जहानाबाद बिहार में शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इसी प्रणाली में कुछ शिक्षक गड़बड़ी कर रहे हैं। ताजा मामला जहानाबाद जिले से सामने आया है, जहां 10 से 12 शिक्षकों पर ई-शिक्षा कोष एप के जरिए फर्जी उपस्थिति दर्ज करने का आरोप लगा है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) रश्मि रेखा द्वारा मई महीने में की गई जांच में यह गड़बड़ी सामने आई। DEO ने बताया कि 20 दिनों की अवधि में 100 शिक्षकों की उपस्थिति जांची गई, जिसमें 10 से अधिक शिक्षक संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाए गए। सभी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
जांच में सामने आया कि कुछ शिक्षक विद्यालय की जगह घर या खेत से फोटो लेकर अटेंडेंस अपडेट कर रहे थे। सुबह निर्धारित समय 6:30 बजे की बजाय 7:30, 8:30 या 8:45 बजे तक उपस्थिति दर्ज की जा रही थी, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
ई-शिक्षा कोष एप में उपस्थिति दर्ज करते समय फोटो खींचना अनिवार्य है, जिससे शिक्षक की लोकेशन और उपस्थिति की पुष्टि हो सके। लेकिन शिक्षकों ने इस प्रक्रिया में भी हेराफेरी कर स्कूल की जगह अन्य स्थानों से फोटो अपलोड किया।
DEO रश्मि रेखा ने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी शिक्षकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में करीब 8000 शिक्षक कार्यरत हैं, और सभी की उपस्थिति पर नजर रखी जा रही है।
शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई को शिक्षकों में अनुशासन और जवाबदेही लाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। विभाग की ओर से यह भी कहा गया है कि आगे ऐसी गड़बड़ी रोकने के लिए निगरानी और सख्ती और बढ़ाई जाएगी।
Jehanabad News: Case of fake attendance of teachers exposed, DEO sought answer
Author: AK
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