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Jehanabad News: काको बाजार में फोर लेन सड़क की नपाई से बढ़ी बेचैनी, बाइपास की उम्मीद बनी सहारा

Jehanabad News: काको बाजार में फोर लेन सड़क की नपाई से बढ़ी बेचैनी, बाइपास की उम्मीद बनी सहारा
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अरवल-बिहारशरीफ फोरलेन सड़क परियोजना को लेकर सरकार ने डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करना शुरू कर दिया है। इसी सिलसिले में  काको बाजार में सड़क की नपाई की गई। लेकिन इस नपाई ने विकास की राह पर सवाल नहीं, बल्कि घर-दुकान बचाने की चिंता को हवा दे दी है।

काको बाजार, जो पहले ही अपनी संकरी सड़कों और बढ़ते ट्रैफिक से जूझ रहा है, आज पूरे दिन एक अलग ही तनाव में दिखा। नपाई के लिए जब अधिकारी और सर्वे टीम बाजार में पहुँची, तो हर किसी की नजरें टेढ़ी हो गईं। बाजार के दुकानदारों से लेकर घरों के सामने बैठे बुजुर्गों तक ,सबके मन में एक ही सवाल था: “क्या अब हमारा घर बचेगा?”

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दुकानदार संजय प्रसाद कहते हैं, “ये दुकान मेरे पिता ने 1980 में खोली थी। यहीं से घर चलता है। अब अगर ये फोरलेन सड़क इसी रूट से बनती है, तो सब खत्म हो जाएगा।”
वहीं सब्जी विक्रेता रंजू देवी की आंखें भर आईं। बोलीं, “हम तो कर्ज लेकर यह छप्पर डलवाए थे, अब सुन रहे हैं कि सब हटेगा। कहां जाएं हम?”

बाइपास की संभावना बनी उम्मीद की किरण

हालांकि कुछ स्थानीय लोगों में एक दूसरी उम्मीद भी पल रही है। चर्चा है कि काको बाजार से कुछ ही दूरी पर एक बाइपास की भी योजना बन रही है। अगर बाइपास बनता है, तो बाजार को तोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस बात ने लोगों को थोड़ी राहत दी है।

मलिक टोला के रहने वाले मो. तारिक कहते हैं, “अगर सरकार बाइपास बनाए, तो दोनों फायदे होंगे , ट्रैफिक भी नहीं फंसेगा और घर-दुकान भी बचेंगे। कई लोग तो अभी से बाइपास के संभावित रूट पर ज़मीन खरीदने की बात कर रहे हैं।”

अब तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि सड़क का अंतिम रूट क्या होगा , बाजार के बीच से या बाइपास से? लेकिन जब तक यह स्पष्ट नहीं हो जाता, तब तक काको बाजार में बेचैनी बनी रहेगी।

सड़क चौड़ीकरण से जाम से मुक्ति संभव

यह भी सच है कि वर्तमान में काको बाजार जाम की गंभीर समस्या से जूझता है। शादी-ब्याह या स्कूल-कॉलेज के समय पर यहां से पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। अगर फोरलेन सड़क बनती है, तो यह समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।

अब क्या?

अब सबकी निगाहें डीपीआर की फाइनल रिपोर्ट और सरकार की मंशा पर टिकी हैं। सवाल ये नहीं कि सड़क चाहिए या नहीं , सवाल है कि किस कीमत पर? क्या विकास के नाम पर एक पीढ़ी की बसी-बसाई दुनिया उजड़ेगी? या सरकार ऐसा रास्ता निकालेगी, जिसमें बाजार का दिल न टूटे और विकास की रफ्तार भी न रुके?

Jehanabad News: Uneasiness increased due to the measurement of four lane road in Kako Bazar, hope of bypass became the support

AK
Author: AK

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