
देश के सर्वश्रेष्ठ नागरिक होने के सम्मान पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित होने के बाद कंगना रणौत ने एक निजी इंटरव्यू में 2014 में आजादी मिली है ऐसा बयान दिया, जिसके बाद इस बयान पर हंगामा मच गया है। अपने अभिनय से ज्यादा हमेशा विवादों की वजह से चर्चा में रहने वाली एक्ट्रेस कंगना रनौत को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है। इतना ही नहीं उनसे पद्मश्री अवार्ड वापस लेने की मांग की भी की जा रही है। कई यूजर्स का कहना है कि भीख में तो कंगना को पद्मश्री मिला होगा!
वहीं कंगना रनौत के इस बयान पर महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष नेटा डिसूजा ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिख कर कहा है कि कंगना ने स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन का मजाक भी उड़ाया है। ऐसे में उन पर उचित कार्रवाई की जाए और उनसे पद्म श्री वापस लिया जाए।इसके अलावा आप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य प्रीति शर्मा मेनन ने अभिनेत्री कंगना रणौत के खिलाफ मुंबई पुलिस से शिकायत कर मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। मेनन ने कहा, “कार्रवाई की उम्मीद है। कंगना पर भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए, 504, और 505 के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।”
आखिर क्या कहा था कंगना ने-
कंगना ने निजी इंटरव्यू में कहा, “वो आजादी नहीं थी वो भीख थी और जो आजादी मिली है वो 2014 में मिली है।” कंगना ने साथ में यह भी कहा था कि इस बयान के बाद उनके खिलाफ दस और एफआईआर दर्ज होंगे।
कंगना के इस बयान पर बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने भी ट्वीट करते हुए यह लिखा है कि , कभी महात्मा गांधी जी के त्याग और तपस्या का अपमान, कभी उनके हत्यारे का सम्मान, और अब शहीद मंगल पाण्डेय से लेकर रानी लक्ष्मीबाई, भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और लाखों स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों का तिरस्कार। इस सोच को मैं पागलपन कहूँ या फिर देशद्रोह?
Author: AK
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