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Delhi Cosmos Hospital Fire: दिल्ली के कॉसमॉस हॉस्पिटल में आग, एक स्टाफ की मौत, मरीज सुरक्षित निकाले गए

Delhi Cosmos Hospital Fire: One Staff Dead, Patients Rescued

दिल्ली के कड़कड़डूमा स्थित कॉसमॉस हॉस्पिटल में आग लगने से एक स्टाफ की मौत, शीशे तोड़कर 11 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

Delhi Cosmos Hospital Fire: One Staff Dead, Patients Rescued


दिल्ली में अस्पताल हादसा: कॉसमॉस हॉस्पिटल में लगी आग

राजधानी दिल्ली में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब कड़कड़डूमा स्थित कॉसमॉस हॉस्पिटल में आग लग गई। आग इतनी तेज़ी से फैली कि अस्पताल के अंदर अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में एक स्टाफ सदस्य की मौत हो गई, जबकि 11 मरीजों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया।

दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, आग लगते ही अस्पताल के अंदर धुआं भर गया था। ऐसे में शीशे तोड़कर मरीजों को बाहर निकाला गया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया।


आग लगने की शुरुआत कैसे हुई?

अभी तक आग लगने के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग अस्पताल के एक हिस्से में मौजूद ऑक्सीजन सिलेंडरों के पास लगी। कुछ सिलेंडर आग की चपेट में आ गए, जिससे स्थिति और खतरनाक हो सकती थी।

समय रहते बाकी सिलेंडर बाहर निकाल दिए गए, अन्यथा बड़ा विस्फोट और ज्यादा जनहानि हो सकती थी।


मरीजों की जान बचाने का ऑपरेशन

शीशे तोड़कर बचाई गई जिंदगियां

आग लगने के बाद अस्पताल में धुआं तेजी से भरने लगा। फायर ब्रिगेड की टीम और अस्पताल के स्टाफ ने मिलकर मरीजों को बचाने का काम शुरू किया।

  • खिड़कियों और दरवाजों के शीशे तोड़े गए।
  • मरीजों को स्ट्रेचर और व्हीलचेयर पर बाहर निकाला गया।
  • कुल 11 मरीजों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया।

स्टाफ सदस्य की मौत से गम का माहौल

इस हादसे में अमित नाम के एक हाउसकीपिंग स्टाफ की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद वे घबराकर अस्पताल के बाथरूम में बंद हो गए थे। अंदर धुआं भरने के कारण दम घुटने से उनकी जान चली गई।

अमित की मौत से अस्पताल के स्टाफ और उनके परिवार में गहरा शोक है।


दिल्ली फायर सर्विस की त्वरित कार्रवाई

दिल्ली फायर सर्विस को दोपहर में आग लगने की सूचना मिली।

  • कुल 8 फायर टेंडर मौके पर भेजे गए।
  • आग पर करीब एक घंटे में काबू पा लिया गया।
  • फायर फाइटर्स ने तुरंत ऑक्सीजन सिलेंडर बाहर निकाले और मरीजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

फायर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर सिलेंडरों में विस्फोट होता, तो यह हादसा और भी भयावह हो सकता था।


कॉसमॉस हॉस्पिटल की विशेषता

यह अस्पताल मुख्य रूप से जॉइंट रिप्लेसमेंट और ट्रॉमा मैनेजमेंट से जुड़ी सेवाएं प्रदान करता है।

  • यहां ऑर्थोपेडिक सर्जरी, हड्डी के जोड़ बदलने की सर्जरी और गंभीर चोटों का इलाज होता है।
  • अस्पताल में कई आधुनिक मेडिकल उपकरण और सुविधाएं उपलब्ध हैं।

अस्पताल में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल

इस हादसे के बाद अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं।

  • क्या अस्पताल में फायर सेफ्टी उपकरण पूरी तरह से मौजूद थे?
  • क्या फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम सही से काम कर रहे थे?
  • आग लगने के बाद मरीजों और स्टाफ को बाहर निकालने की योजना (Evacuation Plan) क्या थी?

स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं।



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Author: AK

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