दिल्ली-NCR में आंधी और बारिश से राहत, जबकि बिहार-यूपी में लू का खतरा बढ़ा। जानिए IMD का ताजा मौसम पूर्वानुमान और मानसून अपडेट।
Weather Update: Rain in Delhi-NCR, Heatwave Alert for Bihar-UP
परिचय
जून का पहला सप्ताह देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग मौसम की तस्वीर पेश कर रहा है। एक ओर दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड जैसे क्षेत्रों में आंधी और बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों को भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ सकता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस सप्ताह के लिए जारी अपने ताजा पूर्वानुमान में देश के कई राज्यों में तेज हवाओं, बारिश, ओलावृष्टि और हीटवेव की चेतावनी दी है। इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिम मानसून के केरल में प्रवेश को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस सप्ताह देश में मौसम की गतिविधियां काफी सक्रिय रहेंगी। कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश होगी, जबकि कुछ क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह का पालन करना बेहद जरूरी हो जाता है।
दिल्ली-NCR में बदलेगा मौसम का मिजाज
आंधी और बारिश से मिलेगी राहत
दिल्ली-एनसीआर के लोगों को पिछले कुछ दिनों से गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह राजधानी और आसपास के इलाकों में मौसम का मिजाज बदल सकता है।
पूर्वानुमान के अनुसार 1 से 7 जून के बीच दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। कई इलाकों में धूल भरी आंधी भी चलने की संभावना है।
तेज हवाएं बढ़ाएंगी सतर्कता
मौसम विभाग ने बताया है कि दिल्ली-एनसीआर में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। कुछ स्थानों पर यह गति और अधिक भी हो सकती है।
ऐसी स्थिति में पेड़ों के गिरने, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने और यातायात में बाधा आने की संभावना रहती है। इसलिए लोगों को अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश का अनुमान
पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड में सक्रिय रहेगा मौसम
दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण इन क्षेत्रों में बादल छाए रह सकते हैं और कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
किसानों को मिल सकती है राहत
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश कई क्षेत्रों में किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। इससे मिट्टी में नमी बढ़ेगी और खरीफ फसलों की तैयारी में मदद मिलेगी।
हालांकि अत्यधिक बारिश या ओलावृष्टि होने पर कुछ फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है।
किन राज्यों में ओलावृष्टि की संभावना?
उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर नजर
मौसम विभाग ने उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में ओले गिरने की संभावना जताई है।
ओलावृष्टि आमतौर पर फसलों, वाहनों और खुले स्थानों पर मौजूद लोगों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। इसलिए इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र भी प्रभावित
मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में भी ओलावृष्टि की संभावना व्यक्त की गई है। इसके साथ तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती हैं।
बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बढ़ेगा गर्मी का असर
लू चलने की चेतावनी
जहां देश के कई हिस्सों में बारिश राहत लेकर आएगी, वहीं बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए मौसम विभाग की चेतावनी चिंता बढ़ाने वाली है।
पूर्वानुमान के अनुसार 3 से 7 जून के बीच बिहार और उससे सटे उत्तर प्रदेश के इलाकों में हीटवेव यानी लू चलने की संभावना है।
तापमान में हो सकती है वृद्धि
विशेषज्ञों का कहना है कि इन क्षेत्रों में दिन का तापमान सामान्य से कई डिग्री अधिक रह सकता है। तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल सकती हैं।
विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
लू से बचने के लिए लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, धूप में निकलने से बचने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी जाती है।
दोपहर के समय अनावश्यक यात्रा से बचना भी स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता है।
पूर्वी भारत में कैसा रहेगा मौसम?
