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वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आज से जीएसटी परिषद की 47वीं बैठक होने वाली हैं। इस बैठक में राज्यों के वित्तमंत्रियों के समूह की ओर से दो रिपोर्ट पेश की जाएंगी।
बता डेढ़ कि उपकर संग्रह में गिरावट के कारण राज्यों की क्षतिपूर्ति कोष में कमी को पूरा करने के लिए केंद्र ने 2020-21 में 1.1 लाख करोड़ रुपये और 2021-22 में 1.59 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। जिसके बाद लखनऊ में परिषद की 45वीं बैठक में सीतारमण ने कहा था कि राज्यों को राजस्व कमी के लिए मुआवजा देने की व्यवस्था जून, 2022 में खत्म हो जाएगी। चंडीगढ़ में होने वाली इस बैठक में अधिकारियों की समिति या फिटमेंट समिति की ओर से प्रस्तावित कर दरों पर भी विचार किया जाएगा।
कृत्रिम अंगों और ऑर्थोपेडिक प्रत्यारोपण पर भी होगा विचार:
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में होने वाली आज की बैठक में कृत्रिम अंगों और ऑर्थोपेडिक प्रत्यारोपण पर एक समान दर चर्चा की जाएगी और कृत्रिम अंगों और ऑर्थोपेडिक प्रत्यारोपण पर एक समान पांच फीसदी जीएसटी लगाने पर फैसला ली जा सकती है। इसके अलावा, रोपवे यात्रा पर पांच फीसदी जीएसटी लगाने की भी बात होगी। वर्तमान में इस पर 18 फीसदी की दर से जीएसटी देना पड़ता है।
ऑनलाइन गेमिंग, कसीनो, घुड़दौड़ पर 28 फीसदी बढ़ सकता है जीएसटी
28-29 जून को होने वाली बैठक में ऑनलाइन गेमिंग, कसीनो और घुड़दौड़ पर 28 फीसदी जीएसटी लगाने पर विचार हो सकता है। इस पर मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा की अध्यक्षता में गठित मंत्रियों के समूह की ओर से पेश रिपोर्ट पर चर्चा हो सकती है। जीओएम ने अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की है कि ऑनलाइन गेमिंग से होने वाली पूरी कमाई पर कर लगाया जाना चाहिए। इसमें खेल में भाग लेने पर खिलाड़ी की ओर से भुगतान किया जाने वाला प्रवेश शुल्क भी शामिल है। घुड़दौड़ के मामले में जीओएम ने सुझाव दिया है कि दांव लगाने के लिए जमा की गई पूरी राशि पर जीएसटी लगाया जाए।
वहीं इस बैठक में ई-वाहनों के लिए जीएसटी दरों पर स्पष्टीकरण जारी किया जा सकता है। इसमें बैटरी से लैस या बिना बैटरी के ई-वाहन पर पांच फीसदी जीएसटी लगाने पर चर्चा हो सकती है। साथ हीं छोटे ई-कॉमर्स आपूर्तिकर्ताओं को अनिवार्य पंजीकरण मानदंडों से छूट दे सकती है। इसके साथ ही 1.5 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाले ई-कॉमर्स आपूर्तिकर्ताओं को कंपोजिशन योजना चुनने की अनुमति होगी, जो कर की कम दर और सरल अनुपालन की पेशकश करती है।



















