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Bihar Cabinet Approves 10 EVs: पटना हाईकोर्ट के जजों के लिए 10 नए EV और हाइब्रिड वाहन, सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला

बिहार कैबिनेट ने पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के लिए 10 नए EV और हाइब्रिड वाहनों की खरीद को मंजूरी दी। 3.70 करोड़ रुपये आकस्मिकता निधि से जारी होंगे। Bihar Cabinet Approves 10 EVs for Patna High Court Judges पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के लिए 10 नए EV और Hybrid वाहन, बिहार कैबिनेट ने दी मंजूरी … Read more

Bihar Cabinet Approves 10 EVs for Patna High Court Judges

बिहार कैबिनेट ने पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के लिए 10 नए EV और हाइब्रिड वाहनों की खरीद को मंजूरी दी। 3.70 करोड़ रुपये आकस्मिकता निधि से जारी होंगे।

Bihar Cabinet Approves 10 EVs for Patna High Court Judges

पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के लिए 10 नए EV और Hybrid वाहन, बिहार कैबिनेट ने दी मंजूरी

बिहार की राजनीति और प्रशासनिक फैसलों के बीच गुरुवार को पटना से एक अहम खबर सामने आई। राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के लिए 10 नए इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों की खरीद के फैसले को लेकर हो रही है। बिहार सरकार ने इस योजना के लिए 3 करोड़ 70 लाख रुपये जारी करने की मंजूरी दे दी है। यह राशि बिहार राज्य आकस्मिकता निधि से दी जाएगी।

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सरकार के इस फैसले को सिर्फ प्रशासनिक सुविधा से जोड़कर नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे बिहार में पर्यावरण के अनुकूल तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़े कदम के तौर पर भी माना जा रहा है। राजधानी पटना में बढ़ते ट्रैफिक, प्रदूषण और आधुनिक सरकारी व्यवस्थाओं की जरूरत के बीच यह फैसला कई मायनों में खास माना जा रहा है।

मुख्य सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक, 27 प्रस्तावों पर लगी मुहर

पटना के मुख्य सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे। प्रशासनिक और विकास से जुड़े कई विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

इसी बैठक में पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के लिए आधुनिक वाहनों की खरीद का प्रस्ताव रखा गया। प्रशासी पदवर्ग समिति ने पहले ही इस पर सहमति दे दी थी। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद आगे की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।

राज्य सरकार का कहना है कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस मद के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं थी। इसलिए आकस्मिकता निधि से अग्रिम राशि जारी करने का फैसला लिया गया ताकि खरीद प्रक्रिया में देरी न हो।

क्या होंगे नए वाहन?

सरकार की ओर से साफ किया गया है कि पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के उपयोग के लिए इलेक्ट्रिक वाहन यानी EV और हाइब्रिड वाहन खरीदे जाएंगे। इसका मतलब है कि पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों की जगह ऐसी गाड़ियां लाई जाएंगी जो कम ईंधन खर्च करें और प्रदूषण भी कम फैलाएं।

EV वाहन क्यों खास हैं?

इलेक्ट्रिक वाहन पूरी तरह बैटरी से चलते हैं। इनमें पेट्रोल या डीजल की जरूरत नहीं होती। इससे ईंधन खर्च घटता है और पर्यावरण को नुकसान भी कम होता है।

हाइब्रिड वाहन क्यों चुने गए?

हाइब्रिड वाहन बैटरी और ईंधन दोनों पर चलते हैं। लंबी दूरी या लगातार इस्तेमाल में ये ज्यादा सुविधाजनक माने जाते हैं। सरकारी उपयोग में यह विकल्प बेहतर माना जाता है क्योंकि जरूरत के हिसाब से वाहन दोनों तरीके से काम कर सकते हैं।

सरकार ने पर्यावरण को भी दिया संदेश

बिहार सरकार के इस फैसले का एक बड़ा संदेश पर्यावरण से भी जुड़ा है। देश के कई राज्यों में अब सरकारी विभाग इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा दे रहे हैं। दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात जैसे राज्यों के बाद अब बिहार भी इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

पटना जैसे बड़े शहर में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सड़क पर दबाव भी बढ़ रहा है और प्रदूषण भी चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में सरकारी संस्थानों में EV और हाइब्रिड वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाना आने वाले समय में बड़ा बदलाव ला सकता है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर सरकारी विभाग इस दिशा में आगे आते हैं तो आम लोगों के बीच भी इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर भरोसा और रुचि बढ़ती है।

पटना हाईकोर्ट के लिए यह फैसला क्यों अहम?

