BREAKING: Ghulam Nabi Azad, part of MP Baijayant Panda-led delegation, hospitalised in Kuwait
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद को मंगलवार देर शाम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुलाम नबी आजाद की तबीयत भारतीय सांसदों के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के कुवैत दौरे के दौरान अचानक से बिगड़ गई। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस बात की जानकारी बीजेपी सांसद बिजयंत जय पांडा ने दी है। उन्होंने बताया कि आजाद फिलहाल चिकित्सकीय निगरानी में हैं। पांडा इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में कहा, ‘हमारी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के बीच गुलाम नबी आजाद को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। उनकी हालत स्थिर है। वह मेडिकल निगरानी में हैं और उनकी जांच होनी है।’
बिजयंत पांडा ने कहा कि बहरीन और कुवैत में हुई बैठकों में गुलाम नबी आजाद का योगदान अत्यंत प्रभावशाली रहा। वह बिस्तर पर होने के कारण निराश हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘हमें सऊदी अरब और अल्जीरिया में उनकी अनुपस्थिति बहुत खलेगी।’ पांडा मंगलवार को प्रतिनिधिमंडल के साथ सऊदी की राजधानी पहुंचे। इस यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल विभिन्न राजनीतिक हस्तियों, सरकारी अधिकारियों, विचारकों और भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत करेगा।
मुस्लिम बहुल देशों को क्या होगा संदेश
दरअसल में भारत के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल 33 देशों की राजधानियों का दौरा कर रहे हैं। सात अलग-अलग दलों के 51 सांसदों के अलावा कई राजनयिक, पूर्व केंद्रीय मंत्री और नौकरशाह भी इन प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं। यह दल प्रमुख विदेशी सरकारों को हालिया भारत-पाकिस्तान संघर्ष और इस मुद्दे पर भारत के रुख से अवगत कराने के लिए उन देशों का दौरा कर रहा है। इस दौरान भारत मुस्लिम बहुल देशों को यह बात समझाने की कोशिश कर रहा है कि सिर्फ इसलिए कि पाकिस्तान एक मुस्लिम बहुल देश है, उसे भारत के खिलाफ उसके कृत्यों के लिए दोषमुक्त नहीं किया सकता। सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल पश्चिम एशिया के देशों में प्रमुख सरकारी और राजनीतिक हस्तियों के साथ बातचीत कर रहा है। साथ ही, विमर्श को आकार देने के लिए भारतीय प्रवासियों से जुड़ने का भी ठोस प्रयास जारी है। पांडा ने बहरीन में भारतीय दूतावास में सभा को संबोधित करने के बाद कहा, ‘भारतीय प्रवासी सबसे प्रभावशाली समुदायों में से एक बन गए हैं, वे भारत की सॉफ्ट पावर का प्रतिनिधित्व करते हैं। हम उन्हें कुछ बिंदुओं के बारे में समझाना चाहते हैं ताकि वे उन्हें आगे बढ़ाने में मदद कर सकें।’ बहरीन में करीब 3.5 लाख भारतीय रहते हैं, जबकि इस देश में रहने और काम करने वाले पाकिस्तानियों की संख्या इससे लगभग आधी है।
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Author: AK
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