलों में नियोजक पर 20 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना तथा दो वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।
उन्होंने यह भी बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार प्रति बाल श्रमिक 20 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि भी नियोजक से वसूली जाएगी। राशि जमा नहीं करने पर संबंधित नियोजक के विरुद्ध नीलाम-पत्र वाद दायर किया जाएगा। प्रशासन ने सभी दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों को चेतावनी दी है कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों एवं 18 वर्ष से कम आयु के किशोरों को खतरनाक कार्यों में नियोजित करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि यदि कहीं भी बाल श्रम की सूचना मिले तो तत्काल श्रम विभाग अथवा विभागीय व्हाट्सएप नंबर 9471229133 पर जानकारी दें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके। इस अभियान में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अजय बाबू यादव, रामबाबू कुमार, शक्ति कुमार, पद्मजा, नवीन कुमार, पवन कुमार सहित स्थानीय थाना की पुलिस टीम मौजूद रही।
Jehanabad News: Major action against child labour, one child labourer freed from sweets shop.


















