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Money-Based Online Gaming Apps: पैसे से जुड़े सभी ऑनलाइन गेमिंग एप पर लगेगा कड़ा प्रतिबंध, गूगल प्ले स्टोर से अब नहीं हो सकेगा डाउनलोड, सट्टा बाजार में हड़कंप

Ban on Money-Based Online Gaming Apps Government Gets Tough

सरकार ने पैसे से जुड़े ऑनलाइन गेमिंग पर कड़ा प्रतिबंध लगाने का कानून पारित किया। अब गूगल प्ले स्टोर से ऐसे एप डाउनलोड नहीं हो सकेंगे।

Ban on Money-Based Online Gaming Apps: Government Gets Tough

देश के 45 करोड़ से अधिक लोगों को ऑनलाइन गेमिंग के चंगुल से आजाद कराने के लिए लोकसभा ने प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को पारित कर दिया है। बुधवार दोपहर इस बिल को लोकसभा से बिना किसी बहस के पारित कर दिया गया। बिल के कानून बनने पर पैसे से जुड़ी सभी ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लग जाएगा। इस कानून के अमल में आने पर लोग गूगल प्ले स्टोर से पैसे से जुड़े ऑनलाइन गेमिंग एप को डाउनलोड नहीं कर पाएंगे। ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी लत, मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं पर लगाम लगाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने बुधवार को एक बड़ा कदम उठाया। अब यह विधेयक राज्यसभा में पेश किया जाएगा, और वहां से पारित होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर यह कानून बन जाएगा। इस विधेयक के तहत पैसे लगाकर खेले जाने वाले सभी ऑनलाइन गेम्स पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा, ऐसे गेम्स के विज्ञापन, बैंकिंग लेनदेन और फंड ट्रांसफर पर भी रोक लगाने का प्रावधान किया गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में इस विधेयक को प्रस्तुत किया, जिसे वॉयस वोट (मत विभाजन के बिना ध्वनि मत) से पारित कर दिया गया। इस दौरान विपक्षी दलों के सदस्यों ने विरोध जताया और नारेबाजी की। बिल पारित होने के बाद लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। विधेयक के अनुसार, ऑनलाइन मनी गेम ऐसा कोई भी गेम है जिसमें उपयोगकर्ता पैसे जमा करता है और उसे इसके बदले में धन या अन्य लाभ मिलने की उम्मीद होती है। सरकार का तर्क है कि इन ऑनलाइन मनी गेम्स से युवाओं में लत की प्रवृत्ति, परिवारिक तनाव, आर्थिक नुकसान और साइबर धोखाधड़ी बढ़ रही है। यह कानून इन सामाजिक समस्याओं को नियंत्रित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। यह कानून न केवल डिजिटल क्षेत्र को अधिक जिम्मेदार बनाएगा, बल्कि देश में ऑनलाइन मनी गेमिंग के अनियंत्रित विस्तार पर सख्त लगाम लगाएगा। इसमें निम्नलिखित गतिविधियां शामिल हैं। ऑनलाइन फैंटेसी स्पोर्ट्स, पोकर, रम्मी और अन्य ताश के खेल, ऑनलाइन सट्टा (बेटिंग), ऑनलाइन लॉटरी और विधेयक के तहत क्या होंगे दंड शामिल हैं।

ऐसे गेम्स को ऑफर करना या सुविधा देना अपराध माना जाएगा, सजा के साथ जुर्माना भी देना होगा

गेम खेलने वालों को नहीं, खिलवाने वालों को होगी सजा पैसे से जुड़े ऑनलाइन गेम खेलने वालों को सजा नहीं होगी। जो लोग इस प्रकार का गेमिंग एप संचालित करेंगे, उनके लिए एक करोड़ तक का जुर्माना और तीन साल की कैद का प्रविधान किया गया है। इस प्रकार के गेमिंग एप का विज्ञापन करने वाले स्टार को दो साल की सजा और 50 लाख रुपये का जुर्माना होगा। मनी गेमिंग के विज्ञापनों पर प्रतिबंध और बैंकों व वित्तीय संस्थानों के लिए धन हस्तांतरित करने से रोकने का नियम बनाया गया है। पैसे से जुड़े गेम में वित्तीय लेनदेन की सुविधा देने वालों को एक करोड़ के जुर्माने के साथ तीन साल की कैद का प्रविधान किया गया है। बार-बार अपराध करने पर तीन-पांच साल की कैद और दो करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रविधान है। प्रमुख धाराओं के अंतर्गत अपराधों को संज्ञेय और गैर-जमानती बनाया गया है। सभी ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ को गैरकानूनी बनाया गया है। इनमें ऑनलाइनफैंटेसी गेमिंग से लेकर ऑनलाइनजुआ (जैसे पोकर, रम्मी और अन्य कार्ड गेम) तथा ऑनलाइनलाटरी शामिल हैं। नए कानून के लागू होने तक गेमिंग की वर्तमान व्यवस्था जारी रहेगी। इलेक्ट्रॉनिक्स व आइटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार का उद्देश्य समाज को बर्बाद होने से बचाना और आत्महत्याओं को रोकना है, न कि राजस्व की चिंता करना। इस प्रकार के ऑनलाइन गेम ड्रग्स के नशे की तरह हैं। ऑनलाइन मनी गेमिंग एक गंभीर सामाजिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बन गई है, जिसका समाज पर नकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइनगेमिंग के दो तिहाई हिस्से में ई-स्पो‌र्ट्स और सोशल गेमिंग शामिल हैं। इन्हें सरकार प्रोत्साहित करेगी, क्योंकि इस प्रकार की गेमिंग से दिमाग का विकास होता है और बच्चों में नेतृत्व की क्षमता विकसित होती है। इनको कानूनी मान्यता मिलेगी और इन्हें बढ़ावा दिया जाएगा। खुदरा निवेशकों से भी ज्यादा हैं क्रिकेट से जुड़ा गेम खेलने वाले सरकार का कहना है कि ऑनलाइनगेमिंग कंपनियों को पिछले कई वर्षों से गेमिंग के जरिये होने वाली सट्टेबाजी को रोकने के लिए कहा जा रहा था। लेकिन, इस दिशा में उनकी तरफ से कोई सकारात्मक प्रयास नहीं किया गया। क्रिकेट से जुड़े कुछ ऑनलाइन गेम को 20 करोड़ लोग खेलते हैं, जबकि देश में शेयर बाजार से जुड़े खुदरा निवेशकों की संख्या भी अभी इतनी नहीं हुई है। ये सभी खिलाड़ी गेमिंग एप के जरिये बाजी लगाने का काम करते हैं।

ऑनलाइन गेमिंग प्रतिबंध

सरकार सख्त

पैसे वाले ऑनलाइन गेम

गूगल प्ले स्टोर डाउनलोड रोक

ऑनलाइन सट्टा और जुआ

AK
Author: AK

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