
महाराष्ट्र और झारखंड चुनाव नतीजे आने से पहले अदानी ग्रुप के अध्यक्ष गौतम अडानी अमेरिका में भ्रष्टाचार के आरोप में घिर गए हैं। इन दोनों राज्यों में कांग्रेस ने गौतम अडानी को लेकर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला था। विशेष तौर पर राहुल गांधी चुनाव प्रचार के दौरान अदानी पर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंधों को लेकर खूब तंज कसते रहे। इस बीच न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में हुई सुनवाई में गौतम अडानी समेत आठ लोगों पर अरबों की धोखाधड़ी और रिश्वत के आरोप लगे हैं। इसके बाद राहुल गांधी को प्रधानमंत्री मोदी को घेरने का एक और मौका मिल गया है। अमेरिकी अभियोजकों द्वारा उद्योगपति गौतम अडानी पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और उद्योगपति गौतम अडानी पर गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी ने गौतम अडानी से जुड़े नए विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि गौतम अडानी को गिरफ्तार किया जाना चाहिए लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस व्यक्ति को बचा रहे हैं। सरकार कार्रवाई से बच रही है। राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, अब यह बात अमेरिका में बिल्कुल स्पष्ट और स्थापित हो चुकी है कि अडानी ने भारतीय कानून और अमेरिकी कानून दोनों को तोड़ा है। अमेरिका में उन पर अभियोग लगाया गया है। मैं सोच रहा हूं कि मिस्टर अडानी इस देश में एक स्वतंत्र व्यक्ति की तरह क्यों घूम रहे हैं। मुख्यमंत्रियों को गिरफ्तार किया गया है। अडानी ने जाहिर तौर पर 2000 करोड़ रुपये का घोटाला किया है और संभवतः कई अन्य घोटाले किए हैं, लेकिन वह बेखौफ घूम रहे है। हम इस मुद्दे को बार-बार उठा रहे है। यह हमारी कही गई बातों की पुष्टि है, प्रधानमंत्री अडानी को बचा रहे हैं और प्रधानमंत्री मिस्टर अडानी के साथ भ्रष्टाचार में शामिल हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी हैं और हम इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे। राहुल ने कहा कि जिस भी राज्य सरकारों में अडानी ग्रुप के साथ समझौता हुआ है, उसकी जांच होनी चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि इस मामले में जेपीसी की जांच होनी चाहिए। राहुल ने कहा कि अडानी के भ्रष्टाचार की बात मैं नहीं कर रहा हूं ये अमेरिकी एजेंसी ने जांच में बातें कही हैं। राहुल ने कहा कि जांच में जो भी शामिल हो उसको सजा मिलनी चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि अडानी का अमेरिका में अभी जो मामला सामने आया है, वो सिर्फ बानगी है। बांग्लादेश, श्रीलंका, केन्या के मामले हैं। मोदी जी जहां जाते हैं, अडानी जी को बिजनेस दिलवाते हैं। धीरे-धीरे ये सब सामने आएगा। बता दें कि न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में हुई सुनवाई में गौतम अडाणी समेत 8 लोगों पर अरबों की धोखाधड़ी और रिश्वत के आरोप लगे हैं। यूनाइटेड स्टेट्स अटॉर्नी ऑफिस का कहना है कि अडाणी ने भारत में सोलर एनर्जी से जुड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को 265 मिलियन डॉलर (करीब 2200 करोड़ रुपए) की रिश्वत दी या देने की योजना बना रहे हैं।



















