DW Samachar – Header
BREAKING

Cockroach Janta Party and Abhijeet Dipke: आखिर क्या है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ और क्या है इसका मकसद? कौन हैं इसके संस्थापक, जानें विशेष…..

Cockroach Janta Party and Abhijeet Dipke: आखिर क्या है 'कॉकरोच जनता पार्टी' और क्या है इसका मकसद? कौन हैं इसके संस्थापक, जानें विशेष…..
Meet the Cockroach Janta Party's founder Abhijeet Dipka, who got 12M Followers just in 2-3 Days

भारत में इन दिनों एक नई पार्टी का नाम काफी चर्चा में है और उस पार्टी का नाम कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party) है। इस नाम की चर्चा तब ओर बढ़ गई जब सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के युवाओं और कॉकरोच को लेकर दिए गए बयान के बाद एक सोशल मीडिया कैंपेन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर टिप्पणी की। हालांकि, जस्टिस सूर्यकांत ने शनिवार को अपनी टिप्पणियों पर सफ़ाई जारी करते हुए कहा था कि मीडिया के एक वर्ग ने उनकी बातों को ग़लत तरीक़े से पेश किया है।

जस्टिस सूर्यकांत के बयान के बाद एक व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया कैंपेन की ख़ासी चर्चा है। इस चर्चा के केंद्र में है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी)। फिलहाल यह नाम इतनी पॉपुलर हो चुकी है कि इंटरनेट पर इसके नाम से वेबसाइट बन चुकी है और इंस्टाग्राम पर इसके 40 लाख से अधिक फ़ॉलोअर्स हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि दो लाख से अधिक लोगों ने वेबसाइट पर इसकी सदस्यता के लिए ख़ुद को रजिस्टर्ड किया है।

Digital Women Trust

क्या है सीजेपी (Cockroach Janta Party) और कैसे हुई इसकी शुरुआत?

Cockroach Janta Party
Cockroach Janta Party got 12M Followers just in 2-3 Days

कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party) की वेबसाइट पर इसके संस्थापक और संयोजक की जानकारी दी गई है और उनका नाम अभिजीत दीपके है। बीबीसी न्यूज के रिपोर्ट्स के अनुसार अभिजीत दीपके से बीबीसी न्यूज़ मराठी ने विस्तार से बात की है। जिसमें उन्होंने बताया है कि इस तरह का सोशल मीडिया कैंपेन उन्होंने किस वजह से शुरू की है।

इस तरह के सोशल मीडिया कैंपेन का आइडिया कहां से आया? इस सवाल पर अभिजीत दीपके कहते हैं, “मैं ट्विटर यानी की एस पे सीजेई (भारत के मुख्य न्यायाधीश) का बयान देख रहा था जहां पर वो सिस्टम की आलोचना करने और राय देने के लिए देश के युवाओं की तुलना कॉकरोच और परजीवियों से कर रहे थे।”

ये भी पढें: Jehanabad Girl Success: साधारण परिवार की बेटी पहुंची ISRO, जहानाबाद की सुनिधि ने रचा इतिहास

“मैंने इसे बेहद हास्यास्पद समझा क्योंकि सीजेआई को देश के संविधान का संरक्षक माना जाता है। वो संविधान जो हर किसी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आज़ादी देता है। अब एक ऐसा शख़्स जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करने के लिए वो कैसे युवाओं की तुलना कॉकरोच और परजीवियों से कर सकता है।”

“इसने मुझे ग़ुस्से और निराशा से भर दिया और ट्विटर पर मैंने इस पर अपनी राय दी। मैंने पूछा कि सब कॉकरोच एक साथ आ जाएं तो क्या होगा। मुझे जेन ज़ी और 25 साल तक के युवाओं के कमाल के जवाब मिले और उन्होंने कहा कि हमें साथ आना चाहिए और एक प्लेटफ़ॉर्म बनाना चाहिए। इसने मुझे आइडिया दिया कि हमें ऑनलाइन एक पैरोडी पार्टी बनानी चाहिए, जिसका नाम कॉकरोच जनता पार्टी हो। अगर आप हमें कॉकरोच कह रहे हैं तो ठीक है, हम कॉकरोच जनता पार्टी बनाते हैं। इस पार्टी में शामिल होने के लिए मैंने पात्रता तय कीं, जैसे- आपको आलसी होना होगा जैसा सीजेआई ने कहा, आपको बेरोज़गार होना होगा और आप लगातार ऑनलाइन रहने वाले हों जैसा सीजेआई ने कहा था।”

“उन्होंने (सीजेआई) जिन भी शब्दों का इस्तेमाल युवाओं को बेइज़्ज़त करने के लिए किया, हमने उन्हें इस पार्टी का सदस्य बनने के लिए पात्रता रखा है। कुछ ही घंटों में इसने चमत्कार कर दिया और हर कोई इस पर प्रतिक्रिया देने लगा और ख़ुद को रजिस्टर्ड करने लगा। इसके बाद हमें लगने लगा कि ये बड़ा होने वाला है और सिर्फ़ मज़ाक नहीं रह गया है क्योंकि लोग निराश हो चुके थे और हमने एक वेबसाइट बनाई, पार्टी का घोषणापत्र बनाया है। इंस्टाग्राम पर हमारे दो मिलियन फ़ॉलोअर्स (अब चार मिलियन से अधिक) हो चुके हैं और दो लाख से ज़्यादा लोगों ने ख़ुद को कॉकरोच जनता पार्टी के सदस्य के तौर पर रजिस्टर किया है। भारतीय राजनीति में ये काफ़ी समय के बाद अभूतपूर्व है।”

क्या है ऐसी कामयाबी की वजह ?

