पद्म पुरस्कार 2026 के पहले चरण में राष्ट्रपति भवन में 66 हस्तियों को सम्मान मिला। धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण, हरमनप्रीत समेत कई नाम चर्चा में रहे।
Padma Awards 2026: Dharmendra Among 66 Awardees
राष्ट्रपति भवन में सजा सम्मान का मंच, 66 हस्तियों को मिला राष्ट्रीय गौरव
देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कार 2026 का पहला चरण मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित हुआ। इस भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कला, साहित्य, खेल, शिक्षा, चिकित्सा, विज्ञान, उद्योग और समाज सेवा से जुड़े कुल 66 लोगों को सम्मानित किया। समारोह में कई भावुक और यादगार पल देखने को मिले। सबसे ज्यादा चर्चा अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देओल को मरणोपरांत दिए गए पद्म विभूषण की रही।
जनवरी में सरकार ने कुल 131 पद्म पुरस्कारों को मंजूरी दी थी। इनमें से पहले चरण में 66 हस्तियों को सम्मानित किया गया, जबकि बाकी सम्मान अगले चरण में दिए जाएंगे। इस साल कुल 5 लोगों को पद्म विभूषण, 13 को पद्म भूषण और 113 लोगों को पद्मश्री से सम्मानित किया जा रहा है।

धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण, भावुक हुआ समारोह
समारोह की शुरुआत सबसे खास सम्मान के साथ हुई। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र सिंह देओल को मरणोपरांत पद्म विभूषण दिया गया। राष्ट्रपति भवन में यह सम्मान उनकी पत्नी और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने ग्रहण किया।

धर्मेंद्र का नाम भारतीय सिनेमा के सबसे लोकप्रिय सितारों में लिया जाता है। कई दशकों तक फिल्मों में शानदार अभिनय और दर्शकों के साथ मजबूत जुड़ाव ने उन्हें खास पहचान दिलाई। यही वजह रही कि जैसे ही उनका नाम मंच से लिया गया, समारोह में मौजूद लोगों ने सम्मान के साथ उन्हें याद किया।
हरमनप्रीत कौर को पद्मश्री, खेल जगत में खास चर्चा
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को इस बार पद्मश्री से सम्मानित किया गया। महिला क्रिकेट को नई पहचान दिलाने और लगातार शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें यह सम्मान मिला।
खेल जगत से जुड़े कई और नाम भी इस सूची में शामिल रहे। हॉकी खिलाड़ी सविता पूनिया और क्रिकेटर रोहित शर्मा को भी सम्मान मिलने से खेल प्रेमियों में खास उत्साह देखने को मिला।
सत्यनारायण नुवाल को रक्षा विनिर्माण के लिए पद्मश्री
इस बार उद्योग और विनिर्माण क्षेत्र से भी कुछ बड़े नाम चर्चा में रहे।
सोलर ग्रुप के चेयरमैन सत्यनारायण नुवाल को रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्मश्री पुरस्कार दिया गया।
रक्षा क्षेत्र में भारत के आत्मनिर्भर बनने के लक्ष्य के बीच इस सम्मान को काफी अहम माना जा रहा है। रक्षा उपकरण निर्माण और इंडस्ट्री में लंबे समय से योगदान देने के कारण उनका नाम इस साल की सूची में खास रहा।
पुदुचेरी के के. पजनीवेल को मिला सम्मान
पारंपरिक भारतीय खेल और मार्शल आर्ट को बढ़ावा देने वालों को भी इस बार राष्ट्रीय मंच मिला।
पुदुचेरी के सिलंबम खिलाड़ी के. पजनीवेल को पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
समारोह के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। यह पल सोशल मीडिया और समारोह दोनों जगह चर्चा में रहा।
सिलंबम दक्षिण भारत की पारंपरिक मार्शल आर्ट मानी जाती है। इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने में के. पजनीवेल की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
ममिडाला जगदीश कुमार को शिक्षा और साहित्य के लिए सम्मान
शिक्षा जगत से जुड़े बड़े नामों में यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष ममिडाला जगदीश कुमार का नाम भी शामिल रहा।
