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आरएसएस यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ। इस वक़्त काफी चर्चा में हैं। कारण है संघ प्रमुख मोहन भावगत का एक बार फिर से मुखर होकर बोलना। इसी को लेकर आज नागपुर स्थित मुख्यालय को घेरने की कोशिश की गई है। भारत मुक्ति मोर्चा नाम के संगठन की ओर से यह घेराव किया गया था। लेकिन समय पर पुलिस पहुँची और उसने घेराव कर रहे लोगों को हिरासत में ले लिया है। इसके अलावा आरएसएस कार्यालय के बाहर सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
बताया जा रहा है कि वामन मेश्राम के नेतृत्व वाले भारत मुक्ति मोर्चा ने आज नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मुख्यालय की घेराबंदी करने का प्रयास करते हुए कहा कि इस संगठन की विचारधार भारतीय संविधान के अनुरूप नहीं है। इस बीच पुलिस ने वामन मेश्राम को हिरासत में ले लिया है। अब संविधान को लेकर लगातार आरएसएस सवालों के घेरे में हैं। मार्च में शामिल होने भारत मुक्ति मोर्चा के सैकड़ों कार्यकर्ता नागपुर पहुंचे थे। हालांकि पुलिस ने इस मार्च की इजाजत देने से इनकार कर दिया। इसलिए पुलिस ने इस मार्च को आगे नहीं बढ़ने दिया। पुलिस ने उन्हें रोका तो कार्यकर्ताओं ने इंदौरा चौक पर ही धरना शुरू कर दिया।
धरने में प्रदर्शनकारियों ने आरएसएस के खिलाफ नारेबाजी भी की। भारत मुक्ति मोर्चा संगठन को पुलिस द्वारा विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई क्योंकि शहर में धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे। बताया तो यह भी जा रहा था कि इस विरोध प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई थी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने वामन मेश्राम की याचिका को भी खारिज कर दिया और निर्देश दिया कि पुलिस को आवेदन कर 6 से 9 अक्टूबर के बीच कार्यक्रम का आयोजन किया जाए। अदालत की ओर से भी परमिशन न मिलने के बाद पुलिस सख्त थी। हालांकि, वामन मेश्राम और उनके संगठन के आंदोलन के स्टैंड पर बने रहने के कारण नागपुर सिटी पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से पूरे इंदौरा इलाके में धारा 144 लागू कर दी है।
Author: AK
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