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Global Peace Index 2026: भारत से शांत निकले बांग्लादेश, श्रीलंका और भूटान! Global Peace Index में बड़ा खुलासा

ग्लोबल पीस इंडेक्स 2026 में भारत 127वें स्थान पर रहा। भूटान, श्रीलंका और अन्य पड़ोसी देशों की रैंकिंग और शांति स्थिति जानें। Global Peace Index 2026: South Asia Faces Rising Instability ग्लोबल पीस इंडेक्स 2026: भारत की रैंकिंग गिरी, दक्षिण एशिया में बढ़ी अस्थिरता दुनिया में कौन से देश सबसे सुरक्षित और शांतिपूर्ण हैं, यह … Read more

Global Peace Index 2026: South Asia Faces Rising Instability

ग्लोबल पीस इंडेक्स 2026 में भारत 127वें स्थान पर रहा। भूटान, श्रीलंका और अन्य पड़ोसी देशों की रैंकिंग और शांति स्थिति जानें।

Global Peace Index 2026: South Asia Faces Rising Instability


ग्लोबल पीस इंडेक्स 2026: भारत की रैंकिंग गिरी, दक्षिण एशिया में बढ़ी अस्थिरता

दुनिया में कौन से देश सबसे सुरक्षित और शांतिपूर्ण हैं, यह जानने के लिए हर साल जारी होने वाला Global Peace Index 2026 इस बार कई महत्वपूर्ण संकेत लेकर आया है। रिपोर्ट में जहां यूरोप के देशों का दबदबा कायम रहा, वहीं दक्षिण एशिया में शांति की स्थिति को लेकर चिंता जताई गई है।

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इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (IEP) की इस रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण एशिया दुनिया के सबसे अस्थिर क्षेत्रों में शामिल हो गया है। क्षेत्र के कई देशों में राजनीतिक तनाव, आंतरिक संघर्ष, सीमा विवाद और सामाजिक अस्थिरता के कारण शांति स्तर प्रभावित हुआ है।

भारत के लिए यह रिपोर्ट खास चर्चा का विषय बनी है क्योंकि इस बार भारत अपने कई पड़ोसी देशों से पीछे रहा है। वहीं भूटान और श्रीलंका जैसे देशों ने बेहतर प्रदर्शन किया है।

ग्लोबल पीस इंडेक्स क्या है और कैसे तय होती है रैंकिंग?

शांति और सुरक्षा को मापने वाला वैश्विक सूचकांक

Global Peace Index (GPI) दुनिया के देशों की शांति और सुरक्षा की स्थिति को मापने वाला एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सूचकांक है। इसे इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस द्वारा तैयार किया जाता है।

इसमें 163 देशों का मूल्यांकन किया जाता है। रैंकिंग तैयार करने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है, जैसे:

  • आंतरिक और बाहरी संघर्ष
  • सैन्य खर्च
  • अपराध और हिंसा का स्तर
  • राजनीतिक स्थिरता
  • आतंकवाद का प्रभाव
  • सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था

जिस देश में हिंसा कम, राजनीतिक स्थिरता अधिक और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती है, उसे बेहतर रैंक मिलती है।

दक्षिण एशिया में शांति की स्थिति क्यों बिगड़ी?

राजनीतिक तनाव और आंतरिक संघर्ष बने बड़ी वजह

रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण एशिया के औसत शांति स्कोर में गिरावट दर्ज की गई है। क्षेत्र का औसत स्कोर लगभग 2.3 प्रतिशत खराब हुआ है।

इसके पीछे कई कारण बताए गए हैं:

  • राजनीतिक अस्थिरता
  • बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन
  • सीमा विवाद
  • आतंकवाद से जुड़ी चुनौतियां
  • आर्थिक दबाव

दक्षिण एशिया में भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और अफगानिस्तान जैसे देशों की स्थिति पर क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाओं का प्रभाव पड़ा है।

भूटान बना दक्षिण एशिया का सबसे शांतिपूर्ण देश

दुनिया में 16वें स्थान पर रहा भूटान

दक्षिण एशिया में सबसे बेहतर प्रदर्शन भूटान ने किया है। Bhutan Peace Ranking के अनुसार, भूटान दुनिया के सबसे शांतिपूर्ण देशों में शामिल रहा और 2026 के सूचकांक में उसे 16वां स्थान मिला।

हालांकि इस साल भूटान के स्कोर में मामूली 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई, लेकिन फिर भी वह क्षेत्रीय औसत से काफी आगे रहा।

भूटान लंबे समय से अपनी शांतिपूर्ण नीतियों, राजनीतिक स्थिरता और सामाजिक संतुलन के लिए जाना जाता है। छोटे आकार के बावजूद यह देश वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और शांति का उदाहरण माना जाता है।

श्रीलंका ने किया शानदार सुधार

आर्थिक स्थिरता से सुधरी स्थिति

श्रीलंका ने इस बार दक्षिण एशिया में सबसे बड़ा सुधार दिखाया है। आर्थिक संकट और राजनीतिक उथल-पुथल के बाद अब वहां धीरे-धीरे स्थिरता लौट रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, श्रीलंका के शांति स्कोर में 2.3 प्रतिशत का सुधार हुआ और वह दुनिया में 67वें स्थान पर पहुंच गया।

श्रीलंका की स्थिति सुधारने में कई कारकों की भूमिका रही:

  • आर्थिक सुधार प्रक्रिया
  • महंगाई में कमी
  • राजनीतिक स्थिरता की वापसी
  • अंतरराष्ट्रीय सहयोग

इस प्रदर्शन के कारण श्रीलंका दक्षिण एशिया का दूसरा सबसे शांतिपूर्ण देश बन गया।

नेपाल की रैंकिंग में बड़ी गिरावट

विरोध प्रदर्शनों ने प्रभावित किया शांति स्कोर

नेपाल की स्थिति इस साल काफी खराब हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल के शांति स्कोर में 9.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

नेपाल की रैंकिंग 111वें स्थान पर पहुंच गई। रिपोर्ट में राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों और आंतरिक तनाव को इसके प्रमुख कारणों में शामिल किया गया है।

पिछले समय में सरकार के कुछ फैसलों को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों ने देश की राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित किया।

बांग्लादेश की स्थिति कैसी रही?

