झारखंड में पेपर लीक विवाद के बीच सरकार ने JPSC की कई परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया है। जानिए जांच, गिरफ्तारियां और आगे की पूरी कहानी।
Jharkhand Paper Leak: JPSC Exams Cancelled

झारखंड में इन दोनों पेपर लीक मामले में छात्रों का लंबे समय से प्रदर्शन चल रहा है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा तीन जुलाई 2022 को आयोजित जूनियर इंजीनियर नियुक्ति परीक्षा के पेपर लीक मामले में एसआईटी को बड़ी सफलता मिली है।
दिल्ली स्थित बायनसिस टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड की परीक्षा एजेंसी के मैनेजर कृष्ण कुमार और पूर्व अभ्यर्थियों रंजीत मंडल, दीपक कुमार, अभिषेक कुमार तथा दीपक श्रीवास्तव को जेपीसीसी 2022 पेपर लीक मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
पेपर लीक के पूरे नेटवर्क की पड़ताल जारी
सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, इसी मामले में फरार चल रहे एजेंसी के निदेशक सह मैनेजर अरुण कुमार को भी मुंबई से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अब उससे पूछताछ कर पेपर लीक के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
परीक्षा में शामिल एजेंसी की भूमिका भी जांच के दायरे में आई
गौरतलब है कि यह परीक्षा 1279 पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित की गई थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र और उसके उत्तर के बाजार में पहुंचने के आरोप सामने आए थे। जांच में यह भी सामने आया कि परीक्षा से पहले कथित तौर पर प्रश्नों के उत्तर लिखे हुए उपलब्ध कराए गए थे, जिन्हें अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया।
मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ परीक्षा संचालन में शामिल एजेंसी की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। एसआईटी को जांच के दौरान एजेंसी की कथित मिलीभगत से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलने के बाद उसके निदेशक अरुण कुमार तक पहुंचने में सफलता मिली। इस मामले में इससे पहले भी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब परीक्षा संचालन एजेंसी के निदेशक की गिरफ्तारी के बाद जांच की दिशा और व्यापक हो गई है। एसआईटी यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले किस स्तर पर लीक हुआ, उसे किसने हासिल किया और फिर किन लोगों के माध्यम से अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया।
मुख्यमंत्री ने की घोषणा, रद्द किए परीक्षा

इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने सदन में घोषणा की कि 14वीं जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा (PT) समेत वर्ष 2023 और 2025 में जेपीएससी द्वारा आयोजित की गई परीक्षाओं को रद्द किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने 11वीं और 13वीं जेपीएससी परीक्षा, एफआरओ, एपीपी तथा टीडीपीएल द्वारा आयोजित परीक्षाओं की भी जांच कराने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री के इस एलान के बाद जेएसएससी सीजीएल परीक्षा भी जांच के दायरे में आ गई है।
दरअसल, टीडीपीएल ने ही जेएसएससी सीजीएल परीक्षा का आयोजन किया था। ऐसे में सरकार के फैसले को प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की व्यापक जांच के तौर पर देखा जा रहा है।
Author: AK
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