
केंद्र सरकार के पैन कार्ड और आधार ऐसे दस्तावेज हैं जो बैंक में खाता खुलवाने के साथ नागरिकों की पहचान और उसकी आमदनी का वास्तविक जरिया जानने का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। इसके साथ आधार एक पहचान पत्र के रूप में भी काम आता है। वहीं पैन कार्ड आईटीआर भरने, लोन लेने, सरकारी और प्राइवेट नौकरियों समेत केंद्र की योजनाओं में भी अनिवार्य रूप से मांगा जाता है। आज यह खबर उनसे संबंधित है जिनके पास पैन कार्ड है। मोदी सरकार अब पैन कार्ड हाईटेक बनाने जा रही है।
हालांकि पैन कार्ड नागरिकों को इससे घबराने और डिस्टर्ब होने की जरूरत नहीं है। पिछले दिनों मोदी सरकार ने पैन कार्ड को अपग्रेड करने की योजना को मंजूरी दे दी है। इसे पैन 2.0 प्रोजेक्ट का नाम दिया गया है। इस पहल के तहत, सरकार टैक्सपेयर्स को क्यूआर कोड (QR Code) से लैस नए पैन कार्ड जारी करेगी। ऐसे में आपके मन में कई सवाल उठ रहे होंगे जैसे कि नए अपडेट के बाद पुराना पैन कार्ड काम करेगा या नहीं? क्यूआर कोड वाले पैन कार्ड की क्या खासियत है? इसमें क्या-क्या सुविधा मिलेगी? नया वाला पैन कार्ड कैसे बनेगा? इसके लिए कितना चार्ज लगेगा? आइए जानते है। मालूम हो कि देश में साल 1972 से पैन कार्ड जारी किए जा रहे हैं।
अभी तक 78 करोड़ से ज्यादा पैन कार्ड जारी किए जा चुके हैं। वर्तमान में 73.28 लाख टैन खाता मौजूद हैं। यदि आपका पैन कार्ड बना है तो फिर से पैन कार्ड बनवाने की जरूरत नहीं होगी। पुराना पैन कार्ड ही वैलिड रहेगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि नया पैन 2.0 पुराने पैन का अपग्रेड वर्जन होगा। लोगों को अपना पैन नंबर बदलने की जरूरत नहीं है। अभी जो आपका पैन कार्ड नंबर है, वो नहीं बदलेगा। पुराना नंबर ही वैलिड होगा। सरकार के फैसले के बाद वो सभी पुराने पैन कार्ड बदले जाएंगे, जिनमें क्यूआर कोड नहीं है। सीबीडीटी ने बताया कि पैन 2.0 को निःशुल्क जारी किया जाएगा।
यह आपके अड्रेस पर फ्री में डिलिवर हो जाएगा। मौजूदा पैन कार्डधारकों को नए कार्ड के लिए आवेदन तभी करना होगा, जब उन्हें अपने ब्योरे में कुछ संशोधन करना हो। बता दें कि नए पैन कार्ड में स्कैनिंग का फीचर होगा, जिससे जुड़ा एक क्यूआर कोड होगा. क्यूआर कोड से पैन वेरिफिकेशन आसान हो जाएगा और यह पूरा प्रोसेस ऑनलाइन माध्यम के जरिए होगा। सभी बैंकिंग और फाइनेंशियल सेवाओं के लिए यह एक मजबूत और आसान इंटरफेस होगा, जिसकी मदद से बैंकों के जरिए लेनदेन करने की प्रक्रिया आसान होगी। पैन 2.0 में जिस-जिस काम के लिए पैन की जरूरत होती है। उन सभी के लिए एक ही पोर्टल देगा, जिसकी मदद से टैक्सपेयर्स को अपने पैन अकाउंट को मैनेज करने में आसानी होगी। कॉर्पोरेट की कंपनियों की ओर से डिमांड आती है कि उनको अलग-अलग तरह के नंबर रखने होते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
बिजनेस से जुड़े सभी छोटे-बड़े काम के लिए एक ही पैन का इस्तेमाल किया जाएगा। पैन 2.0 में पैन के लिए संभावित नकली आवेदनों की पहचान के लिए बेहतर प्रणाली होने से कोई व्यक्ति एक से अधिक कार्ड नहीं रख पाएगा। इस तरह एक से अधिक पैन रखने के मामलों में नकेल कसी जा सकेगी। पैन में दर्ज व्यक्तिगत आंकड़ों की सुरक्षा के लिए इन आंकड़ों का उपयोग करने वाली सभी संस्थाओं के लिए ‘पैन डेटा वॉल्ट सिस्टम’ अनिवार्य होगा। साथ ही पैन 2.0 के तहत शिकायत निवारण प्रणाली को भी मजबूत किया जाएगा। पैन के जरिए हो रहे फ्रॉडों को ध्यान में रखते हुए। पैन 2.0 को साइबर सिक्योरिटी के फीचर्स के साथ लैस किया जाएगा, जिससे भविष्य में साइबर फ्रॉड को रोकने में मदद मिलेगी।
Author: AK
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