DW Samachar – Header
BREAKING

बिहार चुनाव से पहले सीएम नीतीश की बड़ी घोषणा, अगड़ी जातियों के लिए राज्य में आयोग बनेगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार और शुक्रवार बिहार के दौरे पर थे। पीएम मोदी ने यहां पर कई विकास योजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। इस दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ी घोषणा की है। उन्होंने अगड़ी जातियों के विकास के लिए राज्य में एक आयोग बनाने की घोषणा की है। इसे उच्च जाति आयोग का … Read more

Nitish Kumar Masterstock ahead Bihar Polls as Govt formed Swarna Aayog

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार और शुक्रवार बिहार के दौरे पर थे। पीएम मोदी ने यहां पर कई विकास योजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। इस दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ी घोषणा की है। उन्होंने अगड़ी जातियों के विकास के लिए राज्य में एक आयोग बनाने की घोषणा की है। इसे उच्च जाति आयोग का नाम दिया गया है। इस आयोग का अध्यक्ष बीजेपी नेता महाचंद्र प्रसाद सिंह को बनाया गया है, जबकि उपाध्यक्ष जनता दल यूनाइटेड के मुख्य प्रवक्ता राजीव रंजन को इस आयोग का उपाध्यक्ष बनाया गया है। दयानंद राय, जय कृष्ण झा, राजकुमार सिंह को सदस्य नियुक्त किए गए हैं।

सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। इस आयोग का कार्यकाल 3 साल का होगा। बता दें कि इस साल के अंत तक बिहार विधानसभा का चुनाव है। आयोग का गठन ऐसे समय में किया गया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बिहार दौरा हुआ है और सियासी माहौल पूरी तरह गर्म है। इस नए आयोग का उद्देश्य सवर्ण समुदाय की सामाजिक, आर्थिक स्थिति का आकलन करना और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करना है।

Digital Women Trust

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साल 2011 में भी सवर्ण आयोग बनाने का फैसला लिया था:

नीतीश कुमार ने सवर्ण आयोग बनाने का फैसला लिया है। वर्ष 2011 में भी ऐसा प्रयास किया गया था, लेकिन आयोग ज्यादा समय तक सक्रिय नहीं रह सका। इस बार फिर चुनावी मौसम में यह पहल एक रणनीतिक कदम के रूप में देखी जा रही है, जिसका मकसद सवर्ण वोट बैंक को साधना है। आयोग सवर्ण समुदाय के सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर फोकस करेगा, उनके सुझाव सरकार तक पहुंचाएगा और कल्याणकारी योजनाओं का खाका तैयार करेगा। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब राजनीतिक दल अपने-अपने समीकरण बनाने में जुटे हैं और वोट बैंक को लुभाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। बता दें कि इससे एक दिन पहले ही गुरुवार को नीतीश सरकार ने अल्पसंख्यक आयोग का पुनर्गठन किया था और गुलाम रसूल बलयावी को इसका अध्यक्ष बनाया था। गुलाम रसूल जनता दल यूनाइटेड के पूर्व राज्यसभा सांसद हैं। बलयावी वक्फ कानून को लेकर सरकार का लगातार विरोध कर रहे थे। वहीं इस आयोग में 10 अन्य सदस्य भी रखे गए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले बिहार में सवर्ण आयोग कार्यरत था, जिसे नीतीश कुमार ने पुनर्गठित करने का फैसला लिया है। वहीं अल्पसंख्यक आयोग का भी पुनर्गठन होगा।

यह भी पढ़ेTRAI ने जारी किए नए सिम कार्ड Rule, अब नहीं करवाना पड़ेगा महंगा रिचार्ज, यहां देखें पूरी डिटेल्स

यह भी पढ़ेBAFTA Awards 2025:ऑल वी इमेजिन एज लाइट’ समेत 4 भारतीय फिल्मों का देखेगा BAFTA 2025 में जलवा , यहां देखें फिल्मों की लिस्ट

AK
Author: AK

! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !

Relates News

Advertisement

Rudra enterprises - Devanshu Deepak Jehanabad
⚡ लाइव अपडेट
खबरें लोड हो रही हैं…

लेटेस्ट न्यूज़