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China SCO Summit 2025: चीन में पीएम मोदी ने पाकिस्तान प्रधानमंत्री के सामने पहलगाम आतंकी हमले का खुलकर किया जिक्र, सभी देशों ने की निंदा, कांग्रेस ने कसा तंज…

SCO Summit 2025 Modi’s Diplomatic Win and Opposition Criticism

चीन में एससीओ समिट 2025 में भारत ने आतंकी हमलों की निंदा पर समर्थन जुटाया। मोदी की कूटनीति चर्चा में, विपक्ष ने तीखी आलोचना की।

SCO Summit 2025: Modi’s Diplomatic Win and Opposition Criticism

चीन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) समिट में भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत हुई है, पहलगाम आतंकी हमले को लेकर सभी देशों ने एक सुर में उसकी निंदा की है। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी अपने बयान में पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र किया । चीन का दो दिवसीय दौरा खत्म कर पीएम मोदी राजधानी दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कैसा है। एससीओ शिखर सम्मेलन में आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हुए भारत के इस रुख से सोमवार को सहमति जताई कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में ‘‘दोहरे मानदंड’’ अस्वीकार्य हैं। इस प्रभावशाली समूह ने चीनी बंदरगाह शहर तियानजिन में आयोजित अपने दो दिवसीय वार्षिक शिखर सम्मेलन के अंत में जारी एक घोषणापत्र में आतंकवाद से लड़ने के अपने दृढ़ संकल्प को सूचीबद्ध किया। इस शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और विश्व के कई अन्य नेताओं ने भाग लिया। इस दौरान पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ भी मौजूद थे। घोषणा पत्र में कहा गया कि इस हमले के अपराधियों, आयोजकों और उन्हें समर्थन देने वालों को सजा दिलाना जरूरी है। एससीओ सदस्य देशों ने गाजा में इजराइल द्वारा किए गए सैन्य हमलों में बड़ी संख्या में आम लोगों के हताहत होने और गाजा पट्टी में भयावह मानवीय स्थिति पैदा होने के कारण इन हमलों की निंदा की। घोषणापत्र में क्षेत्रीय सुरक्षा बढ़ाने के उपायों का उल्लेख किया गया और आतंकवाद से निपटने को एक बड़ी चुनौती बताया गया। इसमें कहा गया, ‘‘सदस्य देश 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हैं। एससीओ के सदस्य देशों ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में खुजदार और जाफर एक्सप्रेस पर हुए आतंकवादी हमलों की भी निंदा की।
घोषणापत्र के अनुसार, ‘‘उन्होंने (सदस्य देशों ने) हताहतों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी सहानुभूति एवं संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे हमलों के दोषियों, आयोजकों और प्रायोजकों को न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए। इसमें कहा गया है कि एससीओ आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ के खिलाफ लड़ाई के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए, ‘‘स्वार्थसिद्धि के उद्देश्य’ के लिए आतंकवादी, अलगाववादी और चरमपंथी समूहों का इस्तेमाल करने के प्रयासों की अस्वीकार्यता पर जोर देता है।

पीएम मोदी की चीन यात्रा को लेकर कांग्रेस ने कहा- प्रधानमंत्री का 56 इंच का सीना बेनकाब हो गया

कांग्रेस ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बातचीत के बाद सरकार पर हमला बोला और उस पर ‘कायरतापूर्ण झुकने’ और ‘तथाकथित ड्रैगन’ के आगे घुटने टेकने का आरोप लगाया। पार्टी ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान-चीन की जुगलबंदी पर मोदी की चुप्पी को भी राष्ट्र-विरोधी करार दिया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि भारत लंबे समय से चीन पर आतंकवाद पर “दोहरे मानदंड” और “दोहरी बात” करने का आरोप लगाता रहा है। उन्होंने एक्स पर कहा, “अब प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से कह रहे हैं कि भारत और चीन दोनों ही आतंकवाद के शिकार हैं। अगर यह तथाकथित ड्रैगन के सामने तथाकथित हाथी का झुकना नहीं है, तो और क्या है? रमेश ने कहा, इससे भी अधिक राष्ट्रविरोधी तथ्य यह है कि प्रधानमंत्री मोदी ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के साथ चीन की जुगलबंदी के बारे में राष्ट्रपति शी के साथ अपनी बातचीत में पूरी तरह चुप रहे, जिसका खुलासा खुद भारतीय सेना के शीर्ष अधिकारियों ने किया है। कांग्रेस नेता ने कहा, स्वघोषित 56 इंच सीने वाले नेता अब पूरी तरह से बेनकाब हो गए हैं। उन्होंने 19 जून, 2020 को चीन को क्लीन चिट देकर राष्ट्रीय हितों के साथ विश्वासघात किया। अब, 31 अगस्त, 2025 भी तियानजिन में उनके कायरतापूर्ण व्यवहार के लिए बदनामी के दिन के रूप में जाना जाएगा। भारत और चीन ने रविवार को वैश्विक वाणिज्य को स्थिर करने के लिए व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ाने का संकल्प लिया, जबकि प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी ने चुनौतियों से निपटने के लिए द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने और गंभीर सीमा मुद्दे के “उचित” समाधान की दिशा में काम करने पर सहमति व्यक्त की। दोनों नेताओं के बीच वार्ता में भारत-चीन व्यापार घाटे को कम करने, आतंकवाद जैसी चुनौतियों से निपटने और बहुपक्षीय मंचों पर निष्पक्ष व्यापार सुनिश्चित करने सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अपनी वार्ता में मोदी और शी ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देश विकास साझेदार हैं, प्रतिद्वंद्वी नहीं, तथा उनके मतभेद विवाद में नहीं बदलने चाहिए। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि मोदी ने सीमापार आतंकवाद की चुनौती का भी जिक्र किया और इस समस्या से निपटने के लिए एक-दूसरे को सहयोग देने पर जोर दिया, क्योंकि भारत और चीन दोनों ही इससे प्रभावित हैं।

पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से यूक्रेन में शांति बहाली पर दिया जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन में सोमवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा कि यूक्रेन संघर्ष को यथाशीघ्र समाप्त करना मानवता का आह्वान है। पीएम मोदी और पुतिन ने इस चीनी बंदरगाह शहर में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान बातचीत की। मोदी ने टेलीविजन पर अपने उद्घाटन भाषण में कहा, हम यूक्रेन में शांति लाने के सभी हालिया प्रयासों का स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि सभी संबंधित पक्ष “रचनात्मक रूप से” आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि मानवता का आह्वान है कि संघर्ष को यथाशीघ्र समाप्त किया जाए तथा क्षेत्र में स्थायी शांति लाने के तरीके खोजे जाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि भारत रूसी नेता के स्वागत का इंतजार कर रहा है। पुतिन दिसंबर में मोदी के साथ शिखर वार्ता के लिए भारत आने वाले हैं। मोदी ने कहा कि भारत और रूस हमेशा मुश्किल समय में भी कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़े हैं।

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Author: AK

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