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Diarrhea Outbreak in Jehanabad: जहानाबाद में डायरिया का कहर, डीएम का सख्त निरीक्षण और कार्रवाई

Diarrhea Outbreak in Jehanabad: जहानाबाद में डायरिया का कहर, डीएम का सख्त निरीक्षण और कार्रवाई
Diarrhea Outbreak in Jehanabad: DM's Strict Inspection and Action

जहानाबाद में डायरिया से हालात बिगड़े, डीएम ने निरीक्षण कर अधिकारियों को चेतावनी दी। नल-जल योजना की गड़बड़ी और गंदगी बनी समस्या।

Diarrhea Outbreak in Jehanabad: DM’s Strict Inspection and Action

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प्रस्तावना: जहानाबाद में डायरिया बना संकट, प्रशासन हरकत में

बिहार का जहानाबाद जिला इस समय एक गंभीर स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है। डायरिया का प्रकोप इस हद तक बढ़ गया है कि अब तक एक बच्ची सहित चार लोगों की मौत की अपुष्ट जानकारी सामने आ चुकी है, जबकि कई अन्य लोग इलाजरत हैं। जैसे-जैसे मामले सामने आ रहे हैं, प्रशासन की नींद टूटी है और जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने कड़ा रुख अपनाया है।

शनिवार को डीएम ने काको नगर पंचायत के प्रभावित इलाकों का दौरा किया और स्वास्थ्य, जल आपूर्ति और स्वच्छता में हो रही भारी लापरवाही पर अधिकारियों को फटकार लगाई। निरीक्षण के दौरान न केवल गंदगी के दृश्य मिले, बल्कि नल-जल योजना की पाइपलाइनें टूटी मिलीं, जिससे साफ पानी की आपूर्ति बाधित हो रही है। डीएम ने चेतावनी दी कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो ज़िम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

डायरिया प्रकोप: कहां और कितने प्रभावित?

सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके

  • कुरैशी मोहल्ला, काको बाजार
  • कोइरी टोला
  • पासवान टोली
  • मुसहर टोली

इन इलाकों से डायरिया के दर्जनों मामलों की सूचना है। इन क्षेत्रों में जल-जमाव, नालियों की सफाई न होना और दूषित पेयजल मुख्य कारण बताए जा रहे हैं।

अब तक की स्थिति

  • 4 लोगों की मौत की अपुष्ट जानकारी, जिसमें एक बच्ची भी शामिल है
  • दर्जनों लोग अस्पतालों में भर्ती
  • स्थानीय क्लिनिक और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की भीड़
  • दवाओं की आपूर्ति सीमित, IV और ORS की मांग ज्यादा

डीएम का निरीक्षण: हर स्तर पर सख्ती

अधिकारियों की जवाबदेही तय

निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्वास्थ्य विभाग, नगर पंचायत, और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के अधिकारियों की जवाबदेही तय की। उन्होंने कहा:

“सबको हॉस्पिटल में भर्ती करा दूंगी, एक मिनट में अक़ल ठिकाने आ जाएगी।”

इस बयान से ज़ाहिर होता है कि डीएम ने हालात को लेकर गंभीरता दिखाई और ज़िम्मेदार अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि अब कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिन्हें चेतावनी मिली:

  • PHED के अभियंता और जूनियर इंजीनियर
  • नगर पंचायत के स्वच्छता पर्यवेक्षक
  • स्वास्थ्य विभाग के फील्ड कर्मी

इन सभी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।


प्रमुख समस्याएं जो सामने आईं

1. टूटी पाइपलाइनें और दूषित जल

काको और आस-पास के मोहल्लों में नल-जल योजना की पाइपलाइनों में रिसाव मिला, जिससे पानी में गंदगी मिल रही थी। इससे डायरिया फैलने की संभावना और बढ़ गई है।

2. साफ-सफाई की कमी

  • मोहल्लों में कूड़े के ढेर,
  • नालियों में जमे गंदे पानी,
  • कोई नियमित स्वच्छता अभियान नहीं चलाया गया

यह सब मिलकर डायरिया के प्रकोप को और गंभीर बना रहे हैं।

3. क्लोरीन की कमी

डीएम ने यह भी पाया कि पेयजल स्रोतों में क्लोरीन की पर्याप्त मात्रा नहीं डाली जा रही थी, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा और बढ़ गया।


प्रशासन की आपात प्रतिक्रिया

स्वास्थ्य विभाग को दिए गए निर्देश

  • प्रत्येक डायरिया मरीज की निगरानी सुनिश्चित की जाए
  • सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ORS, IV और ज़रूरी दवाओं की आपूर्ति की जाए
  • दस्त नियंत्रण टीम को सक्रिय किया जाए
  • प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं

स्वच्छता और जल आपूर्ति पर विशेष ध्यान

  • नल-जल योजना की तत्काल मरम्मत के आदेश
  • पूरे नगर पंचायत क्षेत्र में सघन सफाई अभियान चलाने का निर्देश
  • क्लोरीनेशन की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है

जनता में डर और नाराज़गी

कई स्थानीय नागरिकों ने मीडिया से बातचीत में बताया कि:

  • नल का पानी अक्सर पीलापन लिए और बदबूदार आता है
  • कई बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती
  • नगर पंचायत के सफाई कर्मी हफ्तों से नहीं आए

इससे लोगों में प्रशासन को लेकर भरोसे की कमी दिखी है। हालांकि डीएम के दौरे और फटकार के बाद उम्मीद की जा रही है कि अब अधिकारी हरकत में आएंगे।


क्या है नल-जल योजना और इसमें गड़बड़ी क्यों?

बिहार सरकार की हर घर नल का जल योजना ग्रामीण और अर्धशहरी इलाकों में पाइपलाइन के ज़रिए साफ पीने का पानी पहुंचाने की योजना है। लेकिन:

  • गुणवत्ता की निगरानी नहीं
  • ठेकेदारों द्वारा खराब सामग्री का उपयोग
  • किसी भी शिकायत पर धीमी प्रतिक्रिया

इन कारणों से यह योजना अक्सर विफल या भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती रही है।


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Author: AK

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