कई दिनों बाद आखिरकार भाजपा एनडीए ने उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम का एलान कर दिया। नए उपराष्ट्रपति के नाम को लेकर अटकलों का बाजार गर्म था। एनडीए की ओर से कई नाम चर्चा में थे। लेकिन अंतिम फैसला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से आने वाले और महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन के नाम पर हुआ। रविवार को हुई भाजपा संसदीय दल की बैठक में उनके नाम पर सहमति बनी। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राधाकृष्णन के नाम का एलान किया। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई नेता मौजूद थे। राधाकृष्णन 21 अगस्त को नामांकन दाखिल करेंगे। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए 9 सितंबर को वोटिंग होगी। उसी दिन काउंटिंग भी होगी। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 21 अगस्त है। 25 अगस्त तक उम्मीदवारी वापस ली जा सकती है। दरअसल, जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई की रात उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे दिया था। धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में सीपी राधाकृष्णन ने अपनी लगन, विनम्रता और बुद्धिमत्ता से अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने हमेशा सामुदायिक सेवा और वंचितों के सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने तमिलनाडु में जमीनी स्तर पर व्यापक कार्य किया है। मुझे खुशी है कि एनडीए परिवार ने उन्हें हमारे गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में नामित करने का निर्णय लिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए एनडीए के उम्मीदवार के रूप में नामित होने पर महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को बधाई। एक सांसद और विभिन्न राज्यों के राज्यपाल के रूप में आपकी भूमिकाओं ने संवैधानिक कर्तव्यों को प्रभावी ढंग से निभाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि आपका विशाल अनुभव और ज्ञान उच्च सदन की प्रतिष्ठा को बढ़ाएगा और नई उपलब्धियां हासिल करेगा। इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा संसदीय बोर्ड के सभी सदस्यों का आभार। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्मीदवार घोषित होने पर सीपी राधाकृष्णन को बधाई। वर्तमान में वे महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं, इससे पहले वे झारखंड के राज्यपाल रह चुके हैं। इसके अलावा, वे लोकसभा में सांसद भी रह चुके हैं। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आगे कहा कि महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार घोषित किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। पिछड़े वर्ग से ताल्लुक रखने वाले राजनेता, जिन्होंने कई राज्यों के राज्यपालों सहित अनेक महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। आपका राष्ट्रहित में समर्पण, दूरदर्शी नेतृत्व एवं निरंतर सेवाभाव निश्चय ही भारत को नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान करेगा।
तमिलनाडु से आने वाले सीपी राधाकृष्णन ने शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से की थी
सीपी राधाकृष्णन का पूरा नाम चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन है। सीपी राधाकृष्णन ने 31 जुलाई 2024 को महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में शपथ ली। अपनी नियुक्ति से पहले, उन्होंने लगभग डेढ़ वर्ष तक झारखंड के राज्यपाल के रूप में कार्य किया। उन्होंने कुछ समय के लिए तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाला। चार दशकों से अधिक के अनुभव के साथ राधाकृष्णन तमिलनाडु की राजनीति और सार्वजनिक जीवन में एक सम्मानित नाम हैं। 1957 में तमिलनाडु के तिरुप्पुर में जन्मे राधाकृष्णन ने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। आरएसएस के स्वयंसेवक के रूप में शुरुआत करते हुए वे 1974 में भारतीय जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी समिति के सदस्य बने। 1996 में राधाकृष्णन को तमिलनाडु में भाजपा का सचिव नियुक्त किया गया। वे 1998 में कोयंबटूर से पहली बार लोकसभा के सदस्य चुने गए। 1999 में वे पुनः सांसद बने। सांसद के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कपड़ा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) संबंधी संसदीय समिति और वित्त संबंधी परामर्शदात्री समिति के भी सदस्य थे। वे स्टॉक एक्सचेंज घोटाले की जांच करने वाली संसदीय विशेष समिति के सदस्य थे। 2004 में राधाकृष्णन ने संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया। वे ताइवान गए पहले संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भी थे। 2004 से 2007 के बीच, राधाकृष्णन तमिलनाडु में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। इस पद पर रहते हुए, उन्होंने 93 दिनों तक चली 19,000 किलोमीटर की ‘रथ यात्रा’ की। यह यात्रा सभी भारतीय नदियों को जोड़ने, आतंकवाद का उन्मूलन, समान नागरिक संहिता लागू करने, अस्पृश्यता निवारण और मादक पदार्थों की समस्या से निपटने की उनकी मांगों को उजागर करने के लिए आयोजित की गई थी। उन्होंने विभिन्न उद्देश्यों के लिए दो अन्य पदयात्राओं का भी नेतृत्व किया।2016 में राधाकृष्णन को कोच्चि के कॉयर बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया, इस पद पर वे चार वर्षों तक रहे। उनके नेतृत्व में, भारत से कॉयर निर्यात 2,532 करोड़ रुपए के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। 2020 से 2022 तक, वे केरल के लिए भाजपा के अखिल भारतीय प्रभारी रहे। 18 फरवरी, 2023 को, राधाकृष्णन को झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया। अपने पहले चार महीनों के दौरान, उन्होंने झारखंड के सभी 24 जिलों की यात्रा की और नागरिकों और जिला अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला। महाराष्ट्र के राज्यपाल का कार्यभार संभालने के बाद से राधाकृष्णन ने पूरे महाराष्ट्र का भ्रमण किया है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, व्यापारिक नेताओं और समाज के विभिन्न वर्गों से मुलाकात की है। राज्यपाल ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और उस तक पहुंच बढ़ाने में गहरी रुचि दिखाई है। उन्होंने ग्रामीण कल्याण के क्षेत्र में कई कदम उठाए हैं। राधाकृष्णन टेबल टेनिस में कॉलेज चैंपियन और लंबी दूरी के धावक थे। उन्हें क्रिकेट और वॉलीबॉल का भी शौक था। राधाकृष्णन ने अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, पुर्तगाल, नॉर्वे, डेनमार्क, स्वीडन, फिनलैंड, बेल्जियम, हॉलैंड, तुर्की, चीन, मलेशिया, सिंगापुर, ताइवान, थाईलैंड, मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात, बांग्लादेश, इंडोनेशिया और जापान की यात्राएं की हैं।
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Author: AK
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