गुरु, जनवरी 15, 2026

राष्ट्रपति मुर्मू ने 4 हस्तियों को मरणोपरांत भारत रत्न से किया सम्मानित, आडवाणी उपस्थित नहीं हो सके

President Murmu honored 4 personalities with Bharat Ratna posthumously, Advani could not attend

लोकसभा चुनाव की सियासी सरगर्मियों के बीच राजधानी दिल्ली में देश का सर्वोच्च नागरिक और प्रतिष्ठित ‘भारत रत्न’ सम्मान दिए गए । शनिवार को राजधानी दिल्ली में स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 4 हस्तियों को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर और कृषि वैज्ञानिक डॉ एमएस स्वामीनाथन शामिल हैं।

वहीं भाजपा के सीनियर नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री लालकृष्ण आडवाणी इस कार्यक्रम में खराब स्वास्थ्य की वजह से उपस्थित नहीं हुए । लालकृष्ण आडवाणी को 31 मार्च को भारत रत्न दिया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रविवार को आडवाणी के घर जाकर उन्हें सम्मानित करेंगी। तबीयत खराब होने के कारण आज वे नहीं आ सके। आडवाणी के घर पीएम मोदी, गृह मंत्री शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्‌डा मौजूद रहेंगे। नरसिम्हा राव के बेटे पीवी प्रभाकर राव, चौधरी चरण सिंह के पोते जयंत चौधरी, कर्पूरी ठाकुर के बेटे रामनाथ ठाकुर और एमएस स्वामीनाथन की बेटी नित्या राव ने राष्ट्रपति से यह सम्मान लिया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री शाह, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत तमाम केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे। केंद्र ने इस साल 5 हस्तियों को भारत रत्न सम्मान देने का एलान किया था । 2014 में सत्ता संभालने के बाद से मोदी के कार्यकाल में मदन मोहन मालवीय, अटल बिहारी वाजपेयी, प्रणब मुखर्जी, भूपेन हजारिका और नानाजी देशमुख को यह सम्मान मिल चुका है। 2024 के 5 हस्तियों को मिलाकर इस सम्मान को अब तक हासिल करने वालों की संख्या 53 हो जाएगी।

बता दें कि राष्ट्रपति मुर्मू ने 23 जनवरी को कर्पूरी ठाकुर की 100वीं जयंती से एक दिन पहले उन्हें भारत रत्न देने की घोषणा की थी। कर्पूरी ठाकुर दो बार बिहार के मुख्यमंत्री और एक बार डिप्टी सीएम रहे थे। वे पिछड़े वर्गों के हितों की वकालत करने के लिए जाने जाते हैं। पीएम मोदी ने 9 फरवरी को डॉ एमएस स्वामीनाथन, पीवी नरसिम्हा राव और चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न (मरणोपरांत) देने का एलान किया था। स्वामीनाथन एक कृषि वैज्ञानिक थे। उन्हें भारत में ‘हरित क्रांति’ का जनक कहा जाता है। नरसिम्हा राव देश के 9वें प्रधानमंत्री थे। चरण सिंह भारत के पांचवें प्रधानमंत्री थे. वे उत्तर प्रदेश के 5वें मुख्यमंत्री भी रहे थे। उन्होंने किसानों के अधिकार और उनके कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था।

बता दें कि भारत रत्न’ देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह सम्मान असाधारण और सर्वोच्च सेवा को मान्‍यता देने के लिए दिया जाता है। यह सम्मान राजनीति, कला, साहित्‍य, विज्ञान के क्षेत्र में किसी विचारक, वैज्ञानिक, उद्योगपति, लेखक और समाजसेवी को दिया जाता है। भारत रत्न देने की शुरुआत 2 जनवरी, 1954 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने की थी। यह सम्मान सबसे पहले स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी, पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन और वैज्ञानिक डॉक्टर चंद्रशेखर वेंकट रमन को 1954 में दिया गया था। तब से कई लोगों को अपने-अपने क्षेत्र में उत्‍कृष्‍ट योगदान देने के लिए यह सम्मान दिया जा चुका है। साल 1954 में भारत रत्न केवल जीवित व्यक्ति को ही दिया जाता था, लेकिन 1955 में मरणोपरांत भी भारत रत्न दिए जाने का प्रावधान जोड़ा गया। देश के प्रधानमंत्री भारत रत्न के लिए किसी व्यक्ति के नाम की सिफारिश राष्ट्रपति को करते हैं। पुरस्कार पाने वाले को एक मेडल और सर्टिफिकेट दिया जाता है, जिसपर राष्ट्रपति का साइन होता है। मेडल में तांबे के बने पीपल के पत्ते पर प्लैटिनम का चमकता सूर्य बना हुआ है। पत्ते का किनारा भी प्लैटिनम का होता है। मेडल के नीचे चांदी से हिंदी में भारत रत्न लिखा होता है। पीछे की तरफ अशोक स्तंभ के नीचे हिंदी में सत्यमेव जयते लिखा होता है। इस सम्मान के साथ कोई धनराशि नहीं दी जाती है। 2020 से 2023 के बीच किसी को भी भारत रत्न पुरस्कार नहीं दिया गया है।

Abhishek Kumar
Author: Abhishek Kumar

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