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उत्तराखंड की सियासत में कई दिनों से विधानसभा में मनमानी तरीके से हुई भर्तियों को लेकर मामला गरमाया हुआ है। आखिरकार आज देहरादून विधानसभा में स्पीकर ऋतु खंडूड़ी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए पूरे मामले में आक्रामक तेवरों के साथ दो बड़े फैसले लिए हैं। कई दिनों से खंडूड़ी के फैसले का ही इंतजार किया जा रहा था। 2 दिन पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नहीं विधानसभा अध्यक्ष खंडूड़ी को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कराने का आग्रह किया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि विधानसभा भर्तियों में हुई गड़बड़ियों की जांच के लिए एक्सपर्ट कमेटी गठित की है, कमेटी एक माह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट स्पीकर के समक्ष पेश करेगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। इसके साथ ही विधानसभा सचिव मुकेश सिंघल को एक महीने के अवकाश पर भेज दिया गया है। सिंघल का ऑफिस विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी की मौजूदगी में सील कर दिया गया है। इस एक्सपोर्ट कमेटी में दिलीप कुमार कोठिया को अध्यक्ष, सुरेंद्र सिंह रावत को सदस्य और अविनेंद्र सिंह नयाल को सदस्य बनाया गया है। इसके साथ ही विधानसभा अध्यक्ष ने बड़ा निर्णय लेते हुए जांच के दौरान वर्तमान विधानसभा सचिव मुकेश सिंघल को अग्रिम आदेश तक छुट्टी पर भेज दिया है। इसके साथ ही उन्हें जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि हाल के वर्षों में राजधानी देहरादून में स्थित विधानसभा में विभिन्न पदों पर फर्जी तरीके से नियुक्ति कर लोगों को तैनात किया गया था। इसमें अधिकांश भाजपा और संघ से जुड़े नेताओं के चहेते और रिश्तेदारों के नाम शामिल हैं। विधानसभा में अपर निजी सचिव समीक्षा, अधिकारी समीक्षा अधिकारी, लेखा सहायक समीक्षा अधिकारी, शोध एवं संदर्भ, व्यवस्थापक, लेखाकार सहायक लेखाकार, सहायक फोरमैन, सूचीकार, कंप्यूटर ऑपरेटर, कंप्यूटर सहायक, वाहन चालक, आदि पदों पर नियमों को ताक पर रख कर भर्ती की गई। इस मामले में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के नेता त्रिवेंद्र सिंह रावत मोर्चा खोले हुए हैं।



















