
अभी तक संसद के शीतकालीन सत्र में एक भी काम नहीं हो पाया है। हर रोज विपक्ष अडानी समेत कई मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेर रहा है। जिसकी वजह से संसद की कार्यवाही सुचारू नहीं हो पा रही है। शीतकालीन सत्र के चौथे दिन भी लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष ने भारी हंगामा किया। कांग्रेस ने शुक्रवार को फिर अडानी मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। विपक्ष ने दोनों सदनों में इसी मुद्दे पर हंगामा किया। स्पीकर ओम बिरला ने कहा- सहमति-असहमति लोकतंत्र की ताकत है। मैं आशा करता हूं सभी सदस्य सदन को चलने देंगे। देश की जनता संसद के बारे में चिंता व्यक्त कर रही है। सदन सबका है, देश चाहता है संसद चले। बाद में लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही 2 दिसंबर तक स्थगित कर दी गई। सदन के बाहर समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, सरकार अदाणी, संभल और मणिपुर से जुड़े मुद्दों पर चर्चा से भाग रही है। जब सरकार नहीं चाहती कि संसद चले तो वह कैसे चल सकती है।आप सांसद राघव चड्ढा ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार और इस्कॉन पुजारी कृष्ण दास की गिरफ्तारी पर चर्चा के लिए राज्यसभा में कार्य स्थगन नोटिस दिया था। शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के सांसदों ने दिल्ली में बिगड़ती कानून व्यवस्था का आरोप लगाते हुए संसद परिसर में प्रदर्शन किया। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार को भी विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गई। दोनों सदनों में हंगामे के चलते पहले कार्यवाही 12 बजे और बाद में दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा में पिछले दिनों ध्वनिमत से वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पर बनी संसद की संयुक्त संसदीय समिति का कार्यकाल बजट सत्र के अंतिम दिन तक बढ़ाये जाने का प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव को समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल की ओर से रखा गया। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने लोकसभा की कार्यवाही नहीं चलने देने के लिए विपक्ष की निंदा की। उन्होंने कहा कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में सभी सदस्य विधेयकों पर चर्चा करने और कामकाज को ठीक से चलने देने के लिए राजी हुए थे। हालांकि यहां हंगामा हो रहा है। उन्होंने वक्फ संबंधित समिति का कार्यकाल बढ़ाये जाने के दौरान भी विपक्ष के हंगामा करने की निंदा की। उन्होंने कहा कि सर्वसम्मति से समिति का कार्यकाल बढ़ाये जाने पर सहमति बनी थी लेकिन प्रस्ताव पर मतदान के दौरान विपक्ष हंगामा कर रहा है। इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष को संविधान की 75वीं वर्षगांठ का ध्यान दिलाते हुए कहा कि संविधान सभा में भी असहमति थी और बहस हुई हैं लेकिन इस तरह का हंगामा ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि संविधान के 75 वर्षों के दौरान संविधान सभा में भी बहसें हुईं, असहमति और सहमति भी बनीं लेकिन सभी ने मर्यादित आचरण बनाए रखा। वे विपक्ष को हर मुद्दे पर पर्याप्त समय और अवसर देंगे। राहुल ने संसद के बाहर कहा था कि अडाणी पर अमेरिका में 2 हजार करोड़ की रिश्वत देने का आरोप है। उन्हें जेल में होना चाहिए। मोदी सरकार उन्हें बचा रही है।



















