जहानाबाद राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देशानुसार 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली वर्ष की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेश कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जहानाबाद एवं अरवल जिले के सभी पारा विधिक स्वयंसेवकों (PLVs) ने भाग लिया। समीक्षा के दौरान प्रधान जिला जज ने पारा विधिक स्वयंसेवकों से अब तक की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि आम लोगों को सरल और प्रभावी तरीके से लोक अदालत के महत्व के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन प्री-सिटिंग के माध्यम से संभव हो सके।
उन्होंने अब तक तैयार किए गए नोटिसों पर असंतोष व्यक्त करते हुए सभी न्यायालयों में प्रतिनियुक्त स्वयंसेवकों को सख्त निर्देश दिया कि दो दिनों के भीतर चिन्हित सभी मामलों में नोटिस तैयार कर लिए जाएं। साथ ही, नोटिस पक्षकारों के घर-घर जाकर सुपुर्द करने को कहा गया। अब तक 2000 से अधिक मामलों की पहचान की जा चुकी है और पिछली लोक अदालत की तुलना में अधिक मामलों के निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रधान जिला जज ने बताया कि मध्यस्थता अभियान 20 जनवरी 2026 से संचालित है, जिसके माध्यम से भी अधिकाधिक मामलों के समाधान का प्रयास किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 100 दिवसीय ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान भी व्यापक रूप से चलाया जा रहा है। उन्होंने सभी पारा विधिक स्वयंसेवकों को अपने-अपने क्षेत्रों में जन-जागरूकता अभियान तेज करने का निर्देश दिया, ताकि आम लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें। प्राधिकार सचिव रणजीत कुमार ने बताया कि सभी न्यायालयों में नोटिस तैयार करने एवं वितरण के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। बैठक में उपस्थित पारा विधिक स्वयंसेवकों ने लक्ष्य प्राप्ति हेतु सक्रिय सहयोग का आश्वासन दिया।
Jehanabad News: Neet student death case: Relatives threatened with death, relatives install CCTV cameras at house themselves
Author: AK
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