रुद्रा इंफ्रासर्विस ने दिया आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग का भरोसा
32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के राज्यस्तरीय आयोजन में भाग लेने जा रही मानस इंटरनेशनल रेजिडेंशियल स्कूल, जहानाबाद की बाल वैज्ञानिक दर्शन भारद्वाज ने अपने अभिनव वैज्ञानिक मॉडल से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। दर्शन ने जहानाबाद के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित ब्लाइंड स्पॉट यानी अंधे मोड़ों पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और उनकी संख्या कम करने के उद्देश्य से एक विशेष मॉडल तैयार किया है।
दर्शन भारद्वाज का यह प्रोजेक्ट सड़क सुरक्षा की एक गंभीर स्थानीय समस्या को वैज्ञानिक तकनीक के माध्यम से हल करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। मॉडल में सेंसर, अलर्ट लाइट, सड़क पर कंपन संकेत और सौर ऊर्जा जैसी तकनीकों का उपयोग किया गया है, ताकि अंधे मोड़ों पर विपरीत दिशा से आने वाले वाहनों की जानकारी समय रहते चालकों को मिल सके और संभावित दुर्घटनाओं को टाला जा सके।
इस नवाचार को केवल विज्ञान प्रदर्शनी तक सीमित न रखकर वास्तविक जीवन में उपयोगी बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल हुई है। जहानाबाद में सोलर वेंडर के रूप में कार्यरत कंपनी रुद्रा इंफ्रासर्विस ने दर्शन भारद्वाज को एक आधिकारिक पत्र प्रदान कर उनके प्रोजेक्ट को प्रोटोटाइप के रूप में विकसित करने तथा धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग देने का आश्वासन दिया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस परियोजना को आगे बढ़ाने में जिस प्रकार के फाइनेंशियल और टेक्निकल सपोर्ट की आवश्यकता होगी, उसमें कंपनी अपनी ओर से सहयोग करेगी। यह पहल बाल वैज्ञानिक के नवाचार को वास्तविक सामाजिक उपयोगिता से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इस अवसर पर मानस इंटरनेशनल एजुकेशनल फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार सिन्हा एवं निदेशक निशांत रंजन उपस्थित रहे। दोनों ने दर्शन भारद्वाज के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और समाज की समस्याओं के समाधान की क्षमता विकसित करना आज की शिक्षा की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि विद्यार्थियों के नवाचार को केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उन्हें वास्तविक जीवन में लागू करने के लिए उचित अवसर और प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
विद्यालय परिवार ने इस पहल को बाल वैज्ञानिकों के लिए एक सकारात्मक उदाहरण बताते हुए कहा कि यदि बच्चों के वैज्ञानिक विचारों को संस्थागत और तकनीकी सहयोग मिले तो उनके छोटे-छोटे प्रयोग भविष्य में समाज के लिए बड़े समाधान बन सकते हैं।
दर्शन भारद्वाज अब बेगूसराय में आयोजित होने वाली 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के राज्यस्तरीय कार्यक्रम में जहानाबाद का प्रतिनिधित्व करेंगी। उनका यह प्रोजेक्ट न केवल सड़क दुर्घटनाओं जैसी गंभीर समस्या के समाधान की संभावनाएं प्रस्तुत करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि स्कूली बच्चे स्थानीय समस्याओं को पहचानकर विज्ञान और नवाचार के माध्यम से उनके समाधान की दिशा में सार्थक पहल कर सकते हैं।
Jehanabad News: Innovation by a child scientist from Manas International to receive support as a startup.



















