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Remembering Lata Mangeshkar: जन्मदिवस पर याद आईं स्वर कोकिला, अयोध्या में बने लता मंगेशकर स्मृति चौक का आज लोकार्पण

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‘तुम मुझे यूं, भुला ना पाओगे’, ‘मेरी आवाज ही पहचान है, गर याद रहे’, ‘हम रहे न रहे महका करेंगे’… ऐसे हजारों अमर गीत गाने वाली लता मंगेशकर का आज जन्मदिवस है। दुनिया की सबसे महान गायिका लता जी के 93वें जन्मदिवस पर देश और दुनिया में लाखों प्रशंसक याद करते हुए सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। अपनी मधुर आवाज से आठ दशक से संगीत के खजाने में नए मोती भरने वाली लता मंगेशकर 28 सितंबर 1929 को इंदौर में मशहूर संगीतकार दीनानाथ मंगेशकर के यहां पैदा हुईं। लता ने अपनी आवाज और अपनी सुर साधना से बहुत छोटी उम्र में ही गायन में महारत हासिल की और विभिन्न भाषाओं में गीत गाए। लता ने अपनी जादुई आवाज के जरिये 36 भाषाओं में 50 हजार से भी ज्यादा गीत गाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज किया। इसी साल 6 फरवरी को स्वर कोकिला लता मंगेशकर का निधन हो गया था। ‌ आज लता जी के जन्मदिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने याद करते हुए श्रद्धांजलि दी है। ‌वहीं दूसरी ओर यूपी के अयोध्या में नयाघाट बंधा चौराहा अब लता मंगेशकर चौराहा के नाम से जाना जाएगा। सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर के नाम पर बने स्मृति चौक का आज सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी चौक का उद्घाटन करेंगे। लता मंगेशकर चौक के प्लेटफॉर्म पर 40 फीट लंबी और 14 टन वजनी वीणा को स्थापित किया गया है। चौक के बीच में चारों तरफ 92 कमल की आकृति के पत्थर के फूल भी लगाए गए हैं। वीणा में मां सरस्वती का चित्र भी उकेरा गया है। वीणा में विद्या की अधिष्ठात्री मां शारदे व ऐश्वर्य की प्रतीक मां लक्ष्मी के चित्र बनाए गए हैं। इस वीणा का निर्माण मूर्तिकार राम सुतार ने दो महीने में किया है। लता मंगेशकर चौक के सामने हनुमान जी की विशाल प्रतिमा भी स्थापित की गई है। ‘भारत रत्‍न’ से सम्‍मानित गायिका लता मंगेशकर ने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्‍पताल में इसी साल 6 फरवरी को अंतिम सांस ली। ‘भारत की नाइटिंगेल’ के नाम से दुनियाभर में मशहूर लता मंगेशकर ने करीब आठ दशक तक हिंदी सिनेमा में फीमेल प्‍लेबैक सिंगिंग में एकछत्र राज किया। मंगेशकर ने 1942 में महज 13 साल की उम्र में अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने कई भारतीय भाषाओं में अब तक 30 हजार से ज्यादा गाने गाए हैं। उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से भी नवाजा जा चुका है। इसके अलावा उन्हें पद्म भूषण, पद्म विभूषण और दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। लता मंगेशकर का गाना ऐ मेरे वतन के लोगों को आज भी जब स्वतंत्रता दिवस या 26 जनवरी में सुनते हैं तो सामने लता मंगेशकर का चेहरा आ जाता है। इस गीत को सुन कर प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भी इतने प्रभावित हुए कि उनकी आंखों में आंसू आ गए थे।

AK
Author: AK

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