बेसहारा बच्चों के लिए जन मुक्ति आंदोलन की मांग।
जहानाबाद जिले के मखदुमपुर प्रखंड अंतर्गत नौगढ़ गांव के महादलित टोला में पांच मासूम बच्चों के बेसहारा होने का मामला सामने आया है। जन मुक्ति आंदोलन की टीम ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनकी स्थिति का जायजा लिया और जिला प्रशासन एवं बिहार सरकार से आर्थिक सहायता, इलाज तथा बच्चों के पालन-पोषण की व्यवस्था करने की मांग की। मंगलवार को जन मुक्ति आंदोलन के महासचिव हरी लाल प्रसाद के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल नौगढ़ गांव के महादलित टोला पहुंचा। टीम में रविंद्र कुमार और लेंद्र मांझी सहित अन्य सदस्य भी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने स्वर्गीय शक्ल देव मांझी के परिवार से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। जानकारी के अनुसार, शक्ल देव मांझी की लगभग दो वर्ष पूर्व पानी में डूबने से मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि इस हादसे के बावजूद आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला।

परिवार का पालन-पोषण उनकी पत्नी जराधनी देवी कर रही थीं, लेकिन 8 जुलाई 2026 को इलाज के अभाव में उनकी भी मृत्यु हो गई। माता-पिता की मौत के बाद परिवार के पांचों बच्चे—कुसुम कुमारी मांझी, शोभा कुमारी मांझी, छठी कुमारी मांझी, संजोगा कुमारी मांझी और उपेंद्र मांझी—पूरी तरह बेसहारा हो गए हैं। जन मुक्ति आंदोलन का दावा है कि बच्चों की तबीयत भी खराब है और वे टीबी जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं।प्रतिनिधिमंडल ने तत्काल राहत के रूप में परिवार को आटा, आलू सहित अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई। साथ ही जिला प्रशासन और बिहार सरकार से मांग की कि शक्ल देव मांझी की मौत को आपदा मानते हुए उनके आश्रितों को चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, बच्चों की स्वास्थ्य जांच कराकर समुचित इलाज सुनिश्चित किया जाए तथा उनके पालन-पोषण, शिक्षा और रहने की स्थायी व्यवस्था सरकार द्वारा की जाए।
Jehanabad News: Five children left destitute in the Mahadalit hamlet of Naugarh; the Jan Mukti Andolan has demanded compensation and support for their upbringing from the government.



















