जहानाबाद के प्रांतीयकृत पशु औषधालय परिसर में आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-2 के तहत पशु बांझपन निवारण चिकित्सा शिविर-सह-जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन भारतीय जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के मानद प्रतिनिधि अमरेन्द्र कुमार द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के सफल संचालन को लेकर जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. अनिता कुमारी ने पशुपालकों से अपील की कि वे अपने पशुओं को शिविर में लाकर जांच एवं उपचार अवश्य कराएं। उन्होंने जिले में आयोजित किए जाने वाले कुल 17 शिविरों की जानकारी देते हुए विभिन्न पशु चिकित्सालयों के अंतर्गत निर्धारित तिथियों और स्थलों का संक्षिप्त विवरण भी साझा किया। डॉ. अनिता कुमारी ने पशुपालकों को बांझपन रोग के कारण, उपचार और प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि इस एक दिवसीय शिविर का उद्देश्य पशुपालकों को जागरूक करना है, लेकिन पशुओं के पूर्ण उपचार के लिए नियमित रूप से पशु चिकित्सकों से परामर्श लेना आवश्यक है। शिविर में बांझपन से संबंधित दवाइयों का निःशुल्क वितरण भी किया जा रहा है। कार्यक्रम का संचालन सहायक कुक्कुट पदाधिकारी डॉ. रानी कुमारी ने किया। शिविर में बड़ी संख्या में पशुपालकों के साथ-साथ भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी एवं अन्य विभागीय कर्मी भी उपस्थित रहे। दोपहर 1 बजे तक 62 पशुपालकों के 112 पशुओं का उपचार एवं परामर्श किया जा चुका था, जबकि कार्यक्रम शाम 4 बजे तक जारी रहा। मोबाइल वेटनरी यूनिट टीम से भी इस कार्यक्रम को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग की अपेक्षा जताई गई। पशुक्रूरता निवारण सोसाइटी के सदस्य लवकुश ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए और पशुपालकों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। शिविर में डॉ. संतोष कुमार, डॉ. वीणा सिन्हा, डॉ. स्वाती शिवानी, डॉ. सुबोध कुमार और डॉ. अरविंद कुमार सहित कई चिकित्सक उपस्थित रहे। इस पहल का उद्देश्य पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार लाना और पशुपालकों को जागरूक कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
Jehanabad News: Animal infertility prevention camp inaugurated, 112 animals treated












