बिहार एनडीए में सीट बंटवारे पर सहमति बन गई है। बीजेपी और जेडीयू 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी, जबकि लोजपा(आर), हम और आरएलएम को तय सीटें दी गई हैं।
Bihar NDA Seat Sharing Finalized: BJP and JDU to Contest 101-101 Seats
बिहार एनडीए में सीट बंटवारा फाइनल: बीजेपी-जेडीयू 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेगी
Bihar NDA Seat Sharing Finalized: BJP-JDU to Contest 101-101 Seats, Allies Satisfied
बिहार में एनडीए ने फाइनल किया सीट शेयरिंग फार्मूला
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महीनों से चल रही सीट बंटवारे की खींचतान आखिरकार खत्म हो गई है। एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के घटक दलों के बीच सीटों का बंटवारा औपचारिक रूप से तय हो गया है।
इस समझौते के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) दोनों 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। वहीं, चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) को 29 सीटें, उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक जनशक्ति मंच (RLM) को 6 सीटें, और जीतन राम मांझी की हम (Hindustani Awam Morcha) को भी 6 सीटें दी गई हैं।
यह समझौता न केवल एनडीए के भीतर तालमेल की मिसाल है बल्कि लंबे समय से चली आ रही सीटों की जद्दोजहद को समाप्त करने वाला भी साबित हुआ है।
बीजेपी-जेडीयू के बीच बराबर सीटों का फॉर्मूला
पिछले कई चुनावों में यह देखा गया था कि बिहार एनडीए के भीतर बीजेपी और जेडीयू के बीच सीटों का अनुपात विवाद का कारण बनता रहा है।
लेकिन इस बार दोनों दलों ने बराबर सीटों (101-101) पर सहमति जताकर एक संतुलित फॉर्मूला तैयार किया है।
बीजेपी नेता धर्मेंद्र प्रधान और जेडीयू नेता संजय झा ने सोशल मीडिया पर इस समझौते की घोषणा की।
संजय झा ने अपने पोस्ट में लिखा –
हम NDA के साथियों ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में सीटों का वितरण पूर्ण किया है।
— Sanjay Kumar Jha (@SanjayJhaBihar) October 12, 2025
JDU – 101
BJP – 101
LJP(R)- 29
RLM – 06
HAM – 06
एनडीए के सभी दलों के नेता और कार्यकर्ता साथी इसका हर्ष के साथ स्वागत करते हैं और मुख्यमंत्री @NitishKumar जी को प्रचंड बहुमत के साथ फिर से…
“हम एनडीए के साथियों ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में सीटों का वितरण पूर्ण किया है।
JDU – 101, BJP – 101, LJP(R) – 29, RLM – 06, HAM – 06।
एनडीए के सभी दलों के नेता और कार्यकर्ता साथी इसका हर्ष के साथ स्वागत करते हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को प्रचंड बहुमत के साथ फिर से मुख्यमंत्री बनाने के लिए संकल्पित हैं।”
इसी तरह, धर्मेंद्र प्रधान ने भी पोस्ट करते हुए लिखा –
“हम एनडीए के साथियों ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में सीटों का वितरण पूर्ण किया। बिहार है तैयार, फिर से एनडीए सरकार।”
चिराग पासवान को मिला सम्मानजनक हिस्सा
इस बार के सीट बंटवारे में लोजपा (रामविलास) को 29 सीटें दी गई हैं।
2020 के विधानसभा चुनाव के बाद से ही चिराग पासवान और जेडीयू के बीच रिश्ते तल्ख बने हुए थे।
लेकिन इस बार बीजेपी के मध्यस्थता करने के बाद सभी मतभेद खत्म होते दिख रहे हैं।
चिराग पासवान ने इस बंटवारे पर संतोष जताते हुए कहा कि उनकी पार्टी एनडीए गठबंधन के साथ मजबूती से चुनाव लड़ेगी और बिहार में विकास की राजनीति को आगे बढ़ाएगी।
लोजपा(आर) को इस बार जिन इलाकों से सीटें मिली हैं, वे दलित वोटबैंक और युवा मतदाताओं के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक, यह समझौता एनडीए को सामाजिक संतुलन और जातीय समीकरण दोनों में मजबूती देगा।
जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा भी खुश
हम (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा) के प्रमुख जीतन राम मांझी और उनके बेटे संतोष सुमन ने भी सीट बंटवारे को लेकर संतोष जताया है।
संतोष सुमन ने एक्स (Twitter) पर पोस्ट करते हुए लिखा –
“हम एनडीए साथियों ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में सीटों का वितरण पूरा किया। BJP – 101, JDU – 101, LJP(R) – 29, RLM – 06, HAM – 06।
एनडीए के सभी दलों के नेता और कार्यकर्ता इसका हर्षपूर्वक स्वागत करते हैं।”
उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम (राष्ट्रीय लोक जनशक्ति मंच) को भी छह सीटें मिली हैं। कुशवाहा ने कहा कि यह बंटवारा सभी दलों के सम्मान को ध्यान में रखकर किया गया है और अब सभी एकजुट होकर नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार दोबारा बनाएंगे।
जेडीयू को छोड़नी पड़ी 14 सीटें
अगर पिछले चुनाव से तुलना करें तो इस बार के बंटवारे में जेडीयू को 14 सीटें छोड़नी पड़ी हैं, जबकि बीजेपी की 9 सीटें गई हैं।
2020 में जेडीयू ने 115 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जबकि बीजेपी ने 110 सीटों पर।
लेकिन इस बार संतुलन बनाए रखने के लिए दोनों पार्टियों ने 101 सीटों पर सहमति जताई।
यह निर्णय गठबंधन की एकजुटता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एनडीए में एकजुटता का संदेश
सीट बंटवारे की घोषणा के साथ ही एनडीए ने एकजुटता और स्थिरता का मजबूत संदेश दिया है।
भाजपा, जेडीयू, लोजपा(आर), हम और आरएलएम के नेताओं ने मिलकर बयान जारी किया कि वे एकजुट होकर बिहार के विकास के लिए चुनाव लड़ेंगे।
जेडीयू के एक वरिष्ठ नेता ने कहा,
“बिहार के मतदाता अब स्थिर सरकार चाहते हैं। पिछले कुछ वर्षों में जो विकास हुआ है, उसे आगे बढ़ाने के लिए एनडीए सबसे मजबूत विकल्प है।”
भाजपा के बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव ने कहा,
“हमारा उद्देश्य सत्ता नहीं, सेवा है। बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एनडीए एक परिवार की तरह काम कर रहा है।”
पिछले चुनाव का समीकरण और इस बार की रणनीति
2020 के विधानसभा चुनाव में एनडीए ने कुल 243 सीटों में से 125 सीटें जीती थीं, जबकि महागठबंधन को 110 सीटें मिली थीं।
जेडीयू की सीटें तब कम हो गई थीं, लेकिन बीजेपी ने बेहतर प्रदर्शन किया था।
इस बार दोनों दलों ने बराबर सीटों का फॉर्मूला अपनाकर संभावित नाराजगी से बचने की कोशिश की है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फॉर्मूले से एनडीए के वोट बैंक में सामंजस्य बढ़ेगा और विपक्षी महागठबंधन को चुनौती देना आसान होगा।
सोशल मीडिया पर ‘फिर से एनडीए सरकार’ का नारा ट्रेंड में
सीट बंटवारे के ऐलान के बाद एनडीए समर्थकों ने सोशल मीडिया पर #BiharHaiTayyar और #PhirSeNDASarkar जैसे हैशटैग ट्रेंड करा दिए।
बीजेपी और जेडीयू के कार्यकर्ताओं ने इसे ऐतिहासिक निर्णय बताया और कहा कि यह गठबंधन बिहार की जनता के लिए स्थिर विकास की गारंटी है।
क्या इस बार एनडीए दोबारा सत्ता में लौटेगा?
हालांकि सीट बंटवारे के बाद एनडीए में उत्साह है, लेकिन मुकाबला अभी भी कड़ा रहने वाला है।
महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस-लेफ्ट) पहले से ही चुनावी मोड में है और ग्रामीण इलाकों में सक्रिय है।
एनडीए की चुनौती यह होगी कि वह अपनी एकजुटता को वोट में तब्दील कर सके।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर एनडीए अपने पिछले प्रदर्शन को दोहरा पाता है, तो नीतीश कुमार एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की कुर्सी संभाल सकते हैं।
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Author: AK
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