सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में MCD ने जर्जर और अवैध इमारतों पर कार्रवाई तेज की। 17 इमारतें ढहाईं, 5 सील और 52 PG खस्ताहाल मिले।
Delhi MCD Action After Satya Niketan Incident
हाल हीं में हुए राजधानी दिल्ली में सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली में जर्जर और अवैध भवनों को लेकर नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में ऐसे मकानों और इमारतों की पहचान की जा रही है, जिनसे लोगों की जान को खतरा हो सकता है।
वहीं, कई भवन मालिकों को अवैध निर्माण हटाने और खतरनाक स्थिति में पहुंच चुके भवनों को लेकर नोटिस भी भेजे गए हैं। इस कार्रवाई का असर पीजी और छात्र आवासों पर भी पड़ा है। सर्वे में दिल्ली के 52 पीजी खस्ताहाल हालत में मिले हैं। इसी बीच चिराग दिल्ली की एक पीजी में बड़ी दरारें आने के बाद करीब 50 छात्रों को मकान खाली करना पड़ा है। दिल्ली विश्वविद्यालय ने भी कॉलेज भवनों की सुरक्षा जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को 17 इमारतें ढहाईं, पांच संपत्तियां सील
दिल्ली नगर निगम ने मंगलवार को शहर के कई इलाकों में एक साथ कार्रवाई की। निगम की टीमों ने मानको पर खरे नहीं उतरने वाले 17 इमारतों को ध्वस्त किया है। इसके अलावा नगर निगम ने पांच संपत्तियों को सील भी किया है। अनधिकृत निर्माण के मामलों में नौ भवन मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा दो संपत्तियों को सील करने के लिए नोटिस और 15 भवनों के लिए ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए।
नगर निगम का कहना है कि यह अभियान केवल अवैध निर्माण तक सीमित नहीं है। उन इमारतों पर भी नजर रखी जा रही है, जो पुरानी और जर्जर होने के कारण कभी भी हादसे का कारण बन सकती हैं।
सत्य निकेतन के पास जर्जर इमारत सील
सत्य निकेतन में हादसे के बाद आसपास की इमारतों की भी जांच की गई। घटनास्थल के पास एक भवन की हालत काफी खराब मिलने पर निगम ने उसे सील कर दिया। इस इमारत में रह रही छात्राओं का सामान भी निगम की टीम की मदद से बाहर निकलवाया गया। भवन की स्थिति को देखते हुए वहां लोगों का रहना सुरक्षित नहीं माना गया। सैदुलाजाब इलाके में भी अवैध निर्माण और जर्जर भवनों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की गई।
इन इलाकों में भी चला निगम का अभियान
नगर निगम की कार्रवाई दिल्ली के कई हिस्सों में देखने को मिली। लक्ष्मी नगर, विश्वास नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर और शाहीन बाग में भवनों की जांच और कार्रवाई की गई। इसके अलावा तिलक नगर, करम पुरा, करोलबाग, रमेश नगर, मानसरोवर गार्डन, चांदनी चौक और नेहरू विहार समेत अन्य इलाकों में भी निगम की टीमें पहुंचीं। अलग-अलग जगहों पर भवनों की स्थिति और अवैध निर्माण की जांच की गई।
दिल्ली में 52 पीजी खस्ताहाल मिले
नगर निगम के सर्वे में राजधानी के 52 पीजी ऐसे मिले हैं, जिनकी हालत ठीक नहीं पाई गई। इन पीजी के मालिकों को जरूरी मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं। निगम ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली के सभी 12 जोन में सर्वे का काम चल रहा है। खास तौर पर स्कूल, कॉलेज और दूसरे शैक्षणिक संस्थानों के आसपास बने भवनों की जांच पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। नगर निगम के अनुसार, पिछले दो दिनों में अवैध निर्माण या जर्जर हालत के कारण 48 इमारतों को गिराया गया है। इसी अवधि में 15 संपत्तियों को सील किया गया।
खतरे के हिसाब से इमारतों की होगी पहचान
दिल्ली नगर निगम ने सभी जोनल उपायुक्तों को अपने-अपने क्षेत्रों में खतरनाक भवनों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद इन इमारतों को खतरे की स्थिति के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाएगा। जो भवन लोगों की जान के लिए तुरंत खतरा बन सकते हैं, उनके खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर ऐसे भवनों को पहले खाली कराया जाएगा और फिर सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
Author: AK
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