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सीपीआईएम (माकपा) के नए महासचिव बने एमए बेबी, जानें कौन है एमए बेबी

Former Kerala Minister MA Baby elected as New General Secretary of CPI(M)

भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी माकपा की 24वीं ऑल इंडिया पार्टी बैठक हुई। इस बैठक में एमए बेबी को माकपा का नया महासचिव नियुक्त किया गया है।
पार्टी के शीर्ष पद पर पहुंचने वाले एमए बेटी अल्पसंख्यक वर्ग के पहले नेता हैं। एमए बेबी माकपा महासचिव बनने वाले केरल के दूसरे नेता हैं। बेबी से पहले सीपीआईएम के दिग्गज नेता ईएमएस नंबूदरीपाद भी महासचिव पद पर रह चुके हैं। प्रकाश करात का भी ताल्लुक केरल से है और वे साल 2005 से लेकर 2015 तक पार्टी के महासचिव पद पर थे, लेकिन वे माकपा की दिल्ली यूनिट से जुड़े हुए थे।

Former Kerala Minister MA Baby elected as New General Secretary of CPI(M)

बता दें कि भारतीय मार्क्सवादी राजनीतिज्ञ और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव सीताराम येचुरी के निधन के बाद से ही माकपा का महासचिव पद खाली था। इस पद की रेस में एमए बेबी के साथ ही ऑल इंडिया किसान सभा के अध्यक्ष अशोक धावाले का नाम भी शामिल था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं सूर्य कांत मिश्रा, नीलोत्पल बसु, मोहम्मद सलीम और रामचंद्र डोमे ने अशोक धावाले के नाम का समर्थन किया था। हालांकि बाद में एमए बेबी का पलड़ा भारी पड़ा और वे माकपा के नए महासचिव नियुक्त किए गए।

कौन हैं मरियम अलेक्जेंडर बेबी?

Former Kerala Minister MA Baby elected as New General Secretary of CPI(M)

एमए बेबी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत केरल छात्र संघ से की थी। वे एसएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने और सीपीआई एम की यूथ विंग डीवाईएफआई के भी अध्यक्ष बने। वे उन छात्र नेताओं में से एक थे, जिन्हें आपातकाल के दौरान छात्रों और युवाओं को संगठित करने के लिए जाना जाता था और उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। 32 साल की उम्र में बेबी ने 1986 में सबसे युवा सांसदों में से एक के रूप में राज्यसभा में एंट्री की और 1998 तक राज्यसभा में रहे। बेबी को पार्टी के भावी नेताओं में से एक माना जाता था और उन्हें 1999 में सीपीआई एम केंद्रीय समिति में शामिल किया गया था। हालांकि, केरल सीपीआई एम में मंथन और बदलते समीकरणों ने पार्टी में उनके विकास को कम कर दिया।बेबी को पिनाराई विजयन , कोडियेरी बालाकृष्णन जैसे अन्य नेताओं से पीछे करते हुए बेबी ने 2006 में कुंदरा विधानसभा सीट से जीत हासिल की और वीएस अच्युतानंदन मंत्रिमंडल में 2006 से 2011 के बीच राज्य के शिक्षा मंत्री के रूप में भी काम किया। मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल उथल-पुथल भरा रहा। बेबी पर स्कूली किताबों में नास्तिकता को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया गया।

बेबी 2011 में कुंदरा से फिर से चुने गए और एक साल बाद कोझिकोड में पार्टी कांग्रेस के दौरान उन्हें सीपीआईए के पोलित ब्यूरो में शामिल किया गया। हालांकि, वे 2014 के लोकसभा चुनाव में कोल्लम सीट से कांग्रेस समर्थित आरएसपी नेता एनके प्रेमचंद्रन से हार गए। संगीत, सिनेमा और साहित्य में गहरी रुचि रखने वाले बेबी को केरल में पार्टी का सांस्कृतिक चेहरा माना जाता है

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AK
Author: AK

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