बिहार हेली टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा 2026 शुरू। पटना, राजगीर, वाल्मीकिनगर और कैमूर के लिए हेलीकॉप्टर बुकिंग शुरू, प्रति टिकट ₹15,422 तक सब्सिडी।
Bihar Heli Tourism 2026: Helicopter Rides Now Open for Tourists

बिहार हेली टूरिज्म 2026: अब हेलीकॉप्टर से घूमिए पटना, राजगीर, वाल्मीकिनगर और कैमूर
बिहार अपनी ऐतिहासिक विरासत, धार्मिक स्थलों, प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर के लिए देश-विदेश में जाना जाता है। अब राज्य सरकार पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए एक नई पहल लेकर आई है। बिहार में पहली बार संगठित रूप से हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026 की शुरुआत की गई है, जिसके तहत पर्यटक हेलीकॉप्टर के जरिए राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों की यात्रा कर सकेंगे।
इस योजना का उद्देश्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना ही नहीं, बल्कि राज्य में रोजगार, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देना है। सरकार का कहना है कि यह पहल बिहार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने में मदद करेगी।
बिहार हेली-टूरिज्म योजना 2026 की शुरुआत
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026 का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बिहार के पास ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक दृष्टि से अपार संभावनाएं हैं। यदि इन स्थलों तक पहुंच आसान बनाई जाए, तो पर्यटन के क्षेत्र में राज्य नई उपलब्धियां हासिल कर सकता है।

13 जुलाई से शुरू हुई ऑनलाइन बुकिंग
सरकार ने योजना के तहत 13 जुलाई 2026 से ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा शुरू कर दी है।
यात्री पहले से अपनी सीट आरक्षित कर सकेंगे ताकि सप्ताहांत में बिना किसी परेशानी के हेलीकॉप्टर सेवा का लाभ उठा सकें।
18 जुलाई से शुरू होगी हेलीकॉप्टर सेवा
योजना के अनुसार 18 जुलाई 2026 से प्रत्येक शनिवार और रविवार को हेलीकॉप्टर सेवाएं संचालित की जाएंगी।
शुरुआती चरण में यह सेवा सीमित पर्यटन स्थलों के लिए उपलब्ध होगी। भविष्य में मांग और सफलता के आधार पर अन्य पर्यटन स्थलों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है।
किन-किन जगहों के लिए मिलेगी हेलीकॉप्टर सेवा?
पहले चरण में पटना से तीन प्रमुख पर्यटन स्थलों तक हेली-टूरिज्म सेवा शुरू की जा रही है।
राजगीर
राजगीर बिहार के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां बौद्ध, जैन और हिंदू धर्म से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण स्थल मौजूद हैं।
वाल्मीकिनगर
वाल्मीकिनगर अपने राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीवों और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीव पर्यटन में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।
कैमूर
कैमूर अपनी पर्वत श्रृंखलाओं, जलप्रपातों और प्राकृतिक दृश्यों के कारण पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहां का प्राकृतिक वातावरण एडवेंचर और इको-टूरिज्म के लिए उपयुक्त माना जाता है।
पटना हवाई दर्शन
योजना के अंतर्गत पर्यटक राजधानी पटना का हवाई दृश्य भी देख सकेंगे। हेलीकॉप्टर से शहर के प्रमुख स्थलों को देखने का अनुभव राज्य में पर्यटन का नया आकर्षण बन सकता है।
सरकार दे रही है प्रति टिकट ₹15,422 तक की सब्सिडी

