जहानाबाद/गया। मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद आईपीएस अधिकारी विकास वैभव ने अपने पहले ही महीने में पुलिसिंग के क्षेत्र में कई ऐसे कदम उठाए हैं, जिनकी चर्चा पूरे मगध प्रमंडल में हो रही है। गया, औरंगाबाद, नवादा, जहानाबाद और अरवल जिलों को शामिल करने वाले मगध क्षेत्र में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण, पुलिस जवाबदेही बढ़ाने और जनता के साथ संवाद स्थापित करने की दिशा में उनके नेतृत्व में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। 12 मई 2026 को आईजी मगध का प्रभार संभालने के बाद विकास वैभव ने स्पष्ट संदेश दिया कि पुलिस व्यवस्था में लापरवाही, अनावश्यक विलंब, अवैध वसूली और जांच में निष्क्रियता के लिए कोई स्थान नहीं होगा। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाने का निर्देश दिया और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, वारंटों के क्रियान्वयन तथा संवेदनशील मामलों की प्रभावी निगरानी पर विशेष जोर दिया। जनता से सीधा संवाद, 5000 से अधिक लोगों की सुनी समस्याएं आईजी कार्यालय में नियमित रूप से आयोजित जनता दरबार और शिकायत निवारण कार्यक्रमों के माध्यम से पिछले एक महीने में 5000 से अधिक लोगों से संवाद स्थापित किया गया। इस दौरान 1196 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनके त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। साथ ही 188 महत्वपूर्ण कांडों और 9 विशेष आवेदनों की व्यक्तिगत समीक्षा कर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की गई। यह पहल केवल शिकायत सुनने तक सीमित नहीं रही, बल्कि लोगों में यह विश्वास भी मजबूत हुआ कि उनकी समस्याओं का समाधान सीधे पुलिस नेतृत्व के स्तर पर किया जा रहा है।
जवाबदेही आधारित पुलिसिंग की शुरुआत विकास वैभव ने अपने कार्यकाल की शुरुआत से ही जवाबदेही आधारित पुलिसिंग पर जोर दिया। विभिन्न शिकायतों और अनियमितताओं के मामलों में पांच पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। इनमें गया, जहानाबाद और अन्य जिलों के पुलिस पदाधिकारी शामिल हैं।

इस कार्रवाई ने पुलिस बल के भीतर स्पष्ट संदेश दिया कि कार्य में पारदर्शिता, ईमानदारी और उत्तरदायित्व से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।जिलों का दौरा कर जमीनी हकीकत से हुए रूबरू
आईजी बनने के बाद विकास वैभव ने मगध क्षेत्र के सभी जिलों का दौरा किया। गया, औरंगाबाद, अरवल, नवादा और जहानाबाद में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें आयोजित कर अपराध नियंत्रण, लंबित कांडों की स्थिति, अनुसंधान की प्रगति, वारंट निष्पादन तथा कानून-व्यवस्था संबंधी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
उन्होंने पुलिस नियंत्रण कक्ष, यातायात व्यवस्था, डायल-112 प्रणाली और विभिन्न थाना क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इससे निगरानी व्यवस्था मजबूत हुई और जिला स्तर पर कार्य संस्कृति में सुधार देखने को मिला। संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई और SIT का गठन गंभीर अपराधों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए आईजी ने कई महत्वपूर्ण घटनाओं का स्वयं घटनास्थल पर जाकर निरीक्षण किया। नवादा जिले के नारदीगंज में पुलिस बल पर हमले तथा गया जिले के गुरुआ में स्वर्ण व्यवसायी लूटकांड जैसे मामलों की गहन समीक्षा की गई। गंभीर मामलों के त्वरित उद्भेदन के लिए विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया गया। औरंगाबाद के ओबरा थाना क्षेत्र के अपहरण कांड, दाउदनगर के चोरी कांड तथा गया के गुरुआ लूटकांड के सफल अनुसंधान में इन टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष रूप से अपहृत बच्चों की सकुशल बरामदगी पुलिस की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। “लोक संवाद गोष्ठी” बनी पुलिस और जनता के बीच सेतु मगध क्षेत्र के सभी थाना क्षेत्रों में “लोक संवाद गोष्ठी” कार्यक्रम शुरू किया गया। स्वयं आईजी विकास वैभव ने कई कार्यक्रमों में भाग लेकर लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। इस पहल के तहत वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, एनआरआई परिवारों, पर्यटकों तथा समाज के कमजोर वर्गों की समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया गया। पुलिस और जनता के बीच संवाद की यह नई व्यवस्था जनविश्वास बढ़ाने में कारगर साबित हो रही है।

सहयोग शिविरों के माध्यम से गांव-गांव पहुंची पुलिस
लखनपुर-मायापुर, बेलागंज, चेरकी और चांदौती सहित कई थाना क्षेत्रों में जिला प्रशासन के सहयोग से विशेष शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया तथा सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।
इन कार्यक्रमों में आईजी स्वयं शामिल हुए और आम नागरिकों से संवाद कर उनकी अपेक्षाओं को समझा। इससे प्रशासन और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता और मजबूत हुआ। अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था में दिखा असर पिछले एक महीने में अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, संवेदनशील स्थलों की निगरानी और त्योहारों के दौरान शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए लगातार अभियान चलाए गए। वाहन जांच, अपराधियों की धरपकड़ और वारंट निष्पादन को गति दी गई। पुलिस मुख्यालय की प्राथमिकताओं के अनुरूप कानून का राज स्थापित करने और निवेशकों के लिए सुरक्षित वातावरण बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई। इसका उद्देश्य केवल अपराध नियंत्रण नहीं, बल्कि क्षेत्र में विकास और निवेश को प्रोत्साहित करना भी है। एक महीने में दिखी नई कार्यशैली आईजी विकास वैभव के पहले महीने का कार्यकाल यह संकेत देता है कि मगध क्षेत्र में पुलिसिंग का फोकस केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता के साथ विश्वास का रिश्ता बनाने, जवाबदेही तय करने और पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने पर भी है। जनसुनवाई, अनुशासनात्मक कार्रवाई, क्षेत्रीय भ्रमण, लोक संवाद गोष्ठी, एसआईटी गठन और संवेदनशील मामलों में त्वरित हस्तक्षेप जैसे कदमों ने यह संदेश दिया है कि मगध पुलिस अब अधिक सक्रिय, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है। एक महीने की उपलब्धियां यह बताने के लिए पर्याप्त हैं कि विकास वैभव के नेतृत्व में मगध क्षेत्र में पुलिसिंग की नई कार्यसंस्कृति विकसित हो रही है, जहां सुशासन, संवेदनशीलता और जनविश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
Bihar News: A new chapter of change in Magadh—impact of good governance, accountability, and public trust visible within a month under the leadership of IG Vikas Vaibhav.



