पटना हाईकोर्ट बिहार की सबसे महत्वपूर्ण न्यायिक संस्था है। यहां रोज बड़ी संख्या में सुनवाई होती है और राज्यभर से लोग न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं।

न्यायाधीशों के लिए बेहतर और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था प्रशासनिक रूप से जरूरी मानी जाती है। कई बार उन्हें अलग-अलग आधिकारिक कार्यक्रमों, निरीक्षण या न्यायिक जिम्मेदारियों के लिए यात्रा करनी होती है। ऐसे में नए और आधुनिक वाहन उनके काम को ज्यादा सुगम बना सकते हैं।

इसके अलावा पुराने वाहनों की मरम्मत और रखरखाव पर भी सरकार को लगातार खर्च करना पड़ता है। नए EV और हाइब्रिड वाहन लंबे समय में खर्च कम करने में भी मदद कर सकते हैं।

3.70 करोड़ रुपये कैसे होंगे खर्च?

कैबिनेट में जिस प्रस्ताव को मंजूरी मिली है उसके अनुसार कुल 3 करोड़ 70 लाख रुपये मोटरगाड़ी मद के तहत खर्च किए जाएंगे। यह राशि आकस्मिकता निधि से अग्रिम रूप में जारी की जाएगी।

इस बजट में वाहन खरीद के साथ जरूरी तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी शामिल होंगी। संभावना है कि वाहन खरीद के लिए तय मानकों के अनुसार प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

सरकारी विभागों में वाहन खरीद के लिए गुणवत्ता, सुरक्षा, तकनीक और रखरखाव जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है। इसलिए अंतिम चयन के बाद ही तय होगा कि कौन-से मॉडल खरीदे जाएंगे।

बिहार में EV नीति को मिल सकती है रफ्तार

बिहार में पिछले कुछ समय से इलेक्ट्रिक वाहन को लेकर चर्चा तेज हुई है। चार्जिंग स्टेशन बढ़ाने, बैटरी तकनीक को बढ़ावा देने और ई-मोबिलिटी को बढ़ाने पर सरकार काम कर रही है।

पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर जैसे शहरों में भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है। अगर सरकारी संस्थाएं इस दिशा में सक्रिय होती हैं तो निजी क्षेत्र में भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

बिहार के युवाओं और ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े कारोबारियों के लिए भी यह बदलाव नई संभावनाएं लेकर आ सकता है।

आम लोगों के लिए क्या संदेश?

सरकार का यह फैसला सीधे तौर पर सिर्फ हाईकोर्ट से जुड़ा है, लेकिन इसका असर आम लोगों तक भी जाएगा।

पहला, इससे यह संदेश जाता है कि बिहार आधुनिक तकनीक को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

दूसरा, पर्यावरण संरक्षण को लेकर सरकार अब फैसलों में गंभीरता दिखा रही है।

तीसरा, इलेक्ट्रिक वाहन अब सिर्फ निजी इस्तेमाल तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सरकारी व्यवस्था का भी हिस्सा बनेंगे।

यानी आने वाले समय में बिहार की सड़कों पर सरकारी दफ्तरों में ज्यादा EV वाहन दिखना अब असंभव नहीं है।

राजनीतिक और प्रशासनिक नजरिए से भी अहम फैसला

कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले प्रशासनिक कामकाज को प्रभावित करते हैं। पटना हाईकोर्ट के लिए EV और हाइब्रिड वाहनों की मंजूरी को राजनीतिक तौर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

एक तरफ सरकार आधुनिक तकनीक और हरित विकास का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर न्यायिक संस्थाओं को बेहतर संसाधन देने की दिशा में भी सक्रिय नजर आ रही है।

राज्य में विकास, बुनियादी ढांचा और प्रशासनिक सुधार को लेकर लगातार फैसले लिए जा रहे हैं। ऐसे में यह फैसला भी उसी श्रृंखला का हिस्सा माना जा रहा है।

आने वाले दिनों में शुरू हो सकती है खरीद प्रक्रिया

कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि वाहन खरीद की प्रक्रिया कब शुरू होगी। प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारी जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

अगर प्रक्रिया तय समय पर आगे बढ़ती है तो पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीशों को जल्द नए EV और हाइब्रिड वाहन मिल सकते हैं।

कुल मिलाकर बिहार कैबिनेट का यह फैसला सिर्फ वाहन खरीद तक सीमित नहीं है। यह प्रशासनिक सुविधा, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीक—तीनों को एक साथ जोड़ने वाला कदम है। पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के लिए 10 नए EV और हाइब्रिड वाहनों की मंजूरी आने वाले समय में बिहार के सरकारी ढांचे में बड़े बदलाव की शुरुआत भी साबित हो सकती है।

AK
Author: AK

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