जहानाबाद धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण ठाकुरबाड़ी इलाका इन दिनों गंदगी और कचरे के ढेर में तब्दील हो गया है। माता मुंडेश्वरी देवी मंदिर और जहानेश्वर महादेव मंदिर के आसपास नगर परिषद की घोर लापरवाही के कारण हालात बद से बदतर हो गए हैं। आस्था की यह पावन भूमि अब कचरे और बदबू से त्रस्त है।
नदी में खुलेआम डाला जा रहा कचरा, लोग बेहाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर परिषद की गाड़ियाँ नियमित रूप से इलाके की नदी में कूड़ा डंप कर रही हैं। दुकानदार और कुछ स्थानीय लोग भी इसमें सहभागी बन गए हैं। नतीजतन, नदी का पानी सड़ने लगा है और बदबू से आसपास का माहौल रहने लायक नहीं रह गया है। मच्छरों का प्रकोप और बीमारी फैलने का खतरा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है।
अधिकारी नदारद, जिम्मेदारों का टालमटोल रवैया
समस्या की गंभीरता को लेकर जब पत्रकारों ने अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की तो न तो फोन उठाया गया और न ही कार्यालय में कोई जवाब मिला। ठेकेदार से बात करने पर उन्होंने कैमरे से बचने की कोशिश की और कहा — “यह सब अधिकारियों के आदेश से हो रहा है, यह वार्ड नंबर 24 का कचरा है।” वहीं स्थानीय वार्ड पार्षद से भी कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई।
आस्था को ठेस, श्रद्धालुओं में आक्रोश
श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर तक पहुंचना अब दूभर हो गया है। मंदिर के पास ही कचरे का ढेर लगा हुआ है। ठाकुरबाड़ी के निवासी राम नरेश पांडे ने नाराजगी जताते हुए कहा — “जहां पहले भजन-कीर्तन और घंटियों की आवाज गूंजती थी, अब वहां बदबू और गंदगी का साम्राज्य है। आस्था का अपमान हो रहा है।”
नगर परिषद पर गंभीर आरोप
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार लिखित और मौखिक शिकायत की गई, लेकिन नगर परिषद के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। न तो कूड़ा हटाया गया और न ही कोई वैकल्पिक डंपिंग स्थल बनाया गया।
ठाकुरबाड़ी के लोगों ने कहा — “यह नगर परिषद की नाकामी है। मंदिर के पास गंदगी का अंबार न सिर्फ आस्था का अपमान है, बल्कि यह साफ-सफाई को लेकर प्रशासन की संवेदनहीनता भी उजागर करता है।”
जन आंदोलन की चेतावनी
स्थानीय युवाओं, समाजसेवियों और आम नागरिकों ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर मंदिर के पास और नदी के आसपास से कचरा नहीं हटाया गया, नियमित सफाई नहीं हुई और वैकल्पिक कचरा निष्कासन की व्यवस्था नहीं की गई, तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की जाएगी।
स्थानीय लोगों की चार प्रमुख मांगें:
1️⃣ मंदिर के आसपास नियमित सफाई अभियान चलाया जाए।
2️⃣ नदी में कचरा फेंकना तत्काल बंद किया जाए।
3️⃣ शहर के लिए वैकल्पिक कचरा डंपिंग स्थल बनाया जाए।
4️⃣ धार्मिक स्थलों की गरिमा, स्वच्छता और पर्यावरण संतुलन सुनिश्चित किया जाए।
अब देखने वाली बात यह है कि नगर प्रशासन और जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब और कैसे कार्रवाई करता है। या फिर एक बार फिर जनता ही आंदोलन कर अपने हक के लिए सड़क पर उतरेगी। फिलहाल इस पर अधिकारी प्रतिक्रिया बाकी है।
Jehanabad News: Pile of garbage near Mata Mundeshwari Temple and Jahaneshwar Mahadev, both faith and environment in danger
Author: AK
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