बिहार में अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलेगी। मौसम विभाग ने 13 जिलों में तेज हवा, बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है।
Bihar Weather Alert: Rain Relief Across State
बिहार में मौसम ने बदला मिजाज, लोगों को गर्मी से राहत
बिहार में भीषण गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली है और अगले कुछ दिनों तक बारिश, तेज हवा और बादलों की आवाजाही बनी रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार 8 मई से 14 मई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहेंगे और खासकर उत्तरी बिहार के जिलों में तेज हवा के साथ झमाझम बारिश हो सकती है।
हाल के दिनों में तापमान लगातार बढ़ रहा था, जिससे लोगों को उमस और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन अब प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने से मौसम में ठंडक महसूस की जा रही है। कई जिलों में ओलावृष्टि और तेज बारिश भी दर्ज की गई है, जिससे किसानों और आम लोगों दोनों पर असर पड़ा है।

मौसम में बदलाव की बड़ी वजह क्या है?
चक्रवातीय परिसंचरण बना कारण
मौसम विभाग के अनुसार ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पूर्वी बिहार के ऊपर हवा का चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी मौसम को प्रभावित कर रहे हैं।
इन मौसमी प्रणालियों की वजह से बिहार के कई हिस्सों में नमी वाली हवाएं पहुंच रही हैं। यही कारण है कि अचानक मौसम बदल गया और कई जिलों में बारिश शुरू हो गई।
प्री-मानसून गतिविधियां हुईं तेज
विशेषज्ञों का कहना है कि मई के महीने में प्री-मानसून गतिविधियां सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होती हैं। इस दौरान आंधी, बारिश और वज्रपात की घटनाएं बढ़ जाती हैं। बिहार में फिलहाल वही स्थिति देखने को मिल रही है।
किन जिलों में बारिश और तेज हवा का अलर्ट?
मौसम विभाग ने उत्तर बिहार के 13 जिलों में तेज हवा और भारी बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।
इन जिलों में विशेष अलर्ट जारी
- सीतामढ़ी
- शिवहर
- मुजफ्फरपुर
- वैशाली
- मधुबनी
- दरभंगा
- समस्तीपुर
- सुपौल
- सहरसा
- मधेपुरा
- अररिया
- पूर्णिया
- किशनगंज
- कटिहार
इन इलाकों में एक या दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ वज्रपात की भी संभावना है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पटना समेत कई शहरों में मौसम रहेगा सुहावना
राजधानी पटना में बादल छाए रहने के आसार
अगले 24 घंटों के दौरान पटना और आसपास के इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। नमी युक्त हवाओं के कारण मौसम सामान्य बना रहेगा और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
हालांकि बीच-बीच में हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है। इससे तापमान में ज्यादा वृद्धि होने की संभावना नहीं है।
तापमान में बड़ी बढ़ोतरी नहीं
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य में तापमान स्थिर रहेगा। तेज गर्मी की स्थिति फिलहाल बनने की संभावना कम है।
गुरुवार को कई जिलों में हुई बारिश और ओलावृष्टि
गुरुवार को पटना सहित राज्य के कई हिस्सों में मौसम अचानक बदल गया। जमुई, खगड़िया, रोहतास और गया जैसे जिलों में तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे।
इस बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं कई इलाकों में जलजमाव और यातायात की समस्या भी देखने को मिली। किसानों को भी फसलों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
बिहार में सामान्य से 186 प्रतिशत अधिक बारिश
24 घंटे में रिकॉर्ड बारिश
बीते 24 घंटों में बिहार में कुल 94.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 186 प्रतिशत अधिक है। यह आंकड़ा बताता है कि इस बार प्री-मानसून गतिविधियां काफी मजबूत हैं।
लगातार हो रही बारिश ने मौसम को ठंडा बना दिया है और अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
सबसे ज्यादा बारिश कहां हुई?
