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वो पिता हैं जिन्हें बच्चे तब समझते हैं, जब खुद अभिभावक बन जाते हैं। जो हर बच्चे की दुनिया का आसमान हैं, उनके लिए सुरक्षा की छत हैं, वो पिता क्यों अबूझे रहते हैं? आंखों में उमड़ी नमी को छिपाने के लिए मुंह फेरकर खड़े हो जाने वाले पिता। बच्चों की सफलता पर गर्वित होते हुए भी दबंग आवाज में भविष्य के लिए हिदायतें देने वाले पिता। बच्चों के जीवन को सुकून और स्थायित्व देने की जद्दोजहद में भागते-दौड़ते पिता। जी हां हम बात कर रहे हैं आज फादर्स डे की। भारत समेत दुनिया के तमाम देशों में आज फादर्स डे मनाया जा रहा है। हर साल पूरी दुनिया में जून के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाया जाता है। फादर्स डे पिता के प्यार, समर्पण और त्याग के लिए उन्हें सम्मान देने का दिन है। भारत के अलावा फादर्स डे अमेरिका, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, अर्जेंटीना, कनाडा, फ्रांस, ग्रीस, भारत, आयरलैंड, मैक्सिको, पाकिस्तान, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका और वेनेजुएला में भी मनाया जाता है।

वैसे तो माता-पिता के प्रेम और समर्पण को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। लेकिन पिता के प्यार और बलिदान के महत्त्व को समझने और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए हर साल ‘फादर्स डे’ मनाया जाता है। इस अवसर पर लोग अपने पिता को उपहार भेंट करते हैं और अपने पिता की पसंद और अपनी स्थित के अनुसार इस दिन को मनाने का प्रयास करते हैं। उन्हें ये अहसास कराने का दिन है कि आप पिता के त्याग को बेहतर तरीके से समझते हैं और उनसे बेइंतहा प्यार करते हैं। इस दिन को सेलिब्रेट करने के लिए कुछ खास प्लान करके पिता को स्पेशल फील कराएं। उनके लिए कुछ ऐसा करें, जिससे पिता को ये अहसास हो कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं। इस दिन आप पिता को कोई ऐसा गिफ्ट दे सकते हैं, जो उनके दिल को छू जाए। आप उनको कहीं बाहर ले जा सकते हैं।
फादर्स डे की शुरुआत अमेरिका से हुई, जून के तीसरे सप्ताह में मनाया जाता है यह दिवस–

कैप्टन विलियम जैक्सन स्मार्ट की पत्नी जैक्सन स्मार्ट का बलिदान अमेरिका में गृहयुद्ध के दौरान हो गया था। इसके बाद से कैप्टन विलियम जैक्सन स्मार्ट ने अपने बच्चों का पालन पोषण किया पिता के इसी त्याग को बेटी सोनोरा ने जून के महीने में सलाम किया और तब से फादर्स डे के रूप में इस दिन को मनाया जाने लगा। हालांकि फादर्स डे के बारे में यह भी कहा जाता है कि 1907 में पहली बार अनाधिकृत तौर पर इस दिन को मनाया गया। सोनोरा स्मार्ट डोड ने ही इस डे को मनाने का प्रस्ताव पेश किया था। ये वही सोनोरा स्मार्ट डोड थीं जिनके पिता कैप्टन विलियम जैक्सन स्मार्ट ने उनकी मां की आकस्मिक निधन के बाद उनका और उनके भाइयों की देखभाल की थी। वह अपने पिता को सम्मान दिलाना चाहती थी। हालांकि उनका इस प्रस्ताव को लेकर खूब उपहास किया गया लेकिन बाद में लोगों ने इसे समझा और फिर तब से लेकर अब तक जून महीने के तीसरे हफ्ते के रविवार को यह फादर्स डे मनाए जाने लगा।पहली बार फादर्स डे 19 जून 1910 को अमेरिका में अमेरिका निवासी सोनोरा स्मार्ट डोड नाम की महिला ने अपने पिता को सम्मानित करने के लिए फादर्स डे मनाना था। सोनोरा के पिता विलियम्स स्मार्ट ने पत्नी की मृत्यु के बाद 6 बच्चों का पालन पोषण किया। पिता के समर्पण, त्याग के लिए वह उन्हें सम्मान देना चाहती थी, इसलिए जून के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाया जाने लगा। अगर मां बच्चों की बेहतर परवरिश करके उनमें संस्कार पिरोती है, तो पिता बच्चों के उनके भरण-पोषण का जिम्मा संभालते हैं। बच्चे को बेहतर जीवन देने के लिए पिता न जाने कितने त्याग करते हैं, लेकिन उसके बदले में अपने बच्चे से कोई उम्मीद नहीं रखते हैं। फादर्स डे का दिन उन सभी पिता को शुक्रिया कहने का दिन है।
Author: AK
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