बिहार, झारखंड और ओडिशा में बारिश की संभावना
हालांकि बिहार के कुछ हिस्सों में लू की चेतावनी है, लेकिन मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि बिहार, झारखंड और ओडिशा के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
उमस बढ़ा सकती है परेशानी
पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम और मेघालय में मौसम गर्म और उमस भरा रह सकता है। बारिश के बावजूद नमी अधिक रहने के कारण लोगों को असहजता महसूस हो सकती है।
दक्षिण भारत में मानसून की दस्तक
केरल में मानसून प्रवेश की संभावना
देशभर की निगाहें इस समय दक्षिण-पश्चिम मानसून पर टिकी हुई हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में मानसून केरल में प्रवेश कर सकता है।
यह भारत में मानसून सीजन की औपचारिक शुरुआत मानी जाती है। इसके बाद मानसून धीरे-धीरे पूरे देश की ओर बढ़ता है।
तमिलनाडु और लक्षद्वीप में भी असर
केरल के साथ-साथ लक्षद्वीप और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी मानसून की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
इन क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है।
मानसून की प्रगति क्यों महत्वपूर्ण है?
कृषि अर्थव्यवस्था से जुड़ा है मानसून
भारत की बड़ी आबादी आज भी कृषि पर निर्भर है। इसलिए मानसून का समय पर आना और पर्याप्त बारिश होना देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
धान, मक्का, सोयाबीन और कई अन्य खरीफ फसलें मानसूनी बारिश पर निर्भर करती हैं।
जल संसाधनों पर प्रभाव
मानसून केवल खेती ही नहीं बल्कि जलाशयों, नदियों और भूजल स्तर को भी प्रभावित करता है। पर्याप्त बारिश होने पर पेयजल और सिंचाई की स्थिति बेहतर रहती है।
इस बार सामान्य से कम बारिश का अनुमान
IMD का संशोधित पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने अपने संशोधित पूर्वानुमान में संकेत दिया है कि इस वर्ष देश में सामान्य से कम बारिश हो सकती है।
अनुमान के अनुसार पूरे मानसून सीजन में वर्षा दीर्घकालिक औसत (LPA) के लगभग 90 प्रतिशत तक रह सकती है।
क्या होता है LPA?
LPA यानी लॉन्ग पीरियड एवरेज किसी क्षेत्र में लंबे समय के दौरान हुई औसत वर्षा को दर्शाता है।
भारत में 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर मानसूनी वर्षा का औसत लगभग 87 सेंटीमीटर माना जाता है।
यदि मानसून के दौरान बारिश इस औसत के 90 प्रतिशत से कम रहती है, तो उसे कम वर्षा वाला मानसून माना जाता है।
अल नीनो का क्या असर पड़ सकता है?
मौसम वैज्ञानिकों की चिंता
मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष अल नीनो की स्थिति विकसित होने की संभावना है। अल नीनो एक जलवायु घटना है जो प्रशांत महासागर के तापमान में बदलाव के कारण उत्पन्न होती है।
भारत में बारिश पर प्रभाव
अल नीनो का असर अक्सर भारतीय मानसून पर देखा जाता है। इसके कारण मानसून कमजोर पड़ सकता है और कई क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है।
हालांकि मौसम वैज्ञानिक लगातार परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं और समय-समय पर नए अपडेट जारी करेंगे।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
आंधी और बारिश के दौरान
- खुले मैदानों में जाने से बचें।
- पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें।
- वाहन सावधानी से चलाएं।
- मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें।
लू के दौरान
- पर्याप्त पानी पीते रहें।
- दोपहर में बाहर निकलने से बचें।
- हल्के और सूती कपड़े पहनें।
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
निष्कर्ष
इस सप्ताह देश का मौसम काफी विविधता भरा रहने वाला है। दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में आंधी और बारिश से राहत मिलने की संभावना है, जबकि बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में लू लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। वहीं दक्षिण भारत में मानसून की दस्तक का इंतजार भी लगभग समाप्त होता दिखाई दे रहा है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार लोगों को अपने-अपने क्षेत्रों की मौसम चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए और आवश्यक सावधानियां अपनानी चाहिए। बदलते मौसम के बीच सतर्कता ही सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है।
Author: AK
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