कई चर्चित लोगों ने भी अभिजीत दीपके की इस मुहिम का समर्थन किया है। इस पर अभिजीत कहते हैं, “पूर्व क्रिकेटर और सांसद कीर्ति आज़ाद ने कहा कि वो इस पार्टी में शामिल होना चाहते हैं। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी इसका समर्थन किया। इनके अलावा कई लोगों ने हमारा समर्थन किया है और आज ये चर्चा का विषय है। साथ ही दिन ब दिन ये बढ़ती चली जा रही है।” डिजिटल मार्केटिंग के लोगों से जब हम इस विषय पर बात करते हैं तो उनका कहना है कि ये डिजिटल मीडिया में एक ख़लल की तरह है।

सोशल मीडिया पर 40 लाख से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स होने के पीछे की क्या कहानी नज़र आती है?

Cockroach Janta Party got 12M Followers
Cockroach Janta Party got 12M Followers

इस सवाल पर अभिजीत (Abhijeet Dipke) कहते हैं, “मैं ये नहीं कहूंगा कि ये सब मैंने हासिल किया है। ये सब लोग आपस में साथ आए हैं। हमें ये समझना चाहिए कि इन्हें क्या चीज़ साथ लेकर आई है। अगर आज कोई डिजिटल एजेंसी या कोई राजनीतिक दल ऐसा कुछ करता तो उसे इतनी तेज़ी से ये कामयाबी नहीं मिलती। फ़र्क़ नहीं पड़ता कि उन्होंने कितना पैसा ख़र्च किया होता। करोड़ों रुपये ख़र्च करके भी किसी को ऐसी प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिलती।”

“युवा के अंदर कई सालों से जो निराशा और ग़ुस्सा पल रहा है वही इतनी बड़ी प्रतिक्रिया की वजह है। सरकार की नाकामियों की वजह से युवा बेरोज़गार है। उन्हें एक मंच मिला जहां पर वो अपनी निराशा और ग़ुस्से को निकाल सकते हैं।”

कौन हैं अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) ?

Cockroach Janta Party's founder Abhijeet Dipka, who got 12M Followers just in 2-3 Days
Cockroach Janta Party’s founder Abhijeet Dipke, who got 12M Followers just in 2-3 Days

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नाम चर्चा में आने के बाद बात हुई आखिर कौन है इसके संस्थापक अभिजीत दीपके जिन्होंने भारतीय राजनीति में आंदोलन छेड़ दिया। दरअसल में महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर से हैं। ग्रैजुएशन के लिए पुणे गए। इसके बाद उन्होंने कुछ सालों के लिए आम आदमी पार्टी के साथ काम किया। जहां वो आम आदमी पार्टी के कम्युनिकेशन टीम में थे”

अभिजीत दीपके का कहना है कि “मैं उनके स्वास्थ्य और शिक्षा पर काम करने की वजह से उनसे आकर्षित था। ये कुछ नया था जो पहली बार भारतीय राजनीति में हो रहा था। जैसे आज कॉकरोच जनता पार्टी नई है, ऐसा ही मुझे लगा कि वो कुछ नया बदलाव लाने जा रहे हैं। मैंने कुछ समय के लिए उनके साथ काम किया फिर मुझे लगा मुझे और पढ़ने की ज़रूरत है और मैं घर पर मास्टर्स की तैयारी करने लगा। मुझे बोस्टन यूनिवर्सिटी से बुलावा आया। मैं दो साल से यहां पर हूं और अपनी ग्रैजुएशन पूरी की है।”

कॉकरोच जनता पार्टी का घोषणापत्र काफ़ी ध्यान खींचने वाला है। इस पर अभिजीत कहते हैं, “मुझे लगता है कि घोषणापत्र इस समय भारत के लोकतंत्र और वर्तमान राजनीतिक स्थिति के बारे में बताता है। हम लगातार देख रहे हैं कि वो जज जिन्हें निष्पक्ष रहना होता है, जिनका सरकार से कुछ लेना-देना नहीं होना चाहिए वो रिटायरमेंट के बाद सरकार से लाभ ले रहे हैं। ये बहुत ख़तरनाक है क्योंकि न्यायपालिका को स्वतंत्र रहना होता है. अगर न्यायपालिका भी सरकार की राह पर चलेगी तो फिर क्या रह जाएगा।।फिर लोकतंत्र को कौन बचाएगा.” “दूसरी बात महिला के प्रतिनिधित्व को लेकर है। मैं बचपन से सुनता आया हूं कि महिलाओं को 33 फ़ीसदी आरक्षण मिलेगा लेकिन आज तक ये नहीं हुआ। अगर महिलाओं को आरक्षण देना है तो उन्हें 50 फ़ीसदी आरक्षण दीजिए।

युवाओं की राजनीति में भागेदारी और अपेक्षा

युवा मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था से तंग आ चुका है। अगले कुछ सालों में आप देखेंगे कि युवा बदलाव की मांग करेगा क्योंकि पिछले 10-12 सालों में युवा ने ‘हिंदू-मुस्लिम’ उपदेश के अलावा कुछ भी नहीं सुना है।”

“युवा इस राजनीतिक व्यवस्था को बदलना चाहता है जहां पर हम तकनीकी रूप से एडवांस्ड हों जहां पर रोज़गार मिले।
आगे बढ़ते हुए हम दुनिया के बेस्ट देशों से तुलना करें। हम कब तक नेपाल, पाकिस्तान और बांग्लादेश से तुलना करते रहेंगे। भारतीय जेन ज़ी ये चाहता है और वो ख़ुद के साथ कॉकरोच की तरह व्यवहार नहीं चाहता है।

संदर्भ: बीबीसी

Abhishek Kumar
Author: Abhishek Kumar

Relates News

Advertisement

⚡ लाइव अपडेट
खबरें लोड हो रही हैं…

लेटेस्ट न्यूज़