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सरकार आम नागरिकों के लिए इसे किफायती बनाने का प्रयास कर रही है।
राज्य सरकार प्रत्येक टिकट पर अधिकतम ₹15,422 तक का अनुदान (सब्सिडी) दे रही है।
इससे हेलीकॉप्टर यात्रा का खर्च कम होगा और अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यटन केवल घूमने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार भी बन सकता है।
यदि किसी क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या बढ़ती है तो वहां—
- होटल उद्योग का विस्तार होता है।
- स्थानीय परिवहन को बढ़ावा मिलता है।
- हस्तशिल्प की बिक्री बढ़ती है।
- स्थानीय व्यंजनों की मांग बढ़ती है।
- युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होते हैं।
इसी सोच के साथ राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
होम स्टे को मिलेगा बढ़ावा
सरकार की योजना केवल हेलीकॉप्टर सेवा तक सीमित नहीं है।
ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे योजना को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके माध्यम से पर्यटक स्थानीय परिवारों के साथ रहकर बिहार की संस्कृति, खान-पान और जीवनशैली को करीब से जान सकेंगे।
इससे ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त आय के अवसर भी विकसित होंगे।
स्थानीय हस्तशिल्प और संस्कृति को मिलेगा लाभ
बिहार मधुबनी पेंटिंग, सिक्की कला, मंजूषा कला, टिकुली कला और कई पारंपरिक हस्तशिल्पों के लिए प्रसिद्ध है।
यदि पर्यटन बढ़ता है तो इन उत्पादों की मांग भी बढ़ेगी, जिससे स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को सीधा लाभ मिल सकता है।
इसी प्रकार लोक संगीत, लोक नृत्य और पारंपरिक व्यंजनों को भी व्यापक पहचान मिलने की संभावना है।
बिहार के लोगों से की गई विशेष अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार का प्रत्येक नागरिक राज्य का सबसे बड़ा ब्रांड एंबेसडर है।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे बिहार की सकारात्मक छवि प्रस्तुत करें और राज्य की ऐतिहासिक, धार्मिक तथा सांस्कृतिक विरासत के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जानकारी दें।
उनका मानना है कि पर्यटन के विकास में स्थानीय लोगों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।
पीपीपी मॉडल पर होगा पर्यटन का विस्तार
राज्य सरकार पर्यटन परियोजनाओं में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को बढ़ावा दे रही है।
इस मॉडल के माध्यम से निजी निवेश को आकर्षित कर पर्यटन से जुड़ी आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
इनमें शामिल हैं—
- नए होटल
- आधुनिक पर्यटन केंद्र
- पर्यटन सर्किट
- रोप-वे परियोजनाएं
- बेहतर सड़क और परिवहन सुविधाएं
जेपी गंगा पथ से बाबा हरिहरनाथ मंदिर तक रोप-वे की योजना
सरकार ने जेपी गंगा पथ से सोनपुर स्थित प्रसिद्ध बाबा हरिहरनाथ मंदिर तक रोप-वे विकसित करने की योजना का भी उल्लेख किया है।
यदि यह परियोजना पूरी होती है तो धार्मिक पर्यटन को नया आयाम मिल सकता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी।
कार्यक्रम में लाभार्थियों को मिले प्रमाण पत्र
योजना के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार पर्यटन नीति-2023 के तहत विभिन्न हितधारकों को डमी चेक प्रदान किए।
इसके अलावा मुख्यमंत्री होम स्टे प्रोत्साहन योजना के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
इसका उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा देना और स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करना है।
बिहार पर्यटन के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?
पिछले कुछ वर्षों में बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रयास किए गए हैं।
राज्य में—
- बौद्ध पर्यटन
- जैन तीर्थ
- सिख धार्मिक स्थल
- ऐतिहासिक धरोहर
- प्राकृतिक पर्यटन
- इको-टूरिज्म
- धार्मिक पर्यटन
जैसी अनेक संभावनाएं मौजूद हैं।
हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने से दूरस्थ पर्यटन स्थलों तक पहुंच पहले की तुलना में अधिक आसान हो सकती है।
पर्यटकों को क्या होंगे फायदे?
इस योजना से पर्यटकों को कई लाभ मिलने की उम्मीद है।
समय की बचत
कम समय में कई पर्यटन स्थलों की यात्रा संभव होगी।
बेहतर यात्रा अनुभव
हवाई यात्रा के माध्यम से प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थलों का अलग अनुभव मिलेगा।
दूरस्थ क्षेत्रों तक आसान पहुंच
जिन स्थानों तक सड़क मार्ग से पहुंचने में अधिक समय लगता है, वहां हेलीकॉप्टर से जल्दी पहुंचा जा सकेगा।
पर्यटन का नया आकर्षण
हेली-टूरिज्म बिहार के पर्यटन उद्योग के लिए एक नया अनुभव लेकर आएगा।
क्या भविष्य में अन्य शहर भी जुड़ सकते हैं?
फिलहाल योजना पहले चरण में सीमित पर्यटन स्थलों तक शुरू की गई है। यदि इसे अच्छा प्रतिसाद मिलता है, तो भविष्य में अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों को भी इस सेवा से जोड़ा जा सकता है।
इससे राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार होने की संभावना है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026 राज्य के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। ऑनलाइन बुकिंग की शुरुआत और सप्ताहांत में हेलीकॉप्टर सेवाओं के संचालन से पर्यटकों को पटना, राजगीर, वाल्मीकिनगर और कैमूर जैसे प्रमुख स्थलों तक पहुंचने का नया विकल्प मिलेगा। प्रति टिकट ₹15,422 तक की सरकारी सब्सिडी इस योजना को आम लोगों के लिए अधिक सुलभ बनाने का प्रयास है।
इसके साथ ही होम स्टे, स्थानीय हस्तशिल्प, ग्रामीण पर्यटन और पीपीपी मॉडल पर विकसित होने वाली नई परियोजनाएं बिहार के पर्यटन उद्योग को नई दिशा दे सकती हैं। यदि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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Author: AK
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