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Bihar Tourism: बिहार में पर्यटन को मिलेगा नया उड़ान, 15 अगस्त से दो नए रोपवे और आसान निवेश नीति लागू

Bihar Boosts Tourism with New Ropeways and Investor-Friendly Policy Starting August 15

बिहार में 15 अगस्त से दो नए रोपवे होंगे शुरू, नई पर्यटन नीति के तहत निवेश होगा आसान, स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार और पर्यटन को मिलेगा बूस्ट।

Bihar Boosts Tourism with New Ropeways and Investor-Friendly Policy Starting August 15


Meta Description (English):

Bihar to launch two ropeways by August 15 under a revamped tourism policy aimed at easing investments, boosting employment, and promoting eco and heritage tourism.

मेटा विवरण (हिंदी):



15 अगस्त से दौड़ेंगे दो नए रोपवे, टूरिज्म को मिलेगा पंख

बिहार सरकार अब पर्यटन को एक नया मुकाम देने की तैयारी में है। स्वतंत्रता दिवस से पहले दो नए रोपवे शुरू किए जाएंगे, जिससे राज्य में आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिलेगी। इसके अलावा तीन और रोपवे प्रोजेक्ट्स पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।



नई पर्यटन नीति में छोटे निवेशकों के लिए राहत

पर्यटन नीति-2023 में बड़ा बदलाव करते हुए अब छोटे और मध्यम निवेशकों को भी आकर्षित किया जा रहा है। अब राज्य में पर्यटन परियोजनाओं की न्यूनतम लागत 10 करोड़ से घटाकर 7.5 करोड़ रुपये कर दी गई है।

तीन और दो सितारा होटलों में भी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। पूर्व में केवल चार सितारा होटलों तक ही सीमित निवेश अब छोटे शहरों में भी संभव होगा।



100 करोड़ निवेश पर मिलेगा 25 करोड़ की सब्सिडी

पर्यटन मंत्री राजू कुमार सिंह ने बताया कि जो भी निवेशक 100 करोड़ या उससे अधिक का निवेश करेगा, उसे 25 करोड़ रुपये तक की पूंजी अनुदान (Capital Subsidy) मिलेगी। इससे बड़े निवेशकों को भी राज्य में आकर्षित किया जाएगा।



स्थानीय लोगों को मिलेगा सीधा लाभ

स्थानीय युवाओं को रोजगार देने पर सरकार PF खाते में हर महीने ₹3000 तक का योगदान देगी। दिव्यांगजनों के लिए यह सहयोग राशि ₹4500 तक होगी। इसका उद्देश्य पर्यटन विकास के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन करना है।



पुनौराधाम बनेगा बिहार का अयोध्या

पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि माता सीता की जन्मस्थली पुनौराधाम का विकास अयोध्या मॉडल पर किया जाएगा। इससे धार्मिक पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और रामायण सर्किट में बिहार की भूमिका और मज़बूत होगी।



ईको और हेरिटेज टूरिज्म पर सरकार का फोकस

नई नीति का एक अन्य उद्देश्य है ईको टूरिज्म और हेरिटेज स्थलों को विकसित करना। इसके लिए सरकार ने पटना, राजगीर, गया, बोधगया, नालंदा समेत कई शहरों को टारगेट किया है जहां होटल, रिसॉर्ट और हेरिटेज प्रॉपर्टी तैयार की जाएंगी।


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निष्कर्ष

बिहार की नई पर्यटन नीति केवल निवेश को बढ़ावा देने तक सीमित नहीं है। यह राज्य की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक पहचान और प्राकृतिक संसाधनों को वैश्विक स्तर पर ले जाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। रोपवे प्रोजेक्ट्स, रोजगार योजनाएं और नई सब्सिडी व्यवस्था मिलकर बिहार को देश के अग्रणी पर्यटन स्थलों में शामिल करने की तैयारी कर रही है।


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AK
Author: AK

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