शुक्र, अप्रैल 17, 2026

अजय राय ने संभाली यूपी कांग्रेस की कमान, बोले 24 के बाद 27 में भी कांग्रेस

Ajay Rai takes over as President of UPPCC

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लोकसभा चुनाव की तैयारियों में सभी राजनीतिक दल अपने अपने तुरुप के इक्के को सामने रख रहे है। यूपी की 80 लोकसभा सीटों को फतह करने के लिए देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस ने भी अपना दांव खेल दिया है, पार्टी हाईकमान ने स्वर्ण(भूमिहार) समाज से आने वाले पूर्वांचल के बड़े नेता अजय राय को यूपी की कमान सौंपी है। कांग्रेस ने पूर्वांचल की लोकसभा सीटों को साधने और यूपी में कांग्रेस के अभियान को रफ्तार देने संगठन के दिशा निर्देश और कार्यकर्ताओं के मेहनत को सही मायने और सही दिशा में धरातल पर क्रियान्वित करने के लिए अजय राय के रूप में एक बड़ा दांव खेला है। आज कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय पर हजारों की भीड़ में कांग्रेसियों ने अपने प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत किया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस के बड़े नेता और CWC मेम्बर सलमान खुर्शीद, प्रमोद तिवारी, पीएल पुनिया, सुप्रिया श्रीनेत, आराधना मिश्रा मोना, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री, राजस्थान के मंत्री धीरज गुर्जर जैसे कांग्रेसी नेता शामिल हुए।

पदभार संभालते ही भरी हुंकार:

कल कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय के मंच से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नये प्रदेश अध्यक्ष का पदभार ग्रहण कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में भारत रत्न बिसलिल्लाह खान के घराने के लोग भी सम्मिलित हुए और इस मौके पर शहनाई बजाकर अपनी प्रस्तुति भी। बिस्मिल्लाह खान और अजय राय के परिवार के सम्बंध काफी पुराने है। पदभार संभालते ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने डबल इंजन सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ये सरकार दमनकारी सरकार है। इस बार इनके बुल्डोजर का मुंह मोड़ दिया जाएगा, सिर्फ 24 ही नही बल्कि 27 में प्रदेश में कांग्रेस की हुकूमत वाली सरकार बनेगी जिसका प्राण हर एक कांग्रेसी ने अब कर लिया है। अजय राय ने कहा कि पीएम ने काशी को छला है। मोदी-योगी की सरकार से जनता त्रस्त है और इस बार के चुनाव में जनता इनको जवाब देगी।

अजय के सहारे यूपी में विजय तलाश रही कांग्रेस:

लोकसभा चुनाव में सिर्फ 8 महीने का समय शेष है। ऐसे में कांग्रेस ने देश में सबसे ज्यादा सांसद देने वाले राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करना चाह रही है। अजय राय पूर्वांचल से आते है, दबंग छवि वाले तेज तरर्रार नेता है। बलिया,गाजीपुर,मऊ, बनारस में भूमिहार समाज की तादाद ज्यादा है। इस समाज का प्रतिनिधित्व कांग्रेस से अजय राय कर रहे है। साल 2014 और 2019 में नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ चुके है। 5 बार विधायक रह चुके हैं। अजय राय के सहारे कांग्रेस पूर्वांचल में भूमिहार बिरादरी जो कभी कांग्रेस का खाटी वोटर रहा है उसे भी साधने की कोशिश की है। यूपी में कांग्रेस अपनी राजनीतिक जमीं को फिर से तलाश रही है जिसकी जिम्मेदारी खुद अपनी राजनीतिक करियर को जीवंत करने में जुटे अजय राय को दी गयी है। सीधे शब्दों में यह कहा जा सकता है कांग्रेस और अजय राय दोनों को यूपी में जीवंत होने के लिए एक दूसरे की जरूरत है।

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Author: AK

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