DW Samachar – Header
BREAKING

Jehanabad News:नहीं देखी ऐसी भक्ति…! जंजीरों में बंधकर बाबा नगरी पहुंचा भोलेनाथ का भक्त

Jehanabad News:नहीं देखी ऐसी भक्ति...! जंजीरों में बंधकर बाबा नगरी पहुंचा भोलेनाथ का भक्त
IMG_20250715_114716

जहानाबाद/देवघर श्रावण मास में भोलेनाथ की भक्ति अपने चरम पर है। देशभर में श्रद्धालु सुल्तानगंज से देवघर तक की कठिन पैदल यात्रा कर बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। लेकिन इस वर्ष की कांवर यात्रा में एक दृश्य ऐसा भी देखने को मिला, जिसने श्रद्धा, प्रायश्चित और आत्मशुद्धि को एक नया रूप दे दिया। यह दृश्य था एक भक्त का, जो जंजीरों में जकड़ा हुआ, सिर झुकाए, गले और हाथ-पैरों में जंजीरें डाले, कांवर लेकर बाबा नगरी की ओर बढ़ रहा था।

भक्ति में समर्पण का अद्भुत उदाहरण

यह अद्वितीय भक्त हैं बिहार के जहानाबाद निवासी शंभू कुमार, जिन्हें लोग अब शंभू बम के नाम से पुकारते हैं। बीते दो दशकों से शंभू लगातार सावन में बाबा बैद्यनाथ के दरबार में हाज़िरी लगा रहे हैं, लेकिन इस बार की यात्रा कुछ खास है—कुछ अनोखी है।

Digital Women Trust

भोलेनाथ के सपने से शुरू हुआ आत्मशुद्धि का सफर

शंभू बम का दावा है कि उन्हें सपने में खुद भोलेनाथ ने दर्शन दिए और कहा कि “तुमसे एक गलती हुई है, उसका प्रायश्चित जरूरी है। इस बार मेरे दरबार में कैदी बनकर आओ।” भोले के इस आदेश को उन्होंने संकल्प के रूप में स्वीकार किया और खुद को जंजीरों में जकड़ लिया। शंभू का कहना है कि यह यात्रा सिर्फ भक्ति नहीं, उनके लिए आत्मशुद्धि और प्रायश्चित की राह है।

भीड़ में विशेष बन गया एक चेहरा

जब कांवरियों के बीच शंभू बम का प्रवेश हुआ, तो हर आंखें उनकी ओर ठहर गईं। भगवा वस्त्र पहने, पूरी तरह जंजीरों से बंधे इस भक्त की छवि ऐसी थी मानो वह किसी जेल से आया हो, लेकिन चेहरे पर भक्ति का तेज साफ झलक रहा था। यह आस्था की वह पराकाष्ठा है, जो किसी को भी भीतर से झकझोर सकती है।

श्रद्धा के अनेक रूप, लेकिन भाव एक

श्रावणी मेले में कोई नाचते-गाते डीजे पर कांवर उठाए बाबा के दर पर जाता है, तो कोई मौन व्रत धारण कर पैदल चलता है। लेकिन शंभू बम की भक्ति ने इस वर्ष की यात्रा को एक भावनात्मक ऊंचाई दी है। भले ही श्रद्धा के रूप अलग हों, लेकिन लक्ष्य एक है—बाबा भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करना।

भक्ति का यह स्वरूप दिखाता है कि जब आस्था सच्ची हो, तो इंसान हर कठिनाई को हंसकर गले लगा सकता है। शंभू बम जैसे भक्त हमें याद दिलाते हैं कि भक्ति सिर्फ पूजा नहीं, आत्मानुशासन और आत्मचिंतन का मार्ग भी है।

Jehanabad News: I have never seen such devotion…! Bholenath’s devotee reached Baba Nagari in chains

AK
Author: AK

! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !

Relates News

Advertisement

⚡ लाइव अपडेट
खबरें लोड हो रही हैं…

लेटेस्ट न्यूज़