DW Samachar – Header
BREAKING

तीन दिनों से मणिपुर हिंसा की आग में झुलस रहा, राज्य में हालात फिर बेकाबू, दो दिन स्कूल किए गए बंद

भारत का उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर एक बार फिर हिंसा की आग में सुलग रहा है। महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष ने भाजपा सरकार पर मणिपुर में जारी हिंसा को लेकर बड़ा हमला भी किया है। राज्य में एक बार फिर हालात बेकाबू हैं। वहीं दूसरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों विदेश … Read more

IMG-20241118-WA0011
Manipur Violence Escalates for Third Day: Schools Shut for Two Days as Situation Deteriorates

भारत का उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर एक बार फिर हिंसा की आग में सुलग रहा है। महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष ने भाजपा सरकार पर मणिपुर में जारी हिंसा को लेकर बड़ा हमला भी किया है। राज्य में एक बार फिर हालात बेकाबू हैं। वहीं दूसरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों विदेश दौरे पर हैं। पीएम मोदी की अनुपस्थिति में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मणिपुर में जारी हिंसा को लेकर नजर बनाए हुए हैं।
मणिपुर के जिरीबाम में हुई एक गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने सोमवार को बताया कि मणिपुर के जिरीबाम जिले में सुरक्षा बलों और संपत्ति की तोड़फोड़ कर रही भीड़ के बीच झड़प के दौरान हुई गोलीबारी में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई। इससे पहले भीड़ ने तीन मंत्रियों और मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के दामाद समेत छह विधायकों के घरों में तोड़फोड़ और आगजनी के अलावा दो चर्चों और तीन घरों को भी फूंक दिया था। बताया जाता है कि महिलाओं और बच्चों की उग्रवादियों ने हत्या की है। इसे देखते हुए राज्य के स्कूलों में 2 दिन के लिए छुट्टी कर दी गई है। वहीं एनपीपी के सात विधायकों ने बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। एनपीपी ने दावा किया कि राज्य की बीरेन सिंह सरकार पूर्वोत्तर राज्य में समस्या को हल करने में पूरी तरह से नाकामयाब साबित हुई है। एनपीपी के बीजपी से समर्थन वापस लेने से भी बीजेपी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में भाजपा के पास 37 सीटें हैं। एनपीपी, जिसके सात विधायक हैं, ने पहले बीरेन सिंह सरकार को बाहरी समर्थन दिया था क्योंकि वह एनडीए का हिस्सा है। गौरतलब है कि एनपीपी के समर्थन वापस लेने से एन बीरेन सिंह सरकार को फिलहाल कोई खतरा नहीं है।  गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को राज्य के सुरक्षा हालात का रिव्यू करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मणिपुर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने के लिए सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका सहित अन्य शीर्ष अधिकारी शामिल हो सकते हैं। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी मणिपुर हिंसा से जुड़े 3 मामलों की जांच करेगी। केंद्र सरकार ने हालात पर काबू पाने के लिए सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स की 50 कंपनियां (5 हजार जवान) मणिपुर भेजने का फैसला लिया है। मणिपुर में लोगों ने मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह और 13 विधायकों के घरों पर हमला किया था। आगजनी भी की गई थी। मणिपुर में 3 महिलाओं और 3 बच्चों के शव मिलने के बाद से प्रदर्शन जारी है। हिंसा को देखते हुए 7 जिलों इंफाल ईस्ट, इंफाल वेस्ट, बिष्णुपुर, थौउबल, काकचियांग, कांगपोकपी और काकचियांग में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू है। 7 जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं। सीआरपीएफ प्रमुख अनीश दयाल को हालात का जायजा लेने के लिए भेजा गया है।

यह भी पढ़े: बिहार: सीएम नीतीश के कार्यक्रम में विधायकों की No Entry, गार्ड्स ने धक्का देकर भगाया; हाथ में गुलदस्ता लेकर खड़े रह गए विधायक

यह भी पढ़े: स्वामीनाथन रिपोर्ट: पहले भारत रत्न का सम्मान,अब उन्हीं स्वामीनाथन की कृषि रिपोर्ट कृषि मंत्रालय की वेबसाइट से गायब, जानें कौन हैं स्वीनाथन क्या है इनकी रिपोर्ट

AK
Author: AK

! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !

Digital Women Trust
Relates News

Advertisement

Rudra enterprises - Devanshu Deepak Jehanabad
⚡ लाइव अपडेट
खबरें लोड हो रही हैं…

लेटेस्ट न्यूज़