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Bihar News: बिहार की राजनीति में खलबली: जदयू के पांच बड़े नेताओं ने थामा राजद का दामन, आखिर नीतीश कुमार से क्यों हुए नाराज?

🔹 कटिहार में जेडीयू को बड़ा झटका, वरिष्ठ नेताओं ने थामा आरजेडी का हाथ
🔹 निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री से जेडीयू नेताओं में बढ़ी नाराजगी
🔹 जेडीयू छोड़ने वाले नेताओं का आरोप – ‘अब यह पार्टी भाजपा के इशारे पर चल रही है’
🔹 पार्टी में असंतोष बढ़ा, क्या पिता-पुत्र की राजनीति से जेडीयू हो रही कमजोर?
🔹 राजनीतिक उठा-पटक के बीच बिहार में चुनावी समीकरण में बड़ा बदलाव

बिहार में इन दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके बेटे दोनों काफी चर्चा में हैं। कारण है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री की। एक ओर जहां नीतीश कुमार राजद और कांग्रेस को पारिवारिक पार्टी कहते थें वहीं दूसरी ओर खुद के बेटे निशांत को सीएम नीतीश कुमार सीएम आवास पर हुए होली पार्टी में सब नेताओं ओर अधिकारियों के साथ परिचय करवाते नजर आए। होली मिलन के आयोजन में पहुंचे प्रत्यक्षदर्शियों का मानना था कि पार्टी कार्यकर्ता और नेता उन्हें कुछ ज्यादा ही तवज्जो दे रहे थे। नीतीश कुमार के आंख और कान माने जाने वाले जेडीयू नेता प्रदेश में मंत्री संजय झा और विजय चौधरी जिस तरह निशांत के साथ गुफ्तगू कर रहे थे वो भी बहुत कुछ कह रहा था। इस तरह नीतीश कुमार ने निशांत के जेडीयू में आने की खुद कोई औपचारिक घोषणा तो नहीं की पर औपचारिक तरीके से बहुत कुछ कह दिया है। नीतीश कुमार के इस कदम से पार्टी के वरिष्ठ नेता समेत कई नेताओं में नाराजगी नजर आने लगी है और कुछ नेता अब पार्टी छोड़कर खिसकने भी लगे हैं।
साथ ही निशांत के पार्टी में आने पर पिता पुत्र के समझौते की बता कर बड़ा आरोप लगा रहे हैं। सबसे बड़ी बात कटिहार के काफी पुराने एक बीजेपी नेता नलीन मंडल भी बीजेपी को छोड़कर आरजेडी में शामिल हुए हैं।

कटिहार जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं ने छोड़ा दामन

दरअसल मंगलवार को लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल में मिलन समारोह का आयोजन हुआ, जिसमें कटिहार के रहने वाले जेडीयू के वरिष्ठ नेता समरेंद्र कुणाल ने कटिहार जिला स्तर के अन्य चार नेताओं के साथ आरजेडी का दामन थाम लिया। इनकी सदस्यता आरजेडी के प्रदेश प्रधान महासचिव रणविजय साहू ने दिलाई। सबसे बड़ी बात है कि यह सभी पांचो नेता पहले से आरजेडी में ही थे और अप्रैल 2024 में राजद को छोड़कर जेडीयू में शामिल हुए थे, लेकिन मात्र 11 महीने में ही जेडीयू में रह सके और अब जब निशांत कुमार के आने की चर्चा उठने लगी तो पार्टी बदल दिए।
हालांकि चुनाव के वक्त दल की अदला बदली कोई नई बात नहीं है, लेकिन इन पांच नेताओं में सबसे प्रमुख समरेंद्र कुणाल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और निशांत कुमार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि यह पिता पुत्र अब पार्टी चलाने के लिए आपस में समझौता कर रहे हैं। समरेंद्र कुणाल ने कहा कि हम लोग कुछ उम्मीद लेकर जेडीयू में गए थे, लेकिन अब जेडीयू नहीं भाजेडीयू हो गई है और पूरी तरह बीजेपी के इशारे पर चल रही है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूरी तरह थक चुके हैं और वह पार्टी और सरकार चलाने में सक्षम नहीं है।।अब थक हार कर वह बेटे को आगे कर रहे हैं। 50 वर्ष की उम्र में अब उनका बेटा राजनीति में जब कदम रखेगा तो जनता के लिए क्या कर पाएगा। अब जेडीयू पूरी तरह कमजोर हो गई है और हम लोग को राजनीति में अपना भविष्य तलाशना है। इसलिए हम जेडीयू को त्याग कर अपने पुराने घर आरजेडी में वापसी कर ली है।

आरजेडी को छोड़ जेडीयू में शामिल हुए थे

जेडीयू का दामन छोड़ राजद में शामिल होने वाले नेताओं ने बताया कि हम पांच नेता एक साथ 11 महीना पहले आरजेडी को छोड़कर जेडीयू शामिल हुए थे और से पुनः फिर पांचों एक साथ जेडीयू को छोड़कर आरजेडी में शामिल हो गए हैं। आज जेडीयू से आरजेडी में शामिल होने वाले नेता में समरेंद्र कुणाल के अलावा विनोद शाह, कटिहार जिला महासचिव जेडीयू, नदीम इकबाल, प्रीतम सिंह, विकास सिंह हैं। ये सभी कटिहार जिला के जेडीयू नेता रहे थे, लेकिन कोई पद नहीं दिया गया था।

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AK
Author: AK

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