पूर्वी चंपारण के तेतरिया में सबसे अधिक 59.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा कई अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश हुई।
इन इलाकों में दर्ज हुई भारी वर्षा
राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हुई बारिश के आंकड़े इस प्रकार हैं:
- सिवान के महाराजगंज में 54.2 मिमी
- समस्तीपुर के पूसा में 52.6 मिमी
- सिवान के दरौंदा में 52.4 मिमी
- सिवान के नूतन में 48.6 मिमी
- मुजफ्फरपुर के बोचहा में 42.2 मिमी
- मधुबनी के बिस्फी में 39.2 मिमी
- बेगूसराय के मटियानी में 38.8 मिमी
- मधुबनी के झंझारपुर में 35 मिमी
- गोपालगंज के कटैया में 34.2 मिमी
- सारण के मेकर में 32.4 मिमी
- गोपालगंज के भोरे में 32.4 मिमी
- सारण के परसा में 32.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
इन आंकड़ों से साफ है कि उत्तर और मध्य बिहार के कई जिलों में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिला।
शहरों का तापमान कितना रहा?
प्रमुख शहरों का अधिकतम और न्यूनतम तापमान
| शहर | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान |
|---|---|---|
| पटना | 32.6°C | 19.6°C |
| गया | 34.6°C | 21.8°C |
| भागलपुर | 32.2°C | 19.6°C |
| मुजफ्फरपुर | 30.0°C | 20.2°C |
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राज्य में तापमान सामान्य बना हुआ है और गर्मी का असर फिलहाल कम हो गया है।
किसानों के लिए राहत या चिंता?
फसलों को मिल सकता है फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर हुई बारिश से कुछ फसलों को फायदा मिल सकता है। खासकर गर्मी की फसलों और सब्जियों के लिए यह बारिश उपयोगी साबित हो सकती है।
ओलावृष्टि से नुकसान की आशंका
दूसरी ओर जिन इलाकों में ओले गिरे हैं, वहां फसलों को नुकसान होने की आशंका भी बढ़ गई है। आम और लीची जैसी फसलों पर इसका असर पड़ सकता है।
कृषि विभाग ने किसानों को मौसम की जानकारी लगातार लेते रहने की सलाह दी है।
वज्रपात के दौरान क्या सावधानी रखें?
मौसम विभाग ने लोगों को सावधान रहने के निर्देश दिए हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को वज्रपात के दौरान सतर्क रहने की जरूरत है।
जरूरी सावधानियां
- खराब मौसम में पेड़ के नीचे खड़े न हों
- बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान से दूर रहें
- मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग कम करें
- मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखें
- जरूरत न हो तो घर से बाहर न निकलें
इन सावधानियों से हादसों से बचा जा सकता है।
क्या मानसून जल्दी आने के संकेत हैं?
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल यह प्री-मानसून गतिविधियां हैं और इन्हें मानसून की एंट्री से सीधे जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। हालांकि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय सिस्टम यह संकेत जरूर दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में मौसम और ज्यादा सक्रिय हो सकता है।
यदि यही स्थिति बनी रहती है, तो मई के अंत तक बिहार में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।
लोगों को गर्मी से मिली बड़ी राहत
अप्रैल के अंतिम सप्ताह और मई की शुरुआत में बिहार के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच गया था। गर्म हवाओं और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी।
अब लगातार बादल और बारिश होने से मौसम काफी सुहावना हो गया है। खासकर सुबह और शाम के समय लोगों को राहत महसूस हो रही है।
निष्कर्ष
बिहार में मौसम ने अचानक करवट लेकर लोगों को गर्मी से राहत दी है। अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवा और वज्रपात की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने खासकर उत्तर बिहार के जिलों के लिए सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
हालांकि बारिश से तापमान में कमी आई है, लेकिन वज्रपात और तेज हवा जैसी घटनाएं खतरा भी पैदा कर सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
Author: AK
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