
Bihar Cabinet Expansion: 7 New Ministers Inducted in Nitish Government, All from BJP Quota
- 28 फरवरी से शुरू हो रहे विधानमंडल सत्र से पहले कैबिनेट विस्तार
- सभी नए मंत्री भाजपा से, जदयू को नहीं मिला प्रतिनिधित्व
- मिथिलांचल को सबसे ज्यादा तवज्जो, 4 मंत्री बने
- बिहार सरकार में मंत्रियों की संख्या अब 36 हुई पूर्ण
- ‘एक नेता, एक पद’ नीति के तहत बीजेपी नेता दिलीप जायसवाल का इस्तीफा
28 फरवरी से शुरू हो रहे बिहार विधानमंडल सत्र से पहले आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में अब सात और नए मंत्री हो गए हैं। मंत्री पद का शपथ लेने वाले सभी सातों विधायक भारतीय जनता पार्टी के कोटे से हैं। हालांकि, सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड का कोई मंत्री शपथ नहीं लिया। राजभवन में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने बीजेपी के 7 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। मंत्री बनने वालों में अमनौर विधायक कृष्ण कुमार मंटू, जाले विधायक जीवेश मिश्रा, दरभंगा विधायक संजय सरावगी, रीगा विधायक मोती लाल प्रसाद, साहिबगंज विधायक राजू सिंह, सिकटी विधायक विजय कुमार मंडल और बिहारशरीफ विधायक सुनील कुमार शामिल हैं। संजय सरावगी ने सबसे पहले मंत्री पद की शपथ ली है। इसके बाद डॉक्टर सुनील कुमार ने मंत्री पद की शपथ ली। फिर जीवेश कुमार ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें 6 विधायक उत्तरी बिहार के इलाके से आते हैं। सबसे अहम ये है कि इस कैबिनेट विस्तार में मिथिलांचल को सबसे ज्यादा तवज्जो दी गई है। मिथिलांचल के दरभंगा जिले में आने वाली दरभंगा और जाले विधानसभा के विधायकों को मंत्री बनाया जा रहा है। इसके अलावा सीतामढ़ी के रीगा के विधायक को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली है। अगर इसमें मुजफ्फरपुर के साहेबपुर को भी जोड़ दें तो मिथिलांचल से मंत्रियों की संख्या 4 हो जाएगी। इससे पहले कैबिनेट में केदार प्रसाद गुप्ता और हरि सहनी पहले से ही मिथिलांचल से मंत्री हैं। इस हिसाब से कैबिनेट में 6 मंत्री मिथिलांचल के हो गए हैं। इसके अलावा सीमांचल से एक विधायक को मंत्री बनाया जा रहा है। इस कैबिनेट विस्तार के साथ ही नीतीश मंत्रिमंडल ने अधिकतम मंत्रियों के कोटा को पूरा कर लिया है।
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बिहार की नीतीश सरकार में पूरे 36 मंत्री हो गए हैं–
बिहार में कुल 36 मंत्री हो सकते थे, अभी तक प्रदेश में 30 मंत्री थे। ऐसे में 6 नए चेहरों को शामिल करने की गुंजाइश थी। साथ बिहार बीजेपी के अध्यक्ष और राज्य सरकार के राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल ने ‘एक व्यक्ति एक पद’ की नीति के तहत अपना मंत्री पद छोड़ दिया है। ऐसे में बिहार में अधिकतम 7 मंत्री बनने की गुजाइंश थी. जो आज पूरा हो गया। इससे पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल भी सीमांचल से आते थे। ऐसे में उनके इस्तीफा देने के बाद उनकी भरपाई के तौर पर भी इसे जोड़कर देखा जा रहा है। इससे पहले बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बुधवार को घोषणा की कि वह नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल से इस्तीफा देंगे ताकि पार्टी की ‘एक नेता, एक पद’ नीति का पालन किया जा सके। बिहार सरकार में जायसवाल राजस्व और भूमि सुधार मंत्री हैं। जायसवाल ने पत्रकारों से कहा कि हमारी पार्टी के सिद्धांत ‘एक नेता, एक पद’ के अनुसार, मैंने राजस्व और भूमि सुधार विभाग के मंत्री पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। मैं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य करता रहूंगा।
Author: AK
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