जहानाबाद,श्रावणी मेला के उद्घाटन समारोह को लेकर जहानाबाद जिले की सियासत गरमा गई है। मेला उद्घाटन कार्यक्रम में जिलाधिकारी के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पर जिले के तीनों विधायकों—घोसी के रामबली सिंह यादव, मखदूमपुर के सतीश दास और जहानाबाद के सुदय यादव—ने एक सुर में कार्यक्रम का बहिष्कार करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला।
‘सरकार ने अधिकारियों को दी खुली छूट’ — रामबली सिंह यादव
घोसी विधायक रामबली सिंह यादव ने कहा, “सरकार ने अधिकारियों का मन बहुत बढ़ा दिया है। अब अधिकारी ही सरकार जैसे व्यवहार कर रहे हैं। जिस दिन सत्ता बदलेगी, उस दिन डीएम-एसपी की नहीं चलेगी।”
‘जनप्रतिनिधियों को किया गया नजरअंदाज’ — सतीश कुमार
मखदूमपुर विधायक सतीश कुमार ने नाराजगी जताते हुए कहा, “जनप्रतिनिधियों के रहते हुए जिलाधिकारी द्वारा मेला का उद्घाटन करना सरासर गलत है। जब हमें कोई अधिकार ही नहीं दिया गया तो हम किस हैसियत से मंच पर जाएँ? यहाँ तक कि कोई निमंत्रण पत्र तक नहीं छापा गया। केवल लेटर नंबर के साथ पत्र भेजा गया है जो हास्यास्पद है।”
‘विधानसभा अध्यक्ष की भी नहीं हो रही सुनवाई’ — सुदय यादव
जहानाबाद विधायक सुदय यादव ने तो सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, “जब एक दरोगा के तबादले के लिए विधानसभा अध्यक्ष को भी गिड़गिड़ाना पड़ता है, तो फिर आम विधायक की क्या बिसात? ऐसी सरकार से किसी उम्मीद की गुंजाइश नहीं बचती।”
तीनों विधायकों के बहिष्कार और तीखे बयानों के बाद जिले की राजनीति में खलबली मच गई है। इस विवाद ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव को उजागर कर दिया है, वहीं विपक्ष को भी सरकार को घेरने का नया मुद्दा मिल गया है।
अब देखना यह होगा कि सरकार इस विवाद पर क्या रुख अपनाती है और क्या जिले के जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का यह मामला विधानसभा तक गूंजेगा।
Jehanabad News: Political uproar over the inauguration of Shravani Mela by the District Magistrate, all three MLAs of Jehanabad boycotted, targeted the government, accused of sidelining the public representatives
Author: AK
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