DW Samachar – Header
BREAKING

128 साल पहले हुआ था शुरू: दुनिया में प्रसिद्ध ‘टैल्क बेबी पाउडर’ को कंपनी पूरी तरह से करेगी बंद, यह है इसकी वजह

दुनिया भर में बच्चों के लिए प्रसिद्ध जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी का टैल्कम बेबी पाउडर अगले साल 2023 तक पूरी तरह बंद हो जाएगा। बता दें कि यह बेबी पाउडर भारत में भी बच्चों के लगाने में नंबर-1 माना जाता था। यह एक ऐसा पाउडर रहा है जो दुकानों और केमिस्ट स्टोरों पर नाम से … Read more

IMG-20220812-WA0030
Johnson & Johnson will stop selling talc-based baby powder globally in 2023
JOIN OUR WHATSAPP GROUP

दुनिया भर में बच्चों के लिए प्रसिद्ध जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी का टैल्कम बेबी पाउडर अगले साल 2023 तक पूरी तरह बंद हो जाएगा। बता दें कि यह बेबी पाउडर भारत में भी बच्चों के लगाने में नंबर-1 माना जाता था। यह एक ऐसा पाउडर रहा है जो दुकानों और केमिस्ट स्टोरों पर नाम से ही बिकता था। लेकिन पिछले कुछ समय से देश में भी इस बेबी पाउडर की बिक्री में गिरावट आई है। इसकी वजह है कि कुछ वर्षों से पाउडर को बनाने वाली कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन दुनिया भर में इसके खिलाफ चल रहे मुकदमों से परेशान हैं। कंपनी का कहना है कि वह कानूनी लड़ाई से ऊब चुकी है। बता दें कि कंपनी का पाउडर अमेरिका और कनाडा में सालभर पहले ही बंद हो चुका है। दरअसल आरोप लगाया गया था कि इस बेबी पाउडर से कैंसर होता है और इसके बाद कंपनी के खिलाफ दुनियाभर में हजारों केस दायर हो गए थे। यही नहीं, कैंसर की आशंका वाली रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रोडक्ट की बिक्री में भी भारी गिरावट दर्ज की गई थी। कंपनी ने खुद भी अपने पाउडर पर रिसर्च की और दावा किया कि उसका टैल्कम बेबी पाउडर सेफ है और इससे कैंसर नहीं होता है। जॉनसन एंड जॉनसन ने कहा कि उसने आकलन करने के बाद अपने सभी बेबी पाउडर प्रोडक्ट को टैल्कम पाउडर के बजाय कॉर्नस्टार्च का उपयोग करने के लिए कॉमर्शियल डिसीजन लिया है। हेल्थ ग्रुप, जो प्रोडक्ट को सेफ रखता है उसे लगभग एक दशक तक मुकदमों का सामना करना पड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कैंसर के जोखिमों को छिपाने के लिए इसके टैल्क-आधारित बेबी पाउडर को बांध दिया गया है। बता दें कि अमेरिका और कनाडा में बंद कर दी थी। इस पाउडर में एस्बेस्टस का एक प्रकार का हानिकारक फाइबर मिला था, जिसे कैंसर होने की वजह माना जा रहा था। इस मामले में कंपनी पर 35 हजार महिलाओं ने बच्चेदानी का कैंसर होने के आरोप में केस किए थे। इसकी वजह से अमेरिका में इसकी मांग काफी कम हो गई थी। इस पर कंपनी ने सेल घटने का बहाना बना 2020 में अमेरिका व कनाडा में बेबी पाउडर बेचना बंद कर दिया, लेकिन आज भी ब्रिटेन सहित दुनिया के बाकी देशों में इसे बेच रही है। अमेरिका की एक कोर्ट ने इस पाउडर से ओवरीन कैंसर होने के कारण कंपनी पर 15 हजार करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। कोर्ट ने कहा था कि कंपनी ने बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया है। कंपनी पर आरोप था कि अपने प्रोडक्ट्स पर एस्बेस्टस मिलाती है। जज ने अपने आदेश में यह तक कह दिया था कि कंपनी ने जो अपराध किया है उसकी तुलना पैसों से नहीं की जा सकती। लेकिन जब अपराध बढ़ा है तो हर्जाना भी बड़ा होना चाहिए। बता दें कि साल 1894 को यह बेबी पाउडर अमेरिका में शुरू हुआ था। धीरे-धीरे दुनिया भर के देशों में यह लोकप्रिय होता चला गया।

AK
Author: AK

! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !

Digital Women Trust
Relates News

Advertisement

Rudra enterprises - Devanshu Deepak Jehanabad
⚡ लाइव अपडेट
खबरें लोड हो रही हैं…

लेटेस्ट न्यूज़