जहानाबाद जिले में ईद-उल-अज़हा यानी बकरीद का पर्व पूरे उत्साह, भाईचारे और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। गांव से लेकर शहर तक मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बड़े अदब और एहतराम के साथ ईद-उल-अज़हा की वाजिब नमाज़ अदा की। जिले की सभी ईदगाहों और मस्जिदों में सुबह से ही नमाज़ियों की भारी भीड़ देखने को मिली, जहां लोगों ने जमात के साथ नमाज़ पढ़कर अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। बकरीद के मौके पर जहानाबाद जिले के विभिन्न इलाकों में खास रौनक देखने को मिली। नमाज़ अदा करने के लिए लोग नए कपड़ों में सज-धज कर ईदगाहों और मस्जिदों में पहुंचे। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी भाईचारे एवं सौहार्द का संदेश दिया। त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। ईदगाहों, मस्जिदों, चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। वहीं, कई स्थानों पर लगे मेले और अस्थायी बाजार लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मेले में खिलौने, मिठाइयों और खान-पान की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दरअसल, ईद-उल-अज़हा त्याग, बलिदान और इंसानियत का पर्व माना जाता है। इस दिन हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की कुर्बानी और उनकी सुन्नत को याद करते हुए मुस्लिम समुदाय के लोग बकरों की कुर्बानी देते हैं। परंपरा के अनुसार यह पर्व तीन दिनों तक मनाया जाता है। परिवार के बड़े सदस्य द्वारा कुर्बानी की रस्म अदा की जाती है और जरूरतमंदों के बीच मांस का वितरण कर इंसानियत और भाईचारे का संदेश दिया जाता है। कुल मिलाकर जहानाबाद जिले में बकरीद का पर्व शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ।
Jehanabad News: Bakrid celebrated with brotherhood and devotion, prayers offered for peace.


















