
संसद के शीतकालीन सत्र में आज बिहार से भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने विपक्ष पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार गिराने की कोशिश कर रहा है। निशिकांत दुबे और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के बीच तीखी बहस हुई। बीजेपी सांसद निशिकांत ने राहुल गांधी से पूछा कि क्या आप खालिस्तान समर्थकों और कश्मीर का विभाजन चाहने वालों से नहीं मिले। जिस पर भारी हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद दोपहर करीब तीन बजकर पांच मिनट पर दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी। सदन की कार्यवाही दो बजे फिर से आरंभ होने पर कांग्रेस और उसके कुछ सहयोगी दलों के सदस्यों ने हंगामा जारी रखा। विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के निकट पहुंच गए। उनकी मांग थी कि लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई को बोलने का मौका दिया जाए। पीठासीन सभापति जगदम्बिका पाल ने कहा कि रेल संशोधन विधेयक, 2024 पर चर्चा हो चुकी है और विभाग के मंत्री अश्विनी वैष्णव को जवाब देना है, ऐसे में विपक्षी सदस्य सदन चलने दें। पाल ने कहा, ‘कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में तय किया गया था कि चर्चा के लिए रेल विधेयक लेंगे। इस पर हुई चर्चा में सदस्यों ने भागीदारी की। अब माननीय मंत्री का जवाब सुनना है।
विपक्षी सांसद काली जैकेट पहनकर संसद पहुंचे और नारे लगाए। संसद की पिछली 7 कार्यवाहियों में संभल हिंसा, मणिपुर हिंसा, किसानों की मांग का मुद्दा और अडाणी मामला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। विपक्षी सांसदों के साथ राहुल और प्रियंका गांधी भी शामिल हुए। विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी करते हुए ये भी कहा- ‘स्कूल देखो- अडाणी’, ‘सड़कें देखो- अडाणी’, ‘ऊपर देखो- अडाणी, नीचे देखो- अडाणी’ के नारे लगाए। राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान कहा- आप (सरकार) कभी इन्वेस्टीगेशन कराओगे? आप करा सकते हो अपना ही इन्वेस्टीगेशन? मोदी जी, अडाणी जी की जांच नहीं करा सकते। क्योंकि मोदी, अडाणी की जांच कराएंगे तो अपनी ही जांच कराएंगे। मोदी और अडाणी दो नहीं, एक हैं। बिल्ले लगाकर संसद में आने वाले सांसदों को स्पीकर ओम बिरला ने नसीहत दी है। उन्होंने सदस्यों से नियम और प्रक्रियाओं का पालन करने और सदन में बिल्ले आदि लगाकर नहीं आने को कहा। उनकी यह अपील कांग्रेस के कुछ सदस्यों के काले रंग की जैकेट पहनकर सदन में आने के बाद आई है, जिसके पीछे ‘मोदी अडानी एक हैं, अदाणी सेफ हैं’ लिखा हुआ था। अडाणी मुद्दे पर विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि जो अपने को विपक्ष का नेता कहते हैं, अच्छा होता कि वे अयोध्या के राम मंदिर की परिक्रमा कर लेते तो उनका पूरा खानदान तर जाता। यहां जो वे पॉलिटिकल नौटंकी कर रहे हैं, इससे अच्छा तो वे राजघाट पर जाकर बैठ जाते।
Author: AK
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