शबाना आजमी और नसरुद्दीन शाह टूकड़े-टूकड़े गैंग के हिस्सा- भाजपा मंत्री

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टूकड़े-टूकड़े गैंग. यह शब्द उस वक्त काफी चर्चा में था जब दिल्ली हिंसा के चपेट में थी और जेएनयू में खूब भयंकर लड़ाई भी हुई। टीवी शो पर प्राइम टाइम में भी इसपर खूब कवरेज की गई। सरकार से सवाल भी पूछे गए और फिर इसपर आरटीआई भी लगाया गया कि आखिर यह टूकड़े-टूकड़े गैंग हैं कौन? हालांकि केंद्र सरकार द्वारा इसके जवाब में कहा गया कि उसे भी नहीं पता कि ये टूकड़े-टूकड़े गैंग कौन हैं। लेकिन ऐसा लगता है कि अब मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा इसका सर्टिफिकेट बांटने का कारोबार संभाल लिया है। नरोत्तम मिश्रा ने शनिवार को फिल्म हस्तियों शबाना आज़मी, नसीरुद्दीन शाह, जावेद अख्तर को टुकड़े-टुकड़े गैंग का एजेंट बता दिया। मध्य प्रदेश के मंत्री ने दोनों अभिनेताओं और गीतकार पर केवल बीजेपी शासित राज्यों में मुद्दों पर मुखर होने का आरोप लगाया।
नरोत्तम मिश्रा ने कहा, शबाना आजमी, नसीरुद्दीन शाह जैसे लोग टुकड़े-टुकड़े गैंग के स्लीपर सेल के एजेंट हैं, जो सिर्फ भाजपा शासित राज्यों में हुई घटनाओं पर ही हल्ला मचाते हैं, जबकि कांग्रेस शासित राजस्थान और झारखंड जैसे राज्यों में हो रही घटनाओं पर मौन रहते हैं। अब ऐसे लोगों की कलई खुल चुकी है। आप भी सुनिए उनकी यह वीडियो-
शबाना आजमी, नसीरुद्दीन शाह जैसे लोग टुकड़े-टुकड़े गैंग के स्लीपर सेल के एजेंट है जो सिर्फ भाजपा शासित राज्यों में हुई घटनाओं पर ही हल्ला मचाते हैं, जबकि कांग्रेस शासित राजस्थान और झारखंड जैसे राज्यों में हो रही घटनाओं पर मौन रहते हैं। अब ऐसे लोगों की कलई खुल चुकी हैं। pic.twitter.com/fPpaTLKbzx
— Dr Narottam Mishra (@drnarottammisra) September 2, 2022
नरोत्तम मिश्रा ऐसा क्यों बोल रहे हैं तो उसका सबसे बड़ा उदाहरण है शबाना आज़मी का बिलकीस बानो मामले में खूब जमकर सरकार को लताड़ लगाना। इस केस में दोषियों को 15 साल जेल में रहने के बाद गुजरात सरकार ने रिहा कर दिया था। शबाना आजमी ने कहा था कि मेरे पास (बिलकीस बानो के लिए) शब्द नहीं हैं, सिवाय इसके कि मैं बहुत शर्मिंदा हूं। मेरे पास और कोई शब्द नहीं हैं। विलकिस बानो पर बयान और कन्हैया लाल और झारखंड में जिंदा जलाई गई महिला पर शबाना आज़मी का चुप्पी साधना शायद नरोत्तम मिश्रा को बर्दास्त नहीं हुआ और उन्होंने कहा कि शबाना आजमी ने राजस्थान में कन्हैया लाल की हत्या या झारखंड में जिंदा जलाई गई महिला के बारे में कुछ नहीं कहा। टुकड़े-टुकड़े गैंग या पुरस्कार-वापसी गिरोह इन्हें बिल्कुल नहीं देखते हैं। यह उनकी बुरी मानसिकता को उजागर करता है। कोई उन्हें सभ्य या धर्मनिरपेक्ष कैसे कह सकता है?
इससे पहले भी नरोत्तम मिश्रा दुमका मर्डर केस मामले में भी राजस्थान सरकार पर भड़क गए। राजस्थान सरकार पर बरसते हुए कहा था कि अपने विधायकों को तो चार्टर प्लेन में पर्यटन करवा रही हैं कमलनाथ की सरकार, लेकिन जो बेटी तड़प-तड़प कर दम तोड़ दी उसके लिए कोई प्लेन की व्यवस्था नहीं की गई। ये वह मानसिकता है जो चुनाव मे लड़की हूं लड़ सकती हूं का नारा देती है। चुनाव में चार्टर प्लेन खड़ा होने की बात करते रहे, लेकिन जब पूरा प्रदेश बाढ़ में डूब गया तो उस वक्त हेलिकॉप्टर नहीं मिल पाया था।
Author: AK
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