
जहानाबाद, पतंजलि पीठ की इकाई द्वारा भारत माता के वीर सपूत, महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 128वीं जयंती पराक्रम दिवस के रूप में तिवारी भवन में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस कार्यक्रम का नेतृत्व डॉ. उदय कुमार तिवारी ने किया, जबकि संचालन की जिम्मेदारी भारत स्वाभिमान के प्रभारी मयंक मौलेश्वर ने निभाई।
कार्यक्रम की शुरुआत नेताजी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पण से हुई। इस अवसर पर वक्ताओं ने नेताजी के अद्भुत व्यक्तित्व, साहसिक कृतित्व और उनके राष्ट्रवादी विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
मगध चेतना मंच के अध्यक्ष एवं युवा भारत के सोशल मीडिया प्रभारी अनिल कुमार सिंह ने कहा कि यदि नेताजी के नेतृत्व में देश आज़ाद हुआ होता, तो आज भारत का इतिहास ही नहीं, भूगोल भी अलग होता। उन्होंने यह भी कहा कि नेताजी की मृत्यु आज भी एक रहस्य बनी हुई है, जिसे जानने का अधिकार प्रत्येक देशभक्त को है। उन्होंने सरकार से इस रहस्य पर से पर्दा उठाने की मांग की।
मयंक मौलेश्वर ने कहा कि हमें नेताजी के सपनों का भारत बनाने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए, चाहे हम किसी भी क्षेत्र में कार्यरत हों।
इस कार्यक्रम में अर्जुन पंडित, बृजकिशोर विश्वकर्मा, नरेश शर्मा, रामप्रवेश विश्वकर्मा, अशोक कुमार, लाला जी, सुजीत कुमार, दीपक कुमार तिवारी, सुमन शर्मा, संगीता कुमारी, भूपेंद्र पांडे, गोरेलाल यादव एवं संरक्षक संजय कुमार आर्य सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सभा के समापन के उपरांत डॉ. उदय तिवारी ने सभी उपस्थित जनों को जलपान कराया और देशभक्ति की भावना से सदैव ओतप्रोत रहने का आह्वान किया।
Author: AK
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