राजनीतिक बदलावों का असर

Bangladesh Safety Ranking भी इस बार चर्चा में रही। ग्लोबल पीस इंडेक्स 2026 में बांग्लादेश को 117वां स्थान मिला।

रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश की रैंकिंग पर राजनीतिक स्थिरता, सार्वजनिक प्रदर्शन और आंतरिक तनाव जैसे मुद्दों का प्रभाव पड़ा।

हालांकि हाल के समय में वहां राजनीतिक स्थिरता लौटने के संकेत दिखाई दिए हैं। आर्थिक विकास और क्षेत्रीय व्यापार में बढ़ती भूमिका के कारण बांग्लादेश दक्षिण एशिया की महत्वपूर्ण अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो रहा है।

भारत की रैंकिंग 127वें स्थान पर पहुंची

संघर्ष से जुड़े संकेतकों में गिरावट

भारत के लिए ग्लोबल पीस इंडेक्स 2026 की रिपोर्ट चिंता का विषय रही। भारत इस बार 127वें स्थान पर रहा।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत के शांति स्कोर में 2.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इसके पीछे संघर्ष से जुड़े संकेतकों में बदलाव को मुख्य कारण बताया गया है।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां सुरक्षा, विकास तथा सामाजिक स्थिरता के मुद्दे हमेशा महत्वपूर्ण रहे हैं।

भारत की रैंकिंग पर कई कारकों का प्रभाव पड़ता है:

  • आंतरिक सुरक्षा चुनौतियां
  • सीमा संबंधी तनाव
  • सामाजिक और राजनीतिक विवाद
  • क्षेत्रीय सुरक्षा परिस्थितियां

हालांकि भारत की बड़ी अर्थव्यवस्था और मजबूत लोकतांत्रिक संस्थाएं उसकी वैश्विक भूमिका को लगातार मजबूत करती हैं।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान की स्थिति सबसे चुनौतीपूर्ण

आतंकवाद और संघर्ष का बड़ा असर

पाकिस्तान की स्थिति इस रिपोर्ट में काफी कमजोर रही। पाकिस्तान का शांति स्कोर 5.5 प्रतिशत गिरा और वह 152वें स्थान पर पहुंच गया।

रिपोर्ट में आतंकवाद, आंतरिक संघर्ष और पड़ोसी देशों के साथ तनाव को इसके प्रमुख कारणों में शामिल किया गया है।

वहीं अफगानिस्तान दक्षिण एशिया का सबसे कम शांतिपूर्ण देश रहा। दुनिया की रैंकिंग में वह 157वें स्थान पर है।

तालिबान शासन के बाद कुछ क्षेत्रों में स्थिरता के संकेत मिले हैं, लेकिन सुरक्षा चुनौतियां और सीमा विवाद अभी भी बड़ी समस्या बने हुए हैं।

दुनिया के सबसे सुरक्षित और शांतिपूर्ण देश कौन से हैं?

Top 10 Safest Countries 2026

ग्लोबल पीस इंडेक्स 2026 में सबसे शांतिपूर्ण देशों की सूची में यूरोप का दबदबा देखने को मिला।

दुनिया के शीर्ष 10 शांतिपूर्ण देश:

  1. आइसलैंड
  2. न्यूजीलैंड
  3. स्विट्जरलैंड
  4. स्लोवेनिया
  5. आयरलैंड
  6. ऑस्ट्रिया
  7. पुर्तगाल
  8. सिंगापुर
  9. फिनलैंड
  10. जापान

इन देशों की सफलता का मुख्य कारण मजबूत संस्थाएं, कम अपराध दर, राजनीतिक स्थिरता और प्रभावी प्रशासन माना जाता है।

भारत के लिए क्या हैं चुनौतियां?

शांति और विकास के बीच संतुलन जरूरी

भारत जैसे बड़े और विविधता वाले देश के लिए शांति बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। देश की बड़ी आबादी, क्षेत्रीय विविधता और तेजी से बदलती आर्थिक परिस्थितियां सुरक्षा नीति को प्रभावित करती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत को अपनी वैश्विक स्थिति मजबूत करने के लिए आंतरिक स्थिरता, सामाजिक सद्भाव और क्षेत्रीय सहयोग पर लगातार ध्यान देना होगा।

निष्कर्ष

Global Peace Index 2026 ने दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं। जहां भूटान और श्रीलंका ने बेहतर प्रदर्शन किया है, वहीं भारत, नेपाल और पाकिस्तान जैसे देशों को अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना होगा।

शांति केवल युद्ध की अनुपस्थिति नहीं है, बल्कि मजबूत संस्थाएं, आर्थिक स्थिरता, सामाजिक विश्वास और बेहतर शासन भी इसका हिस्सा हैं। आने वाले वर्षों में दक्षिण एशिया की स्थिरता इस बात पर निर्भर करेगी कि देश आपसी सहयोग और आंतरिक सुधारों को कितना महत्व देते हैं।

AK
Author: AK

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