उन्हें शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में योगदान के लिए पद्मश्री दिया गया।
उच्च शिक्षा, विश्वविद्यालयों की नीतियों और अकादमिक सुधारों में उनकी भूमिका लंबे समय से चर्चा में रही है। ऐसे में यह सम्मान शिक्षा क्षेत्र के लिए भी अहम माना गया।
पद्म विभूषण 2026: पांच बड़े नाम
इस साल पद्म विभूषण पाने वालों में—
- धर्मेंद्र सिंह देओल (मरणोपरांत) – कला
- के टी थॉमस – लोक सेवा
- एन राजम – कला
- पी नारायणन – साहित्य और शिक्षा
- वीएस अच्युतानंदन (मरणोपरांत) – लोक सेवा
शामिल रहे।
इन सभी नामों ने अपने-अपने क्षेत्र में लंबे समय तक उल्लेखनीय योगदान दिया है।
पद्म भूषण में कला, चिकित्सा और उद्योग जगत के नाम
पद्म भूषण पाने वालों में कई चर्चित चेहरे शामिल रहे।
इनमें—
- अलका याज्ञनिक
- ममूटी
- उदय कोटक
- विजय अमृतराज
- भगत सिंह कोश्यारी
- डॉ. नोरी दत्तात्रेयुडु
- शिबू सोरेन (मरणोपरांत)
जैसे नाम प्रमुख रहे।
पद्मश्री की सूची में देशभर की विविध प्रतिभाएं
इस बार पद्मश्री सूची की खास बात यह रही कि इसमें देश के लगभग हर हिस्से से लोग शामिल रहे।
असम, नागालैंड, बिहार, गुजरात, राजस्थान, तेलंगाना, पंजाब, तमिलनाडु, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पूर्वोत्तर राज्यों तक से नाम सामने आए।
कला, चिकित्सा, कृषि, समाज सेवा, विज्ञान, खेल और शिक्षा से जुड़े लोगों को सम्मान दिया गया।
यही पद्म पुरस्कार की सबसे बड़ी खूबी मानी जाती है— देश के हर हिस्से से प्रतिभा को राष्ट्रीय पहचान मिलती है।
पद्म सम्मान हर साल क्यों दिए जाते हैं?
भारत सरकार हर साल उन लोगों को सम्मानित करती है जिन्होंने किसी क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया हो।
इनमें शामिल होते हैं—
- कला
- समाज सेवा
- लोक सेवा
- चिकित्सा
- विज्ञान और अभियांत्रिकी
- साहित्य और शिक्षा
- उद्योग
- खेल
- कृषि और परंपरागत क्षेत्र
पद्म विभूषण असाधारण सेवा के लिए दिया जाता है।
पद्म भूषण उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है।
पद्मश्री किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवा के लिए दिया जाता है।
इनकी घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस पर होती है और उसके बाद राष्ट्रपति भवन में सम्मान समारोह आयोजित होता है।
सम्मान से बढ़ती है नई पीढ़ी की प्रेरणा
पद्म पुरस्कार सिर्फ सम्मान नहीं होते।
ये समाज के लिए प्रेरणा भी बनते हैं।
जब किसी शिक्षक, खिलाड़ी, डॉक्टर, वैज्ञानिक या कलाकार को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलते हैं, तो युवा पीढ़ी को भी मेहनत और समर्पण की नई दिशा मिलती है।
कई ऐसे नाम इस सूची में शामिल हैं जिनका काम वर्षों से चल रहा था लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा चर्चा नहीं हुई थी।
इन पुरस्कारों से ऐसे लोगों की पहचान पूरे देश तक पहुंचती है।
अब अगले चरण का इंतजार
कुल 131 पुरस्कारों में से पहले चरण के 66 सम्मान दिए जा चुके हैं।
बाकी 65 नामों को अगले चरण में सम्मानित किया जाएगा।
उन तारीखों का इंतजार अब शुरू हो गया है।
निष्कर्ष
पद्म पुरस्कार 2026 का पहला चरण कई मायनों में खास रहा। धर्मेंद्र को मिला मरणोपरांत पद्म विभूषण समारोह का सबसे भावुक पल रहा। वहीं हरमनप्रीत कौर, सत्यनारायण नुवाल, के. पजनीवेल और ममिडाला जगदीश कुमार जैसे कई नामों ने अलग-अलग क्षेत्रों में अपने योगदान के लिए राष्ट्रीय सम्मान हासिल किया।
राष्ट्रपति भवन में हुआ यह समारोह सिर्फ पुरस्कार वितरण नहीं था, बल्कि उन लोगों को देश का सम्मान था जिन्होंने अपने काम से भारत की पहचान को मजबूत किया।
Author: AK
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